Him Shakti
भारत की पहली व अब तक इकलौती ICAR-जारी क्विनोआ किस्म, ICAR-NBPGR के शिमला क्षेत्रीय स्टेशन में अखिल भारतीय समन्वित संभावित फ़सल अनुसंधान नेटवर्क के तहत विकसित।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- क्विनोआ
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 120–150 दिन
- बीज दर
- कतार बुवाई को 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- भारतीय परीक्षणों में मूल्यांकित जीनोटाइप में उच्च
- उपयुक्त मिट्टी
- लवणीय / कमज़ोर
- जारी
- ICAR-NBPGR, क्षेत्रीय स्टेशन, शिमला द्वारा अखिल भारतीय समन्वित संभावित फ़सल अनुसंधान नेटवर्क के तहत जारी — भारत की पहली स्वदेशी क्विनोआ किस्म
इस किस्म के बारे में
हिम शक्ति भारत की पहली स्वदेशी क्विनोआ रिलीज़ है, ICAR-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के शिमला क्षेत्रीय स्टेशन द्वारा अखिल भारतीय समन्वित संभावित फ़सल अनुसंधान नेटवर्क (AICRN-PC) के तहत विकसित। यह अब तक भारत में औपचारिक रूप से जारी इकलौती क्विनोआ किस्म है; देश में उगाई जाने वाली लगभग सारी अन्य व्यावसायिक क्विनोआ आयातित या निजी व्यापारित बीज-लाइनों से आती, किसी विकसित नामित किस्म के बजाय दाना-रंग से बेची जाती। राजस्थान में ICAR के राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो से मिली जननद्रव्य एक्सेशनों के साथ बहु-जीनोटाइप खेत-मूल्यांकन में, हिम शक्ति को अगेते व स्थिर फूल के लिए नोट किया गया — फसल की संवेदनशील फूल-अवस्था को रोग-अनुकूल नम दौरों व गर्मी-तनाव से दूर समय देने का उपयोगी गुण। हिम शक्ति के विशेष अवधि व उपज आँकड़े फसल की सामान्य भारतीय सीमा 120–150 दिन व, क्षेत्र व प्रबंधन अनुसार, 800 किग्रा/हेक्टेयर से 2,000+ किग्रा/हेक्टेयर का अनुसरण करते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयनवंबर-दिसंबर, या भारतीय उपोष्णकटिबंधीय परीक्षण स्थितियों में सबसे अच्छी उपज को दिसंबर का पहला पखवाड़ा
- बीज दरकतार बुवाई को 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
- दूरी30 सेमी कतार, कतार में लगभग 20 सेमी तक विरल
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- खारी व क्षारीय मिट्टी सहती; अच्छी जल-निकासी चाहिए
उपज व अवधि
पकने की अवधि
120–150 दिन
अपेक्षित उपज
भारतीय परीक्षणों में मूल्यांकित जीनोटाइप में उच्च
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- भारतीय परीक्षण स्थितियों में अगेता व स्थिर फूल दर्ज; अलग रोगजनक-विशेष प्रतिरोध आँकड़े प्रकाशित नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- भारत में एक औपचारिक ICAR रिलीज़ व दर्ज मूल्यांकन-इतिहास वाली इकलौती क्विनोआ किस्म, किसी असत्यापित आयातित बीज-लाइन के बजाय।
- भारतीय परीक्षण स्थितियों में दर्ज अगेता व स्थिर फूल, फसल के मृदुरोमिल फफूँदी व गर्मी-तनाव जोखिम-खिड़कियों के प्रबंधन को उपयोगी गुण।
ध्यान रखने योग्य बातें
- उपलब्धता आयातित या निजी व्यापारित बीज-लाइनों से ज़्यादा सीमित है, क्योंकि यह खुले व्यावसायिक बीज-व्यापार के बजाय ICAR के अपने बीज-गुणन माध्यमों से चलती है।
- मृदुरोमिल फफूँदी या पर्ण-चित्ती के लिए विस्तृत रोग-प्रतिरोध आँकड़ा इस किस्म के लिए अलग से प्रकाशित नहीं है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- हिमाचल प्रदेश
- राजस्थान
- उत्तराखंड
स्रोत: ICAR-NBPGR Regional Station, Shimla, Performance Evaluation of Quinoa Genotypes for Agronomic Traits and Stress Resilience Under Arid Conditions in Rajasthan — Research Square. संपादकीय नीति.
