आंध्र प्रदेश सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (APMIP)
ड्रिप और स्प्रिंकलर पर अनुदान — SC/ST छोटे किसानों को 100% से लेकर बड़ी जोत पर 50% तक, बागवानी, रेशम, गन्ना और दलहन सभी में लागू।
संचालक: बागवानी विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार
- SC/ST, 5 एकड़ तक
- 100% सब्सिडी, ₹2L सीमा
- अन्य छोटे/सीमांत
- 90% सब्सिडी, ₹2L सीमा
- मध्यम (5-10 एकड़)
- 70% सब्सिडी, ₹2.8L सीमा
- बड़े (10 एकड़ से ऊपर)
- 50% सब्सिडी, ₹4L सीमा
परिचय
APMIP को नवंबर 2003 में एक विशेष प्रयोजन इकाई (SPV) के रूप में बनाया गया था ताकि आंध्र प्रदेश की हर सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी अलग-अलग विभागों में बिखरने के बजाय एक ही संस्था के ज़रिए चले। तभी से यह राज्य में ड्रिप और स्प्रिंकलर मदद का मुख्य ज़रिया बना हुआ है, और आंध्र प्रदेश आज सूक्ष्म सिंचाई कवरेज में देश में सबसे आगे है — अकेले 2025-26 में 1.26 लाख हेक्टेयर ड्रिप और स्प्रिंकलर के दायरे में आई, और उस साल एक लाख से ज़्यादा किसानों को ₹103 करोड़ से ज़्यादा सब्सिडी दी गई।
सब्सिडी उन किसानों के लिए सबसे ज़्यादा है जो पूरी लागत नहीं उठा सकते। 5 एकड़ तक वाले SC/ST किसानों को ड्रिप सिस्टम की पूरी लागत मिलती है, अधिकतम ₹2 लाख। उसी जोत सीमा वाले अन्य छोटे-सीमांत किसानों को 90%, मध्यम किसानों (5-10 एकड़) को 70%, और 10 एकड़ से ऊपर वाले किसानों को भी 50% सहायता मिलती है, अधिकतम ₹4 लाख। स्प्रिंकलर सिस्टम की हर वर्ग के लिए अपनी अलग, कम दर की सब्सिडी है।
पात्र फसलें एक अधिसूचित सूची में तय हैं, "कोई भी फसल" नहीं — ड्रिप सब्सिडी फ़िलहाल केला, पपीता, आम, हल्दी, खट्टे फल, अनार और सब्ज़ियों पर लागू है, जबकि स्प्रिंकलर और रेन-गन सिस्टम अलग से मूंगफली और चने के लिए अधिसूचित हैं। आवेदन अब पुरानी रायथु सेवा केंद्र काग़ज़ी प्रक्रिया के साथ-साथ एक "पेपरलेस ट्रांज़ैक्शन" मोबाइल ऐप से भी ट्रैक होते हैं, ताकि किसान बिना दफ़्तर के बार-बार चक्कर लगाए स्थिति देख सके।
2025 से परियोजना ऑटोमेशन की ओर बढ़ी है — 16 सूचीबद्ध कंपनियाँ अब सिर्फ़ सादी पाइप और ड्रिपर नहीं, बल्कि सोलेनॉइड वाल्व, मिट्टी-नमी सेंसर और स्वचालित फर्टिगेशन यूनिट वाले सिस्टम देती हैं — यानी आज आवेदन करने वाले किसान को दस साल पहले जैसी ही सब्सिडी हिस्सेदारी में कहीं ज़्यादा सक्षम सिस्टम मिलता है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- SC/ST छोटे-सीमांत किसानों (5 एकड़ तक) को ड्रिप सिंचाई पर 100% सब्सिडी, अधिकतम ₹2 लाख।
- उसी जोत सीमा में अन्य छोटे-सीमांत किसानों को 90% सब्सिडी, वही ₹2 लाख सीमा।
- मध्यम किसानों (5-10 एकड़) को 70% सब्सिडी, अधिकतम ₹2.8 लाख; 10 एकड़ से ऊपर वालों को 50%, अधिकतम ₹4 लाख।
- हर वर्ग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम की अपनी अलग सब्सिडी दर — उन फसलों और मिट्टी के लिए उपयोगी जहाँ ड्रिप सही नहीं बैठती।
- बागवानी, रेशम खेती और चुनी हुई कृषि फसलें — गन्ना और दलहन — भी शामिल, सिर्फ़ फल-सब्ज़ी तक सीमित नहीं।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि वाला किसान, जो पात्र बागवानी, रेशम, गन्ना या दलहन फसल उगाता हो
- ज़मीन किसान के अपने नाम — पट्टादार पासबुक या अडंगल उद्धरण से पुष्टि
- दावा किया गया क्षेत्र किसान की श्रेणी की सीमा (5, 10 एकड़ या उससे ऊपर) के भीतर
- सब्सिडी हस्तांतरण के लिए आवेदक के नाम चालू बैंक खाता
शामिल नहीं
- आवेदक की श्रेणी की सब्सिडी सीमा से ऊपर की ज़मीन
- सूचीबद्ध कंपनी से स्वीकृति से पहले ख़रीदे या लगाए गए सिस्टम
- योजना वर्ष की अधिसूचित सूची में शामिल न फसलें
