जूट तना घुन
नुकसान बढ़वार के पहले कुछ हफ़्तों में होता है, और उस समय मुड़ा तना बाक़ी मौसम मुड़ा ही रहता है — यह ऐसा कीट है जिसे जल्दी पकड़ना ही होगा, वरना मौक़ा निकल जाता है।
- कीट का प्रकार
- छोटा घुन (तना छेदक)
- हमला
- छोटे तने की बढ़वार-कली
- सबसे बुरा
- शुरुआती बढ़वार अवस्था
- मुख्य जोखिम
- स्थायी मोड़, कम रेशा-दर्जा
परिचय
जूट तना घुन एक बहुत छोटा घुन (नोकदार भृंग) है जिसका ग्रब जूट के छोटे पौधे की बढ़वार-कली में घुस जाता है। ग्रब के अंदर खाते ही तने का वह हिस्सा सूज जाता या मुड़ जाता है, और चूँकि जूट का तना एक बार उस बिंदु से आगे बढ़ने पर ख़ुद सीधा नहीं होता, यह मोड़ बाक़ी मौसम वहीं रह जाता है।
पौधा आमतौर पर नुकसान वाले बिंदु के ऊपर बढ़ता रहता है, इसलिए फसल सीधे नहीं मरती, पर दिखने में मुड़ा या टेढ़ा तना रेशा निकालते व बेचते समय घटिया माना जाता है, क्योंकि मिल व ख़रीदार मुड़े, अनियमित रेशे के लिए सीधी, बराबर लंबाई से कम दाम देते हैं।
कैसे पहचानें
- बहुत छोटे घुन (नोकदार छोटे भृंग) नई कोंपलों पर दिख सकते हैं, हालाँकि नुकसान पहचानना कीट से ज़्यादा आसान है।
- छोटे पौधे के तने पर, बढ़वार-कली रही जगह के पास, सूजी या गाँठ-जैसी उभार या साफ़ मोड़ देखें।
- तना आमतौर पर नुकसान वाले बिंदु के ऊपर बढ़ता रहता है, इसलिए पुराने पौधों में अन्यथा सामान्य दिखते तने के बीच में स्थायी मोड़ दिखता है।
यह क्या नुकसान करता है
- मोड़ स्थायी है — तना एक बार नुकसान वाले बिंदु से आगे बढ़ने पर, बाक़ी मौसम सीधा नहीं होता।
- मुड़ा या टेढ़ा तना रेशा निकालने की अवस्था में घटिया माना जाता है, भले ही पौधा ख़ुद पूरी लंबाई तक बढ़ा हो, कम दाम मिलता है।
- नुकसान छोटे पौधों में पहले कुछ हफ़्तों में सबसे बुरा होता है, जब बढ़वार-कली छोटी, नरम व हमले के लिए सबसे खुली होती है।
कब कार्रवाई करें
- उगने के पहले कई हफ़्तों में छोटे पौधे ध्यान से जाँचें, क्योंकि यही एकमात्र अवस्था है जब कीट यह नुकसान कर सकता है।
- सूजन या मोड़ के पहले ही संकेत पर कार्रवाई करें, क्योंकि तने में बन चुका मोड़ बाद के किसी भी उपचार से पलटा नहीं जा सकता।
- पिछले मौसमों में इस कीट का जाना-पहचाना इतिहास रखने वाले खेतों में अतिरिक्त ध्यान दें।
जैविक व सांस्कृतिक नियंत्रण
- जहाँ व्यावहारिक हो, दिखने में ख़राब, मुड़ी नई कोंपलें जल्दी हटाकर नष्ट करें, ताकि खेत में घुन-संख्या आगे फैलने से पहले घटे।
- सिफ़ारिश किए समय पर बुवाई करें और खड़ी फसल स्वस्थ रखें, ताकि पौधे संवेदनशील शुरुआती अवस्था जितनी जल्दी हो पार कर जाएँ।
- खेत की मेड़ें खरपतवार-मुक्त रखें जो जूट फसलों के बीच घुन को आश्रय दे सकते हैं।
रासायनिक नियंत्रण
- जाना-पहचाना घुन-नुकसान इतिहास रखने वाले खेतों में संवेदनशील शुरुआती बढ़वार अवस्था पर सिफ़ारिश किया कीटनाशक छिड़काव मदद कर सकता है।
- यहाँ समय उत्पाद-चुनाव से कहीं ज़्यादा मायने रखता है — तने मुड़ चुकने के बाद छिड़काव कुछ नहीं बचाता, क्योंकि नुकसान पहले ही पक्का हो चुका होता है।
- जूट के लिए मौजूदा सिफ़ारिश किया उत्पाद व मात्रा स्थानीय KVK से पक्की करें।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे कुछ नए जूट तनों में ऊपर की ओर सूजन या मोड़ है। यह क्या है?
यह संभवतः जूट तना घुन का नुकसान है। एक बहुत छोटा घुन ग्रब छोटे तने की बढ़वार-कली में घुस जाता है, और तना उस बिंदु पर सूज या मुड़ जाता है जबकि ऊपर बढ़ता रहता है। मोड़ स्थायी है, इसलिए फैलने से पहले पकड़ने के लिए नए पौधे जल्दी जाँचें।
क्या पौधा बढ़ने के साथ मुड़ा तना सीधा हो जाएगा?
नहीं। जूट का तना एक बार नुकसान वाले बिंदु पर मुड़ या सूज जाए, तो बाक़ी मौसम वैसे ही रहता है — पौधा उसके ऊपर बढ़ता रहता है, पर मोड़ ख़ुद नहीं जाता।
क्या मुड़े तने से फिर भी काम का रेशा मिलता है?
हाँ, पौधा आमतौर पर बच जाता है और रेशा निकाला जा सकता है, पर मुड़ा या टेढ़ा तना सीधे, बराबर तनों से कम दाम में बिकता व घटिया माना जाता है, इसलिए पौधा न मरने पर भी यह असली नुकसान है।
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