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मध्य प्रदेशआय सहायतासक्रियअपडेट 24 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना

PM-KISAN के ऊपर राज्य की ओर से सालाना ₹6,000 — पात्र किसान परिवार को कुल ₹12,000 (2025–26)।

संचालक: राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार

राज्य का लाभ
₹6,000 / वर्ष
PM-KISAN सहित
₹12,000 / वर्ष
किस्तें
₹2,000 × 3
पोर्टल
SAARA (saara.mp.gov.in)

परिचय

मध्य प्रदेश PM-KISAN के बराबर राशि खुद देता है। राज्य अपनी ओर से साल में ₹6,000, ₹2,000 की तीन किस्तों में देता है, इसलिए केंद्र की सूची में पहले से मौजूद परिवार को साल भर में ₹6,000 नहीं, ₹12,000 मिलते हैं।

राज्य की यह राशि 2020 में ₹4,000 सालाना से शुरू हुई थी और 2023 में बढ़ाकर ₹6,000 कर दी गई। अलग पंजीकरण नहीं है: लाभार्थी सूची PM-KISAN की ही सूची है — इसीलिए अधूरी e-KYC से एक नहीं, दोनों भुगतान एक साथ रुकते हैं।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • राज्य से सालाना ₹6,000, ₹2,000 की तीन किस्तों में DBT से।
  • PM-KISAN की जगह नहीं, उसके ऊपर — पात्र परिवार को साल भर में ₹12,000।
  • अलग आवेदन नहीं: लाभार्थी सूची PM-KISAN रिकॉर्ड से बनती है।
  • स्थिति SAARA पोर्टल पर आधार, बैंक खाता या PM-KISAN ID से देखी जा सकती है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • मध्य प्रदेश का निवासी
  • भूमिधारक किसान परिवार, जिसकी कृषि योग्य ज़मीन राज्य के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज हो
  • PM-KISAN में पहले से पंजीकृत और स्वीकृत, e-KYC पूरी
  • DBT के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता

शामिल नहीं

  • PM-KISAN से बाहर रखे गए सभी वर्ग — आयकरदाता, छूट प्राप्त श्रेणियों से ऊपर के सरकारी कर्मचारी, संवैधानिक पदधारक
  • संस्थागत भूमिधारक

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • PM-KISAN पंजीकरण संख्या
  • खसरा / खतौनी भूमि रिकॉर्ड
  • बैंक पासबुक, आधार से जुड़ी

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    अपना PM-KISAN पंजीकरण पक्का करें

    इस योजना की अपनी कोई सूची नहीं है। अगर PM-KISAN में आप स्वीकृत हैं और e-KYC हो चुकी है, तो राज्य की किस्त अपने आप आती है।

  2. 2

    ज़रूरत हो तो तहसील में भूमि सीडिंग ठीक कराएँ

    खसरा विवरण राजस्व कार्यालय से जुड़ता है। वहाँ का मेल न खाना ही राज्य की किस्त रुकने की आम वजह है।

  3. 3

    SAARA पर किस्त देखें

    saara.mp.gov.in पर आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या PM-KISAN ID डालकर किस्तों का इतिहास दिखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या राज्य के ₹6,000 के लिए अलग आवेदन करना पड़ता है?

नहीं। राज्य PM-KISAN की लाभार्थी सूची इस्तेमाल करता है। PM-KISAN में नाम आना और e-KYC चालू रखना ही पूरा काम है।

पहले तो ₹4,000 मिलते थे न?

हाँ — योजना 2020 में सालाना ₹4,000 से शुरू हुई थी, और 2023 में राज्य ने इसे ₹6,000 कर दिया, ₹2,000 की तीन किस्तों में।

PM-KISAN आ गया पर राज्य की किस्त नहीं आई। क्यों?

आमतौर पर राज्य की ओर बैंक खाता या भूमि सीडिंग का मेल न खाना। पहले SAARA पर रिकॉर्ड देखें, फिर सुधार तहसील कार्यालय में कराएँ।

तथ्य 24 जुलाई 2026 को saara.mp.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.