Chandra Sankara (Dwarf × Tall hybrid)
भाकृअनुप-सीपीसीआरआई कासरगोड से जारी — लंबी किस्म की पौध से कई साल पहले फल देना शुरू करती है, बदले में कम उत्पादक आयु और अगली रोपाई के लिए बचाए बीज की जगह ताज़ा बीज-नारियल चाहिए।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- नारियल
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- पौध में साल 3–4 से फल
- अपेक्षित उपज
- 100–120 नारियल/पेड़/साल, पूर्ण फलन पर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- 1985 में भाकृअनुप-सीपीसीआरआई द्वारा केरल व कर्नाटक के लिए जारी।
इस किस्म के बारे में
चंद्र संकर भाकृअनुप-सीपीसीआरआई द्वारा तैयार किया गया लंबा × बौना नारियल हाइब्रिड है, जिसमें चोवघाट ऑरेंज ड्वार्फ़ (COD, बीज-पैरेंट) को वेस्ट कोस्ट टॉल (WCT, पराग-पैरेंट) से क्रॉस किया गया, और इसे 1985 में केरल व कर्नाटक में खेती के लिए जारी किया गया — यह जानकारी संस्थान की जारी की गई किस्मों व संकरों की सूची वाले एक सीधे फ़ेच किए गए सीपीसीआरआई पेज से मिलती है। यह शुद्ध लंबी पौध से पहले फल देना शुरू करता है, औसतन 116 नारियल/पेड़/साल की उपज देता है (प्रबंधन के अनुसार 100–150 का दायरा), प्रति नारियल 160–230 ग्राम खोपरा के साथ, और — उसी सीधे फ़ेच किए गए सीपीसीआरआई स्रोत के अनुसार — गर्मी के सूखे महीनों में सिंचाई की ज़रूरत होती है क्योंकि यह अपने वेस्ट कोस्ट टॉल पैरेंट से ज़्यादा सूखा-संवेदनशील है। एक अलग, खोज-परिणाम-पुष्ट (सीधे फ़ेच न किया गया) खेती-विज्ञान सारांश 110–210 नारियल/पेड़/साल का व्यापक उपज-दायरा और लगभग 66% तेल-मात्रा बताता है; सीपीसीआरआई के अपने आँकड़ों पर किसी एक को चुनने के बजाय दोनों यहाँ दर्ज हैं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पौध में साल 3–4 से फल
अपेक्षित उपज
100–120 नारियल/पेड़/साल, पूर्ण फलन पर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- वेस्ट कोस्ट टॉल से कम उत्पादक आयु — दोबारा रोपाई की योजना छोटे चक्र में बनाएँ
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- शुद्ध लंबी पौध से कई साल पहले फल देना शुरू करता है, सीपीसीआरआई की अपनी सूची के अनुसार — वेस्ट कोस्ट टॉल की तुलना में आमदनी की असली शुरुआती बढ़त।
- लंबी किस्मों की तुलना में भारी उपज देने वाला — सीपीसीआरआई का अपना आँकड़ा औसतन 116 नारियल/पेड़/साल है, जबकि खोज-परिणाम-पुष्ट खेती-विज्ञान स्रोत 110–210 नारियल/पेड़/साल तक बताते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- गर्मी के सूखे महीनों में सिंचाई चाहिए — सीपीसीआरआई के अपने पेज के अनुसार, यह अपने वेस्ट कोस्ट टॉल पैरेंट से ज़्यादा सूखा-संवेदनशील है, इसलिए यह वर्षा-आधारित घरेलू रोपाई के लिए WCT जितना उपयुक्त नहीं है।
- इस रिकॉर्ड का अपना diseaseResistance फ़ील्ड वेस्ट कोस्ट टॉल से कम उत्पादक आयु की बात करता है; इस बार मिले किसी भी स्रोत में चंद्र संकर के लिए सटीक आँकड़ा नहीं मिला, पर यह लंबा × बौना नारियल हाइब्रिड के लिए स्थापित सामान्य पैटर्न से मेल खाता है, जो आमतौर पर बौने की छोटी उत्पादक आयु और लंबी किस्म की कहीं ज़्यादा लंबी आयु के बीच बैठता है — यह एक उचित सामान्य-कृषि-विज्ञान अनुमान है, चंद्र-संकर-विशिष्ट उद्धरण नहीं।
- सीपीसीआरआई का अपना पेज इसे केवल केरल व कर्नाटक के लिए अनुशंसित करता है; इस रिकॉर्ड का states फ़ील्ड इसमें आंध्र प्रदेश भी जोड़ता है, जिसकी इस बार किसी स्रोत ने चंद्र संकर के लिए विशेष रूप से पुष्टि नहीं की — संभवतः व्यापक किसान-अपनाव, विरोधाभास नहीं, बस अपुष्ट।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- केरल
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चंद्र संकर किसका क्रॉस है?
चोवघाट ऑरेंज ड्वार्फ़ बीज/मादा पैरेंट के रूप में, वेस्ट कोस्ट टॉल पराग/नर पैरेंट के रूप में क्रॉस किया गया — एक लंबा × बौना हाइब्रिड जो भाकृअनुप-सीपीसीआरआई ने 1985 में केरल व कर्नाटक के लिए जारी किया।
क्या चंद्र संकर को सिंचाई चाहिए?
हाँ, शुद्ध लंबी किस्म से ज़्यादा। सीपीसीआरआई का अपना किस्म-पेज बताता है कि यह सूखा-संवेदनशील है और गर्मी के सूखे महीनों में सिंचाई चाहता है — वर्षा-आधारित मज़बूत वेस्ट कोस्ट टॉल के बजाय इसे चुनने से पहले इसकी योजना बनाना ज़रूरी है।
स्रोत: Varieties & Hybrids Developed — ICAR-Central Plantation Crops Research Institute. संपादकीय नीति.
