Red Quinoa
रंग-रूप व पकने पर कुछ ज़्यादा मेवा-जैसे स्वाद को प्रीमियम भाव पाने वाला लाल/गुलाबी-छिलका दाना-रंग प्रकार, सफ़ेद क्विनोआ जैसे ही निजी व आयातित लाइनों से मिलता।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- क्विनोआ
- प्रकार
- दाना-रंग प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 120–150 दिन
- बीज दर
- फसल जैसी ही आम तौर पर — कतार बुवाई को लगभग 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
- अपेक्षित उपज
- बीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं
- उपयुक्त मिट्टी
- लवणीय / कमज़ोर
- जारी
- कोई विकसित या जारी किस्म नहीं — आयातित व निजी व्यापारित बीज-लाइनों से मिलने वाला एक दाना-रंग व्यापार-वर्ग
इस किस्म के बारे में
लाल क्विनोआ लाल-से-गुलाबी बीज-आवरण रखती और, पकाने पर, सफ़ेद क्विनोआ से कुछ ज़्यादा मेवा-जैसा स्वाद व सख़्त बनावट देती, ऐसे गुण जो इसे विशेष व हेल्थ-फूड बाज़ार में प्रीमियम भाव दिलाते। सफ़ेद क्विनोआ की तरह, भारत में यह कोई नामित विकसित किस्म नहीं है — यह आयातित या निजी व्यापारित बीज-लाइनों से मिलने वाला एक दाना-रंग व्यापार-वर्ग है, जो खुले व्यावसायिक बीज-बाज़ार के बजाय फसल के बाक़ी हिस्से जैसे ही निजी निर्यातक व अनुबंध-खेती माध्यमों से चलता। कृषि की दृष्टि से यह सफ़ेद क्विनोआ जैसे ही उगाई जाती; अंतर पूरी तरह बीज के रंग व मिलने वाले भाव में है, खेत में पौधे के प्रबंधन में नहीं।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयनवंबर-दिसंबर, फसल की सामान्य रबी खिड़की
- बीज दरफसल जैसी ही आम तौर पर — कतार बुवाई को लगभग 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
- दूरी30 सेमी कतार, कतार में लगभग 20 सेमी तक विरल
उपज व अवधि
पकने की अवधि
120–150 दिन
अपेक्षित उपज
बीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- रंग-रूप व पकने पर बनावट के लिए विशेष व हेल्थ-फूड बाज़ार में सफ़ेद क्विनोआ से ज़्यादा प्रीमियम भाव पाती।
- सफ़ेद व काली क्विनोआ जैसी ही कम-लागत, सूखा- व खारापन-सहनशील उगाने की ज़रूरतें — ज़्यादा भाव के लिए कोई अतिरिक्त खेती-मुश्किल नहीं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- सफ़ेद क्विनोआ से छोटा, ज़्यादा विशेष बाज़ार, तो किसान को बड़ी ज़मीन समर्पित करने से पहले ख़रीदार-माँग व भाव पक्का करना चाहिए।
- इसके पीछे कोई ICAR रिलीज़ न होने के कारण, बीज-गुणवत्ता व अंकुरण पूरी तरह निजी आपूर्तिकर्ता या अनुबंध-खेती साझेदार पर निर्भर है।
उपयुक्त क्षेत्र
क्विनोआ भारत में अभी भी एक नई फ़सल है, किसी दाना-रंग प्रकार का कोई तय खेती-पट्टा नहीं — ये रिपोर्ट किए गए राज्य हैं, कोई पूर्ण या आधिकारिक रूप से सुझाई सूची नहीं।
- राजस्थान
- हिमाचल प्रदेश
स्रोत: Quinoa Seeds in India: Cultivation in Rajasthan, Himachal Pradesh & Uttarakhand. संपादकीय नीति.
