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रोगPhytophthora spp.समीक्षा 27 जुलाई 2026

फाइटोफ्थोरा झुलसा

गीली, जलभराव दशाओं में आर्द्र-गलन, तना/कॉलर सड़न व मुरझाना, व पत्ती/फल झुलसा — एक तेज़, जल-चालित रोग जो मुख्यतः निकासी से रुकता।

रोगजनक
Phytophthora (मृदा/जल-जनित, फफूँद-जैसा)
फैलाव
पानी, छींटे व मिट्टी; मलबा
अनुकूल
भारी बारिश, जलभराव, ख़राब निकासी
मुख्य जोखिम
आर्द्र-गलन, तना-सड़न व मुरझाना, पत्ती/फल झुलसा

परिचय

फाइटोफ्थोरा झुलसा, मृदा- व जल-जनित Phytophthora से होता, मिर्च, अरहर व कई अन्य फसलों का एक गंभीर, तेज़-चलता रोग है, ख़ासकर गीली, जलभराव दशाओं में। यह कई तरह से हमला करता: यह पौध आर्द्र-गलन करता; यह तना-आधार, कॉलर व जड़ें सड़ाता इसलिए पौधा अचानक मुरझा व ढह जाता (एक गहरा, जल-भीगा घाव अक्सर मिट्टी-स्तर पर तना घेरता); और यह पत्तियाँ, कोंपलें व फल गहरे, जल-भीगे, तेज़ी से फैलते सड़नों से झुलसाता, ख़ासकर जहाँ मिट्टी पौधे पर छींटी जाए।

यह पानी से ज़ोरदार चलता — भारी बारिश, जलभराव, ख़राब निकासी व छींटे इसे तेज़ फैलाते, और यह गीले दौर में निचले, ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ सकता, मुरझाए, झुलसे पौधों के फैलते धब्बों के रूप में दिखता। यह मिट्टी व मलबे में बचता। चूँकि यह गीली दशाओं से इतनी कसकर बँधा, प्रबंधन निकासी व जल-प्रबंधन (ऊँची क्यारियाँ, कोई जलभराव नहीं) पर भारी टिकता, साथ प्रतिरोधी किस्में, साफ़ बीज/पौध, फसल-चक्र, व गीले मौसम में सुरक्षात्मक फफूँदनाशी।

कैसे पहचानें

  • गीली नर्सरियों में पौध आर्द्र-गलन, व पुराने पौधों का अचानक मुरझाना व ढहना।
  • तना-आधार/कॉलर व जड़ों का गहरा, जल-भीगा सड़न, अक्सर मिट्टी-स्तर पर तना घेरता।
  • पत्तियों, कोंपलों व फल का गहरा, जल-भीगा, तेज़ी से फैलता झुलसा, ख़ासकर जहाँ मिट्टी छींटी जाए।
  • गीले, निचले, ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ते मुरझाए, झुलसे पौधों के फैलते धब्बे।

कारण व कब

  • मृदा- व जल-जनित Phytophthora, जो जड़ें, तना-आधार व ज़मीन-के-ऊपर हिस्से पर हमला करता।
  • पानी, छींटे व मिट्टी से फैलता, और भारी बारिश, जलभराव व ख़राब निकासी से ज़ोरदार चलता।
  • अगला प्रकोप शुरू करने को मिट्टी व संक्रमित मलबे में बचता।
  • गीले दौर में निचले, ख़राब-निकासी खेतों भर फैलते धब्बों में दौड़ता।

सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण

  • उत्कृष्ट निकासी सुनिश्चित करें व जलभराव टालें — ऊँची क्यारियों/मेड़ों पर उगाएँ, निचली, पानी-रोकती भूमि में कभी नहीं।
  • साफ़, रोग-मुक्त बीज व पौध इस्तेमाल करें व जहाँ उपलब्ध हो प्रतिरोधी/सहनशील किस्में उगाएँ।
  • संवेदनशील आश्रयों से चक्र करें, पौधों पर मिट्टी-छींटे टालें (मल्च), और अच्छी दूरी दें।
  • प्रभावित पौधे आसपास की मिट्टी सहित निकालकर हटाएँ, और संक्रमित मलबा नष्ट करें।

