फाइटोफ्थोरा झुलसा
गीली, जलभराव दशाओं में आर्द्र-गलन, तना/कॉलर सड़न व मुरझाना, व पत्ती/फल झुलसा — एक तेज़, जल-चालित रोग जो मुख्यतः निकासी से रुकता।
- रोगजनक
- Phytophthora (मृदा/जल-जनित, फफूँद-जैसा)
- फैलाव
- पानी, छींटे व मिट्टी; मलबा
- अनुकूल
- भारी बारिश, जलभराव, ख़राब निकासी
- मुख्य जोखिम
- आर्द्र-गलन, तना-सड़न व मुरझाना, पत्ती/फल झुलसा
परिचय
फाइटोफ्थोरा झुलसा, मृदा- व जल-जनित Phytophthora से होता, मिर्च, अरहर व कई अन्य फसलों का एक गंभीर, तेज़-चलता रोग है, ख़ासकर गीली, जलभराव दशाओं में। यह कई तरह से हमला करता: यह पौध आर्द्र-गलन करता; यह तना-आधार, कॉलर व जड़ें सड़ाता इसलिए पौधा अचानक मुरझा व ढह जाता (एक गहरा, जल-भीगा घाव अक्सर मिट्टी-स्तर पर तना घेरता); और यह पत्तियाँ, कोंपलें व फल गहरे, जल-भीगे, तेज़ी से फैलते सड़नों से झुलसाता, ख़ासकर जहाँ मिट्टी पौधे पर छींटी जाए।
यह पानी से ज़ोरदार चलता — भारी बारिश, जलभराव, ख़राब निकासी व छींटे इसे तेज़ फैलाते, और यह गीले दौर में निचले, ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ सकता, मुरझाए, झुलसे पौधों के फैलते धब्बों के रूप में दिखता। यह मिट्टी व मलबे में बचता। चूँकि यह गीली दशाओं से इतनी कसकर बँधा, प्रबंधन निकासी व जल-प्रबंधन (ऊँची क्यारियाँ, कोई जलभराव नहीं) पर भारी टिकता, साथ प्रतिरोधी किस्में, साफ़ बीज/पौध, फसल-चक्र, व गीले मौसम में सुरक्षात्मक फफूँदनाशी।
कैसे पहचानें
- गीली नर्सरियों में पौध आर्द्र-गलन, व पुराने पौधों का अचानक मुरझाना व ढहना।
- तना-आधार/कॉलर व जड़ों का गहरा, जल-भीगा सड़न, अक्सर मिट्टी-स्तर पर तना घेरता।
- पत्तियों, कोंपलों व फल का गहरा, जल-भीगा, तेज़ी से फैलता झुलसा, ख़ासकर जहाँ मिट्टी छींटी जाए।
- गीले, निचले, ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ते मुरझाए, झुलसे पौधों के फैलते धब्बे।
कारण व कब
- मृदा- व जल-जनित Phytophthora, जो जड़ें, तना-आधार व ज़मीन-के-ऊपर हिस्से पर हमला करता।
- पानी, छींटे व मिट्टी से फैलता, और भारी बारिश, जलभराव व ख़राब निकासी से ज़ोरदार चलता।
- अगला प्रकोप शुरू करने को मिट्टी व संक्रमित मलबे में बचता।
- गीले दौर में निचले, ख़राब-निकासी खेतों भर फैलते धब्बों में दौड़ता।
सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण
- उत्कृष्ट निकासी सुनिश्चित करें व जलभराव टालें — ऊँची क्यारियों/मेड़ों पर उगाएँ, निचली, पानी-रोकती भूमि में कभी नहीं।
- साफ़, रोग-मुक्त बीज व पौध इस्तेमाल करें व जहाँ उपलब्ध हो प्रतिरोधी/सहनशील किस्में उगाएँ।
- संवेदनशील आश्रयों से चक्र करें, पौधों पर मिट्टी-छींटे टालें (मल्च), और अच्छी दूरी दें।
- प्रभावित पौधे आसपास की मिट्टी सहित निकालकर हटाएँ, और संक्रमित मलबा नष्ट करें।
रासायनिक नियंत्रण
