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क्विनोआरबीदाना-रंग प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)अपडेट किया गया 2 सितंबर 2026

White Quinoa

भारत में सबसे व्यापक रूप से व्यापारित दाना-रंग प्रकार, किसी विकसित नामित किस्म के बजाय आयातित या निजी बीज-लाइनों से मिलता — अधिकांश अनुबंध-खेती ख़रीदारों की डिफ़ॉल्ट माँग।

सीज़नरबी
पकने की अवधि120–150 दिन
अपेक्षित उपजबीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं
उपयुक्त मिट्टीलवणीय / कमज़ोर

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
दाना-रंग प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
120–150 दिन
बीज दर
फसल जैसी ही आम तौर पर — कतार बुवाई को लगभग 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
बीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं
उपयुक्त मिट्टी
लवणीय / कमज़ोर
जारी
कोई विकसित या जारी किस्म नहीं — आयातित व निजी व्यापारित बीज-लाइनों से मिलने वाला एक दाना-रंग व्यापार-वर्ग

इस किस्म के बारे में

सफ़ेद क्विनोआ वह फीका, मलाई-रंग दाना-प्रकार है जो वैश्विक व भारतीय दोनों जगह व्यावसायिक क्विनोआ व्यापार पर हावी है। हिम शक्ति के विपरीत, यह कोई नामित विकसित किस्म नहीं — भारतीय किसान इस दाना-रंग से विशेष रूप से बेची जाने वाली आयातित या निजी व्यापारित बीज-लाइनें बोते, मुख्यतः सुमिंटर इंडिया ऑर्गेनिक्स, माटी तत्व एग्रो व श्री एग्रो इंटरनेशनल जैसे निर्यातकों व प्रोसेसरों के साथ अनुबंध-खेती व्यवस्थाओं से। यह वह रंग है जो अधिकांश अंतरराष्ट्रीय व घरेलू ख़रीदार डिफ़ॉल्ट रूप से माँगते, जो इसे लाल या काली क्विनोआ के लिए पहले से पक्की ख़रीदार-पसंद न रखने वाले किसान के लिए सबसे सुरक्षित चुनाव बनाता है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारदाना-रंग प्रकार (कोई विकसित/जारी किस्म नहीं)
    अवधि120–150 दिन
    उपज क्षमताबीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं
    रोग-प्रतिरोधअलग दर्ज नहीं; मानक खेत-स्वच्छता व मृदुरोमिल फफूँदी-प्रबंधन लागू
    मिट्टीलवणीय / कमज़ोर
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयनवंबर-दिसंबर, फसल की सामान्य रबी खिड़की
  • बीज दरफसल जैसी ही आम तौर पर — कतार बुवाई को लगभग 8–10 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरी30 सेमी कतार, कतार में लगभग 20 सेमी तक विरल

उपज व अवधि

पकने की अवधि

120–150 दिन

अपेक्षित उपज

बीज-स्रोत अनुसार अलग-अलग; किसी एक दर्ज आँकड़े से बँधी नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अधिकांश अनुबंध-खेती ख़रीदारों व निर्यातकों की डिफ़ॉल्ट माँग वाला दाना-रंग, जो किसान को सबसे बड़ा संभावित ख़रीदार-समूह देता है।
  • लाल व काली क्विनोआ जैसी ही कम-लागत, सूखा- व खारापन-सहनशील उगाने की ज़रूरतें — रंगों के बीच चुनाव मुख्यतः ख़रीदार-माँग का मामला है, उगाने की मुश्किल का नहीं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इसके पीछे कोई ICAR रिलीज़ न होने के कारण, बीज-गुणवत्ता, अंकुरण व रंग-शुद्धता पूरी तरह निजी आपूर्तिकर्ता या अनुबंध-खेती साझेदार पर निर्भर है।
  • भूमि समर्पित करने से पहले पक्का करें कि आपके ख़रीदार को विशेष रूप से सफ़ेद चाहिए, क्योंकि सफ़ेद, लाल व काली क्विनोआ मुख्यतः अलग-अलग व्यापार-माध्यमों से चलतीं।

उपयुक्त क्षेत्र

क्विनोआ भारत में अभी भी एक नई फ़सल है, किसी दाना-रंग प्रकार का कोई तय खेती-पट्टा नहीं — ये रिपोर्ट किए गए राज्य हैं, कोई पूर्ण या आधिकारिक रूप से सुझाई सूची नहीं।

  • राजस्थान
  • उत्तराखंड

स्रोत: Quinoa Seeds in India: Cultivation in Rajasthan, Himachal Pradesh & Uttarakhand. संपादकीय नीति.