मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
PM-KISAN के ऊपर राज्य की ओर से सालाना ₹6,000 — पात्र किसान परिवार को कुल ₹12,000 (2025–26)।
संचालक: राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
- राज्य का लाभ
- ₹6,000 / वर्ष
- PM-KISAN सहित
- ₹12,000 / वर्ष
- किस्तें
- ₹2,000 × 3
- पोर्टल
- SAARA (saara.mp.gov.in)
परिचय
मध्य प्रदेश PM-KISAN के बराबर राशि खुद देता है। राज्य अपनी ओर से साल में ₹6,000, ₹2,000 की तीन किस्तों में देता है, इसलिए केंद्र की सूची में पहले से मौजूद परिवार को साल भर में ₹6,000 नहीं, ₹12,000 मिलते हैं।
राज्य की यह राशि 2020 में ₹4,000 सालाना से शुरू हुई थी और 2023 में बढ़ाकर ₹6,000 कर दी गई। अलग पंजीकरण नहीं है: लाभार्थी सूची PM-KISAN की ही सूची है — इसीलिए अधूरी e-KYC से एक नहीं, दोनों भुगतान एक साथ रुकते हैं।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- राज्य से सालाना ₹6,000, ₹2,000 की तीन किस्तों में DBT से।
- PM-KISAN की जगह नहीं, उसके ऊपर — पात्र परिवार को साल भर में ₹12,000।
- अलग आवेदन नहीं: लाभार्थी सूची PM-KISAN रिकॉर्ड से बनती है।
- स्थिति SAARA पोर्टल पर आधार, बैंक खाता या PM-KISAN ID से देखी जा सकती है।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- मध्य प्रदेश का निवासी
- भूमिधारक किसान परिवार, जिसकी कृषि योग्य ज़मीन राज्य के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज हो
- PM-KISAN में पहले से पंजीकृत और स्वीकृत, e-KYC पूरी
- DBT के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता
शामिल नहीं
- PM-KISAN से बाहर रखे गए सभी वर्ग — आयकरदाता, छूट प्राप्त श्रेणियों से ऊपर के सरकारी कर्मचारी, संवैधानिक पदधारक
- संस्थागत भूमिधारक
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- PM-KISAN पंजीकरण संख्या
- खसरा / खतौनी भूमि रिकॉर्ड
- बैंक पासबुक, आधार से जुड़ी
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
अपना PM-KISAN पंजीकरण पक्का करें
इस योजना की अपनी कोई सूची नहीं है। अगर PM-KISAN में आप स्वीकृत हैं और e-KYC हो चुकी है, तो राज्य की किस्त अपने आप आती है।
- 2
ज़रूरत हो तो तहसील में भूमि सीडिंग ठीक कराएँ
खसरा विवरण राजस्व कार्यालय से जुड़ता है। वहाँ का मेल न खाना ही राज्य की किस्त रुकने की आम वजह है।
- 3
SAARA पर किस्त देखें
saara.mp.gov.in पर आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या PM-KISAN ID डालकर किस्तों का इतिहास दिखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या राज्य के ₹6,000 के लिए अलग आवेदन करना पड़ता है?
नहीं। राज्य PM-KISAN की लाभार्थी सूची इस्तेमाल करता है। PM-KISAN में नाम आना और e-KYC चालू रखना ही पूरा काम है।
पहले तो ₹4,000 मिलते थे न?
हाँ — योजना 2020 में सालाना ₹4,000 से शुरू हुई थी, और 2023 में राज्य ने इसे ₹6,000 कर दिया, ₹2,000 की तीन किस्तों में।
PM-KISAN आ गया पर राज्य की किस्त नहीं आई। क्यों?
आमतौर पर राज्य की ओर बैंक खाता या भूमि सीडिंग का मेल न खाना। पहले SAARA पर रिकॉर्ड देखें, फिर सुधार तहसील कार्यालय में कराएँ।
तथ्य 24 जुलाई 2026 को saara.mp.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
