धान का झुलसा / ब्लास्ट
धुरी-आकार धूसर-केंद्र पत्ती-धब्बे और सड़ी बाली-गर्दनें — ज़्यादा नाइट्रोजन, ओस व ठंडी, नम रातों से चलती तेज़ फफूँद।
- रोगजनक
- फफूँद (Magnaporthe oryzae)
- फैलाव
- हवा-जनित बीजाणु; बीज व मलबा
- अनुकूल
- ज़्यादा N, ओस, उच्च आर्द्रता, ठंडी रातें
- मुख्य जोखिम
- झुलसी पत्तियाँ; टूटी गर्दनें, खाली दाना
परिचय
ब्लास्ट दुनिया भर में धान के सबसे अहम फफूँद रोगों में से एक है। पत्तियों पर यह क्लासिक धुरी- (आँख-) आकार धब्बे बनाता — धूसर या सफ़ेदी केंद्र, भूरे से लाल किनारे के साथ — जो बढ़ते व मिलते हैं इसलिए पत्तियाँ झुलसी-सी सूख जातीं (पर्ण-ब्लास्ट)। फफूँद गाँठ, कॉलर और, सबसे हानिकारक, बाली की गर्दन (नेक ब्लास्ट) पर भी हमला करती, जहाँ काली-भूरी सड़न गर्दन घेर व तोड़ देती इसलिए बाली लटकती, सफ़ेद होती व ठीक से या बिल्कुल नहीं भरती।
नेक व बाली ब्लास्ट महँगे चरण हैं क्योंकि वे सीधे दाना खाली करते। ब्लास्ट ज़्यादा व देर नाइट्रोजन, लंबे ओस-काल, उच्च आर्द्रता, गर्म दिनों वाली ठंडी रातों, और ऊपरी/वायवीय धान में सूखा-तनाव से अनुकूल है। यह हवा-जनित बीजाणुओं से तेज़ फैलता और मलबे व बीज पर बचता है। प्रबंधन संतुलित नाइट्रोजन, प्रतिरोधी किस्में, साफ़ बीज और पर्ण-ब्लास्ट पर व फिर गभोट/बाली पर गर्दन की रक्षा को समयबद्ध सुरक्षात्मक फफूँदनाशी को मिलाता है।
कैसे पहचानें
- पर्ण-ब्लास्ट: धूसर/सफ़ेदी केंद्र व भूरे से लाल किनारे वाले धुरी- या आँख-आकार धब्बे, बढ़ते व मिलते इसलिए पत्तियाँ झुलसी-सी सूखतीं।
- गाँठ-ब्लास्ट: काली, सिकुड़ी गाँठें जहाँ तना टूट सकता।
- नेक/बाली-ब्लास्ट: बाली के ठीक नीचे गर्दन घेरती काली-भूरी सड़न, इसलिए बाली झुकती, सफ़ेद होती व ठीक से नहीं भरती — सबसे महँगा संकेत।
- हरी-भरी, ज़्यादा-नाइट्रोजन फसल में और ठंडी, ओस-भरी, नम रातों के बाद सबसे बुरा।
कारण व कब
- फफूँद Magnaporthe oryzae, हवा-जनित बीजाणुओं से फैलती और संक्रमित मलबे व बीज पर बचती।
- ज़्यादा व देर नाइट्रोजन, लंबे पत्ती-गीलेपन/ओस, उच्च आर्द्रता, और गर्म दिनों वाली ठंडी रातों से अनुकूल।
- सूखा-तनाव में ऊपरी व वायवीय धान ख़ास तौर पर प्रवण; नर्सरी व आरंभिक फसल पर्ण-ब्लास्ट दिखा सकती, बाली-अवस्था नेक ब्लास्ट।
- दशाएँ अनुकूल होते ही संवेदनशील, अच्छी-खिलाई फसल में बहुत तेज़ फैलता।
सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण
- प्रतिरोधी किस्में उगाएँ — सबसे भरोसेमंद नियंत्रण — और साफ़, स्वस्थ बीज इस्तेमाल करें।
- नाइट्रोजन संतुलित, सही समय की किस्तों में दें; एकल भारी या देर खुराक से बचें जो फसल हरी-भरी व ब्लास्ट-प्रवण बनाती।
