Makhdoom
जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश दोनों में उगाई जाती, नरम मेवे व 2.0 टन/हेक्टेयर से ऊपर दर्ज औसत उत्पादकता सहित।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- बादाम
- प्रकार
- कलमी रोपण सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- 3 साल में पहला फलन (कलमी)
- अपेक्षित उपज
- >2.0 टन/हे. दर्ज औसत उत्पादकता
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट
- जारी
- जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश भर व्यावसायिक रूप से उगाई जाती; सटीक मूल संस्थान व अधिसूचना वर्ष इस चरण में पुष्ट नहीं
इस किस्म के बारे में
मखदूम भारत के दोनों असली बादाम-उत्पादक राज्यों, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश भर उगाई जाने वाली एक व्यावसायिक रूप से सार्थक बादाम किस्म है — एक वाक़ई दोहरे-राज्य दायरा जो कुछ ही अन्य नामित भारतीय बादाम रिलीज़ साझा करतीं। इसे लगभग 42% छिलाई-प्रतिशत सहित नरम-छिलका मेवे देते दर्ज किया जाता, व बाग़वानी स्रोत 2.0 टन प्रति हेक्टेयर से ऊपर औसत उत्पादकता दर्ज करते, भारतीय बादाम मानकों से एक मज़बूत आँकड़ा, हालाँकि अधिकांश बाग़-उत्पादकता आँकड़ों की तरह यह हर रोपाई के लिए गारंटीशुदा आधार-रेखा के बजाय अच्छी तरह प्रबंधित दशाएँ दर्शाता। इसका नरम छिलका लघु-किसान स्तर पर हाथ से प्रोसेसिंग को असली सुविधा है, क्योंकि इसे किसी सख़्त-छिलका प्रकार को चाहिए भारी क्रैकिंग-उपकरण नहीं चाहिए।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरी6–7 मी, हर तीसरी कतार में एक संगत परागणकर्ता किस्म सहित
- उर्वरकयुवावस्था में संतुलित NPK खुराक, फलन शुरू होने पर बहार-व-कटाई-बाद-बँटी अधिक खुराक की ओर (पूरी समय-सारणी को फसल-गाइड देखें)
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, अच्छी जल-निकासी दोमट; pH 6.0–7.5
उपज व अवधि
पकने की अवधि
3 साल में पहला फलन (कलमी)
अपेक्षित उपज
>2.0 टन/हे. दर्ज औसत उत्पादकता
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
मुख्य कीट
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश भर एक वाक़ई दोहरे-राज्य व्यावसायिक दायरा।
- भारतीय बादाम मानकों से मज़बूत 2.0 टन/हे. से ऊपर दर्ज औसत उत्पादकता, नरम छिलके सहित जो हाथ-प्रोसेसिंग आसान बनाता।
ध्यान रखने योग्य बातें
- क्षेत्र की नामित रिलीज़ों में शालीमार (~50%) की तुलना में ~42% छिलाई-प्रतिशत निचले पक्ष पर — प्रति किलो कच्चे मेवे गिरी-वसूली कुछ कम है।
- >2.0 टन/हे. आँकड़ा दर्ज, अच्छी तरह प्रबंधित उत्पादकता दर्शाता, गारंटीशुदा आधार-रेखा नहीं — असली उपज हर सीज़न परागण-सफलता व रोग-प्रबंधन पर निर्भर करती।
उपयुक्त क्षेत्र
जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश दोनों में व्यावसायिक रूप से उगाई जाती, जहाँ भी सर्दी-ठंड पर्याप्त हो।
- जम्मू और कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मखदूम जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश दोनों को उपयुक्त है?
हाँ — यह उन गिनी-चुनी नामित बादाम किस्मों में एक है जो दोनों राज्यों में वाक़ई व्यावसायिक रूप से उगाई जाती, जहाँ भी स्थानीय स्थल पेड़ को पर्याप्त सर्दी-ठंड देता।
स्रोत: Top Almond Varieties Cultivated in India — TractorKarvan, Popular Almond Varieties in India — CookMagical. संपादकीय नीति.