- बीज/पौध उपचारित करें और, पहली बार दिखने पर, आधार ड्रेंच करें व CIB&RC-पंजीकृत Phytophthora फफूँदनाशी (जैसे मेटालैक्सिल+मैंकोज़ेब, या ताँबा/अन्य अनुशंसित) छिड़कें।
- सुरक्षात्मक छिड़काव व ड्रेंच गीले, उच्च-जोखिम दौर से समयबद्ध करें, और साथ-साथ निकासी सुधारें।
- रसायन जलभराव खेत नहीं जीतेंगे — निकासी ठीक करना ज़्यादा मायने रखता।
- अपनी फसल के लिए मौजूदा फफूँदनाशी व पैकेज स्थानीय KVK से पक्का करें।
दोबारा न हो, इसके लिए
- उत्कृष्ट निकासी, ऊँची क्यारियाँ व कोई जलभराव नहीं को नियमित बनाएँ — सबसे अहम कारक।
- प्रतिरोधी किस्में, साफ़ बीज/पौध व फसल-चक्र इस्तेमाल करें, और मिट्टी-छींटे रोकने को मल्च करें।
- गीले दौर के लिए सुरक्षात्मक ड्रेंच/छिड़काव योजना बनाएँ व प्रभावित पौधे उनकी मिट्टी सहित निकालें।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।
विचार करने योग्य किस्में
नामी बीज किस्में जिनकी इस समस्या के प्रति प्रतिरोधकता या संवेदनशीलता उनके अपने किस्म पेज पर बताई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे मिर्च/अरहर पौधे गीले मौसम में अचानक मुरझा रहे व तना-आधार पर सड़ रहे हैं। यह क्या है?
तना-आधार/कॉलर व जड़ों के गहरे, जल-भीगे सड़न के साथ अचानक मुरझाना व ढहना, साथ गीली, जलभराव दशाओं में पत्तियों व फल पर गहरा फैलता झुलसा, फाइटोफ्थोरा झुलसा है। यह बारिश में ख़राब-निकासी खेत भर दौड़ता। निकासी तुरंत सुधारें व ऊँची क्यारियों पर उगाएँ, प्रतिरोधी किस्में व साफ़ पौध इस्तेमाल करें, मिट्टी-छींटे रोकने को मल्च करें, और पंजीकृत Phytophthora फफूँदनाशी से ड्रेंच/छिड़कें, प्रभावित पौधे उनकी मिट्टी सहित निकालते।
फाइटोफ्थोरा झुलसा के विरुद्ध निकासी सबसे अहम चीज़ क्यों है?
क्योंकि Phytophthora एक जल-प्रेमी, जल-जनित जीव है — इसे फैलने व संक्रमित करने को गीली, जलभराव मिट्टी व छींटे पानी चाहिए, और यह ठीक वहीं सबसे तेज़ दौड़ता जहाँ पानी ठहरता। गीले दौर में निचला, ख़राब-निकासी खेत इसके लिए आदर्श है, जबकि अच्छी-निकासी, ऊँची-क्यारी फसल इसे चाहिए ठहरा पानी नकारती। इसीलिए निकासी ठीक करना व जलभराव टालना किसी भी छिड़काव से ज़्यादा करते; फफूँदनाशी समर्थन करते पर लगातार गीले, जलभराव खेत को नहीं जीत सकते।
फाइटोफ्थोरा झुलसा फ्यूज़ेरियम उकठा से कैसे अलग है?
दोनों पौधा मुरझा सकते, पर चालक व संकेत भिन्न हैं। फाइटोफ्थोरा झुलसा जल-चालित है — यह गीली, जलभराव दशाओं में आता, पौध आर्द्र-गलन करता, तना-आधार व जड़ों का गहरा जल-भीगा सड़न कराता, और पत्तियाँ व फल भी झुलसाता, गीले मौसम में दौड़ते। फ्यूज़ेरियम उकठा एक मृदा फफूँद है जो संवहनी ऊतक बंद कर पौधा मुरझाती भूरे भीतरी तना ऊतक के साथ, अक्सर गर्म दशाओं में, बिना जल-भीगे झुलसा के। फाइटोफ्थोरा मुख्यतः निकासी से सँभाला जाता; फ्यूज़ेरियम उकठा प्रतिरोधी किस्मों व मृदा-सेहत से।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