- वायवीय/ऊपरी धान में सूखा-तनाव से बचें और अनुशंसित पानी बनाए रखें।
- अनुशंसित दूरी इस्तेमाल करें और फफूँद ले जाते संक्रमित मलबे/ठूँठ नष्ट करें।
रासायनिक नियंत्रण
- पर्ण-ब्लास्ट के लिए, रोग शुरू होते ही CIB&RC-पंजीकृत फफूँदनाशी (जैसे ट्राइसाइक्लाज़ोल या आइसोप्रोथायोलेन) छिड़कें, इससे पहले कि यह फसल में फैले।
- नेक ब्लास्ट से बचाव को गभोट से बाली पर छिड़कें — इस अवस्था का सुरक्षात्मक छिड़काव अहम है क्योंकि नेक ब्लास्ट दाना-हानि तय करता है।
- फफूँदनाशी समूह बदलें व फसल अच्छी तरह ढकें; कटाई-पूर्व अंतराल मानें।
- अपने क्षेत्र के लिए मौजूदा उत्पाद, मात्रा व समय स्थानीय KVK से पक्का करें।
दोबारा न हो, इसके लिए
- फसल को प्रतिरोधी किस्मों, साफ़ बीज व संतुलित, सही किस्तों की नाइट्रोजन पर आधारित करें।
- जहाँ नेक ब्लास्ट नियमित हो वहाँ गर्दनें सड़ने के बाद प्रतिक्रिया के बजाय गभोट/बाली सुरक्षात्मक छिड़काव पहले से योजना बनाएँ।
- सूखा-तनाव से बचने को पानी सँभालें, दूरी खुली रखें, और कटाई के बाद संक्रमित ठूँठ/मलबा नष्ट करें।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी धान पत्तियों पर धूसर-केंद्र धुरी-आकार धब्बे हैं। क्या यह ब्लास्ट है?
हाँ — धूसर/सफ़ेदी केंद्र व भूरे से लाल किनारे वाले धुरी- या आँख-आकार धब्बे, बढ़ते हुए जब तक पत्तियाँ झुलसी-सी न सूखें, पर्ण-ब्लास्ट हैं। यह ओस-भरी, नम रातों के बाद हरी-भरी, ज़्यादा-नाइट्रोजन फसल में तेज़ फैलता है। ज़्यादा नाइट्रोजन घटाएँ, और शुरू होते ही पंजीकृत फफूँदनाशी (जैसे ट्राइसाइक्लाज़ोल) छिड़कें। बाली आने पर ख़ासकर नेक ब्लास्ट पर नज़र रखें, जो उपज-हरण चरण है।
नेक ब्लास्ट क्या है और यह सबसे बुरा चरण क्यों है?
नेक ब्लास्ट बाली की गर्दन पर हमला करता ब्लास्ट है — बाली के ठीक नीचे गर्दन को काली-भूरी सड़न घेर लेती, इसलिए वह झुकती, सफ़ेद होती व दाना नहीं भर पाती, खाली या आधी-भरी बालियाँ छोड़ती। यह सबसे हानिकारक चरण है क्योंकि यह सीधे उस दाने को खाली करता जिसे आप काटने वाले थे। मुख्य बचाव गभोट से बाली पर सुरक्षात्मक फफूँदनाशी छिड़काव, साथ प्रतिरोधी किस्म व संतुलित नाइट्रोजन है।
नाइट्रोजन धान ब्लास्ट को कैसे प्रभावित करती है?
ज़्यादा व देर नाइट्रोजन फसल को मुलायम व हरी-भरी बनाती, जो ब्लास्ट को ज़ोरदार अनुकूल करती — रोग भारी-खिलाई फसल में तेज़ व बुरी तरह चलता है। एकल भारी या देर खुराक के बजाय नाइट्रोजन संतुलित, सही समय की किस्तों में देना फसल को कम संवेदनशील रखता है। इसे प्रतिरोधी किस्म, साफ़ बीज, अच्छे जल-प्रबंधन व समयबद्ध सुरक्षात्मक छिड़कावों के साथ मिलाकर भरोसेमंद नियंत्रण मिलता है।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