रासायनिक नियंत्रण

  • बीज/पौध उपचारित करें और, पहली बार दिखने पर, आधार ड्रेंच करें व CIB&RC-पंजीकृत Phytophthora फफूँदनाशी (जैसे मेटालैक्सिल+मैंकोज़ेब, या ताँबा/अन्य अनुशंसित) छिड़कें।
  • सुरक्षात्मक छिड़काव व ड्रेंच गीले, उच्च-जोखिम दौर से समयबद्ध करें, और साथ-साथ निकासी सुधारें।
  • रसायन जलभराव खेत नहीं जीतेंगे — निकासी ठीक करना ज़्यादा मायने रखता।
  • अपनी फसल के लिए मौजूदा फफूँदनाशी व पैकेज स्थानीय KVK से पक्का करें।

दोबारा न हो, इसके लिए

  • उत्कृष्ट निकासी, ऊँची क्यारियाँ व कोई जलभराव नहीं को नियमित बनाएँ — सबसे अहम कारक।
  • प्रतिरोधी किस्में, साफ़ बीज/पौध व फसल-चक्र इस्तेमाल करें, और मिट्टी-छींटे रोकने को मल्च करें।
  • गीले दौर के लिए सुरक्षात्मक ड्रेंच/छिड़काव योजना बनाएँ व प्रभावित पौधे उनकी मिट्टी सहित निकालें।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरे मिर्च/अरहर पौधे गीले मौसम में अचानक मुरझा रहे व तना-आधार पर सड़ रहे हैं। यह क्या है?

तना-आधार/कॉलर व जड़ों के गहरे, जल-भीगे सड़न के साथ अचानक मुरझाना व ढहना, साथ गीली, जलभराव दशाओं में पत्तियों व फल पर गहरा फैलता झुलसा, फाइटोफ्थोरा झुलसा है। यह बारिश में ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ता। निकासी तुरंत सुधारें व ऊँची क्यारियों पर उगाएँ, प्रतिरोधी किस्में व साफ़ पौध इस्तेमाल करें, मिट्टी-छींटे रोकने को मल्च करें, और पंजीकृत Phytophthora फफूँदनाशी से ड्रेंच/छिड़कें, प्रभावित पौधे उनकी मिट्टी सहित निकालते।

फाइटोफ्थोरा झुलसा के विरुद्ध निकासी सबसे अहम चीज़ क्यों है?

क्योंकि Phytophthora एक जल-प्रेमी, जल-जनित जीव है — इसे फैलने व संक्रमित करने को गीली, जलभराव मिट्टी व छींटे पानी चाहिए, और यह ठीक वहीं सबसे तेज़ दौड़ता जहाँ पानी ठहरता। गीले दौर में निचला, ख़राब-निकासी खेत इसके लिए आदर्श है, जबकि अच्छी-निकासी, ऊँची-क्यारी फसल इसे चाहिए ठहरा पानी नकारती। इसीलिए निकासी ठीक करना व जलभराव टालना किसी भी छिड़काव से ज़्यादा करते; फफूँदनाशी समर्थन करते पर लगातार गीले, जलभराव खेत को नहीं जीत सकते।

फाइटोफ्थोरा झुलसा फ्यूज़ेरियम उकठा से कैसे अलग है?

दोनों पौधा मुरझा सकते, पर चालक व संकेत भिन्न हैं। फाइटोफ्थोरा झुलसा जल-चालित है — यह गीली, जलभराव दशाओं में आता, पौध आर्द्र-गलन करता, तना-आधार व जड़ों का गहरा जल-भीगा सड़न कराता, और पत्तियाँ व फल भी झुलसाता, गीले मौसम में दौड़ते। फ्यूज़ेरियम उकठा एक मृदा फफूँद है जो संवहनी ऊतक बंद कर पौधा मुरझाती भूरे भीतरी तना ऊतक के साथ, अक्सर गर्म दशाओं में, बिना जल-भीगे झुलसा के। फाइटोफ्थोरा मुख्यतः निकासी से सँभाला जाता; फ्यूज़ेरियम उकठा प्रतिरोधी किस्मों व मृदा-सेहत से।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.