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- भूमि दस्तावेज़ — पट्टादार पासबुक या अडंगल उद्धरण
- आधार कार्ड
- चालू बैंक खाते का पासबुक या प्रमाण
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
रायथु सेवा केंद्र में पंजीकरण करें
योजना वर्ष के लिए पंजीकरण हेतु गाँव स्तर के रायथु सेवा केंद्र (RSK) या ग्राम कृषि/बागवानी सहायक के पास भूमि और पहचान दस्तावेज़ों के साथ जाएँ।
- 2
सूचीबद्ध कंपनी चुनें और अनुमान लें
अपने ज़िले में काम कर रही सूचीबद्ध सूक्ष्म सिंचाई कंपनियों में से चुनें; कंपनी आपकी ज़मीन और फसल के हिसाब से लागत अनुमान तैयार करती है।
- 3
स्थापना और सब्सिडी जारी
स्वीकृति के बाद सिस्टम लगता है, APMIP का फील्ड स्टाफ सत्यापन करता है, और सब्सिडी का हिस्सा आपके बैंक खाते में जमा होता है — आप सिर्फ़ अपने हिस्से की लागत देते हैं।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- अटका आवेदन, ग़लत सब्सिडी स्वीकृति, या ख़राब पुर्ज़ों वाला लगा सिस्टम — पहले अपने ज़िला सूक्ष्म सिंचाई अधिकारी (DMIO) से संपर्क करें; हर ज़िले के APMIP पेज पर उस अधिकारी का सीधा नंबर दिया होता है, और टोल-फ़्री 1800-425-2960 भी परियोजना की केंद्रीय हेल्पलाइन तक पहुँचाता है।
- चूँकि सूचीबद्ध कंपनी को आपकी स्वीकृति के एवज़ में सीधे भुगतान होता है, ज़्यादातर स्थापना विवाद असल में उस कंपनी से होते हैं, APMIP स्टाफ़ से नहीं — इसे DMIO को लिखित में बताएँ ताकि यह कंपनी के सूचीबद्धता रिकॉर्ड में दर्ज हो, सिर्फ़ फील्ड सहायक को मौखिक रूप से न कहा जाए।
- अगर DMIO से समाधान न मिले, तो राज्य की आधार-लिंक्ड स्पंदन (Spandana) शिकायत व्यवस्था पर आगे बढ़ाएँ — spandana.ap.gov.in पर ऑनलाइन या 1902 पर कॉल करके; आपको एक ट्रैकिंग नंबर मिलता है और समाधान संतोषजनक न होने पर मामला फिर से खुलवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मैं SC/ST नहीं हूँ पर मेरे पास सिर्फ़ 3 एकड़ है। मुझे कितनी सब्सिडी मिलेगी?
आप "अन्य छोटे-सीमांत किसान" श्रेणी में आते हैं — ड्रिप पर 90% सब्सिडी, अधिकतम ₹2 लाख, यानी SC/ST 100% वर्ग जैसी ही जोत सीमा।
क्या गन्ना या दलहन के लिए भी सब्सिडी मिलती है, सिर्फ़ सब्ज़ी के लिए नहीं?
हाँ। APMIP बागवानी और रेशम फसलों के साथ-साथ कृषि के तहत गन्ना और दलहन को भी कवर करती है, योजना वर्ष की अधिसूचित फसल सूची के अनुसार।
क्या मुझे ड्रिप सिस्टम पहले ख़ुद ख़रीदना होगा और बाद में दावा करना होगा?
नहीं। स्वीकृति के बाद आप सूचीबद्ध कंपनियों में से चुनते हैं; कंपनी सिस्टम लगाती है और सब्सिडी सीधे निपटाई जाती है, यानी आप सिर्फ़ अपने हिस्से की लागत देते हैं, पहले पूरी रकम नहीं।
ड्रिप सब्सिडी के लिए ठीक-ठीक कौन-सी फसलें पात्र हैं?
फ़िलहाल सूची में केला, पपीता, आम, हल्दी, खट्टे फल, अनार और सब्ज़ियाँ ड्रिप के लिए शामिल हैं; मूंगफली और चना स्प्रिंकलर व रेन-गन सिस्टम के लिए अलग से अधिसूचित हैं। आवेदन से पहले चालू वर्ष की सटीक सूची अपने RSK से जाँच लें।
क्या मैं दफ़्तर गए बिना अपने आवेदन की स्थिति देख सकता हूँ?
हाँ। APMIP का "पेपरलेस ट्रांज़ैक्शन" मोबाइल ऐप है, जिसका उपयोगकर्ता मैनुअल आधिकारिक साइट के डाउनलोड सेक्शन में उपलब्ध है, ताकि आप स्वीकृति और स्थापना की स्थिति सीधे देख सकें।
कंपनी ने स्वीकृत सिस्टम से सस्ता सिस्टम लगा दिया। मैं क्या करूँ?
इसे सिर्फ़ फील्ड सहायक को नहीं, अपने ज़िला सूक्ष्म सिंचाई अधिकारी को लिखित में बताएँ — इससे शिकायत कंपनी के सूचीबद्धता रिकॉर्ड से जुड़ जाती है और कमी सुधरने की संभावना बढ़ती है।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को horticulturedept.ap.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
