चिकवीड (Stellaria media)
एक छोटा, ज़मीन पर फैलने वाला खरपतवार जो गेहूँ-जौ में ठंड और नमी में तेज़ी से बढ़ता और घनी चटाई बना देता।
- प्रकार
- चौड़ी-पत्ती खरपतवार (नीचा, चटाई-जैसा)
- जीवन-चक्र
- वार्षिक; ठंडे-नम मौसम में तेज़ी से बढ़ता
- फैलाव
- बीज — एक पौधा हज़ारों बहुत छोटे बीज बनाता
- मुख्य हानि
- युवा पौधों पर चटाई बनाता; नमी रोककर रोग बढ़ा सकता
परिचय
चिकवीड एक छोटा, नीचा खरपतवार है जो ठंड के मौसम में, ख़ासकर ठंडे-नम सालों में, गेहूँ और जौ के खेत में आता है। इसके पतले, कमज़ोर तने ज़मीन पर सीधे फैलते और छोटी अंडाकार पत्तियाँ जोड़ों में उगती हैं। यह तेज़ी से बढ़ता और खेत के छायादार या पानी भरे हिस्सों में युवा गेहूँ-जौ के पौधों पर घनी उलझी चटाई बना सकता है।
यह कुछ दूसरे खरपतवारों जितना मज़बूत प्रतिस्पर्धी नहीं, पर चिकवीड की घनी चटाई मिट्टी की सतह पर नमी रोक लेती है, जो युवा फसल में फफूँद रोग (पौधों की बीमारी जो फफूँद नाम के छोटे जीवों से होती) बढ़ा सकती है। यह बहुत सारे बहुत छोटे बीज भी तेज़ी से बनाता है, इसलिए इस साल का छोटा टुकड़ा अगर न रोका जाए तो अगले साल बड़ी समस्या बन सकता है।
कैसे पहचानें
- पतले, कमज़ोर तने जो खड़े होने के बजाय ज़मीन पर सीधे फैलते।
- छोटी, अंडाकार, चिकनी पत्तियाँ तने पर आमने-सामने जोड़ों में उगती।
- छोटे सफ़ेद फूल जिनकी पाँच पंखुड़ियाँ गहरी कटी होतीं, इसलिए दस पतली पंखुड़ियाँ जैसी दिखतीं।
- गेहूँ-जौ के खेत के ठंडे, नम, छायादार हिस्सों में सबसे तेज़ बढ़ता।
यह समस्या क्यों है
- एक घनी उलझी चटाई बनाता जो युवा, नीची गेहूँ-जौ की फसल को दबा सकता।
- मिट्टी की सतह पर नमी रोकता, जो फसल में फफूँद रोग बढ़ा सकता।
- बहुत तेज़ी से बहुत सारे बहुत छोटे बीज बनाता, इसलिए न रोकने पर तेज़ी से फैलता।
- ज़मीन पर नीचा रहते हुए भी फसल से पोषक व पानी के लिए प्रतिस्पर्धा करता।
सांस्कृतिक व निवारक नियंत्रण
- साफ़, खरपतवार-मुक्त बीज व साफ़ खेत-मेड़ इस्तेमाल करें ताकि बीज खेत में न आए।
- खेत की अच्छी निकासी मदद करती, चूँकि चिकवीड सबसे ज़्यादा गीले, पानी भरे हिस्सों में उगता।
- बुवाई के 30–35 दिन बाद एक हाथ-निराई इसे आसानी से हटा देती, चूँकि इसकी जड़ें उथली व कम मेहनत में उखड़ जातीं।
- उखाड़े पौधों को बीज बनने से पहले खेत से बाहर निकालें।
शाकनाशी नियंत्रण
- गेहूँ में दूसरे शीतकालीन चौड़ी-पत्ती खरपतवार के लिए इस्तेमाल होने वाला वही प्री-इमरजेंस शाकनाशी (पेंडीमेथालिन) चिकवीड को भी रोकता।
- 2,4-D या मेट्सल्फ़्यूरॉन-मिथाइल जैसा पोस्ट-इमरजेंस चौड़ी-पत्ती शाकनाशी, गेहूँ के सामान्य खरपतवार-नियंत्रण समय पर डालें तो इसे अच्छे से नियंत्रित करता।
- शांत दिन पर छिड़काव करें व लेबल की मात्रा व सुरक्षा क़दम अपनाएँ।
- अपने इलाक़े के लिए अभी अनुशंसित शाकनाशी व मात्रा स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से पक्का करें।
एकीकृत प्रबंधन
- साफ़ बीज, अच्छी निकासी, समय पर एक हाथ-निराई व सामान्य गेहूँ/जौ शाकनाशी कार्यक्रम मिलाएँ।
- इसे फूल व बीज बनने न दें, चूँकि एक छूटा टुकड़ा अगले सीज़न तेज़ी से बढ़ सकता।
- चिकवीड आमतौर पर बथुआ या जंगली जई से कम समस्या है, इसलिए इसे अलग छिड़काव के बजाय अपनी सामान्य निराई में ही नियंत्रित करें।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे गेहूँ/जौ के खेत में यह नीचा, फैलता खरपतवार छोटे सफ़ेद फूलों के साथ क्या है?
ज़मीन पर सीधे पड़े पतले कमज़ोर तनों, जोड़ों में छोटी अंडाकार पत्तियों, व दस पतली पंखुड़ी जैसे दिखने वाले (असल में पाँच, हर एक गहरी कटी) छोटे सफ़ेद फूलों वाला खरपतवार चिकवीड (Stellaria media) है। यह गेहूँ-जौ के खेत के ठंडे, नम हिस्सों में मिट्टी पर घनी चटाई बनाता। यह प्रतिस्पर्धा में बहुत मज़बूत नहीं, पर घनी चटाई युवा पौधों को दबा सकती व नमी रोककर रोग बढ़ा सकती। समय पर एक हाथ-निराई या आपका सामान्य गेहूँ चौड़ी-पत्ती शाकनाशी इसे अच्छे से नियंत्रित करता।
चिकवीड मेरे खेत के कुछ हिस्सों में दूसरों से ज़्यादा क्यों आता?
चिकवीड को ठंडी, नम व छायादार दशाएँ पसंद हैं, इसलिए यह खेत के नीचे, पानी भरे या छायादार हिस्सों में — जैसे मेड़ के पास या जहाँ सिंचाई के बाद पानी रुकता — सबसे घना उगता। उन हिस्सों में निकासी सुधारना, अपनी सामान्य निराई के साथ, वहाँ चिकवीड की बढ़त घटाता।
क्या चिकवीड के लिए अलग शाकनाशी चाहिए?
नहीं। गेहूँ में दूसरे चौड़ी-पत्ती खरपतवार के लिए आप पहले से इस्तेमाल करते प्री-इमरजेंस शाकनाशी (पेंडीमेथालिन) व पोस्ट-इमरजेंस चौड़ी-पत्ती शाकनाशी (2,4-D या मेट्सल्फ़्यूरॉन-मिथाइल) चिकवीड को भी नियंत्रित करते। बुवाई के क़रीब 30–35 दिन बाद समय पर एक हाथ-निराई भी इसे आसानी से हटा देती, चूँकि इसकी जड़ें उथली व कम मेहनत में उखड़ जातीं। अपने इलाक़े के लिए सही उत्पाद व मात्रा स्थानीय KVK से पक्का करें।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
