खट्टी-बूटी / अमरुल (Oxalis corniculata)
तिपतिया जैसी पत्तियों व पीले फूलों वाला नीचा, फैलता खरपतवार, जिसकी बीज-फलियाँ छूते ही फट कर बीज दूर फेंकतीं।
- प्रकार
- चौड़ी-पत्ती खरपतवार (रेंगता, चटाई-जैसा)
- जीवन-चक्र
- बहुवर्षीय; जड़ों से फिर उगता व बीज से फैलता
- फैलाव
- बीज-फलियाँ जो फट कर बीज फेंकतीं; रेंगते तने भी
- मुख्य हानि
- फैलती चटाई जवान पौधों से प्रतिस्पर्धा करती
परिचय
खट्टी-बूटी या अमरुल (Oxalis corniculata) एक नीचा, रेंगता खरपतवार है, जिसकी हर पत्ती में तीन दिल-जैसी पत्तियाँ, तिपतिया घास जैसी आकृति में, व छोटे पाँच-पंखुड़ी पीले फूल होते। चबाने पर खट्टा स्वाद देता, जहाँ से कुछ इलाक़ों में इसका नाम "खट्टी घास" आता। कॉफ़ी के बाग़ों व दूसरी नम, छायादार ज़मीन में यह आम है।
इसकी पतली, सीधी बीज-फलियाँ छूने या पकने पर फट जातीं, पौधे से दूर बहुत छोटे बीज फेंकतीं, इसलिए इसे फलियाँ बनने से पहले हटाने का समय ज़्यादातर खरपतवार से ज़्यादा मायने रखता। यह जड़ व तने के टुकड़ों से भी आसानी से फिर उगता, इसलिए उथली गुड़ाई जो टुकड़े छोड़ जाए इसे पूरी तरह नहीं हटाती।
कैसे पहचानें
- नीचा, रेंगता पौधा, हर पत्ती में तीन दिल-जैसी पत्तियाँ, छोटी तिपतिया घास जैसी आकृति में।
- छोटे, पाँच-पंखुड़ी पीले फूल।
- पतली, सीधी बीज-फलियाँ जो छूने या पकने पर फट जातीं, पौधे से दूर बहुत छोटे बीज फेंकतीं।
- चबाने पर खट्टा स्वाद, जहाँ से कुछ इलाक़ों में नाम "खट्टी घास" आता।
यह समस्या क्यों है
- एक फैलती, चटाई-जैसी ज़मीन-आवरण बनाता जो जवान कॉफ़ी पौधों से पोषक व नमी के लिए प्रतिस्पर्धा करता।
- इसकी बीज-फलियाँ फट कर बीज काफ़ी दूर फेंकतीं, इसलिए छोटा टुकड़ा ज़्यादातर खरपतवार से तेज़ी से पूरे प्लॉट में फैल सकता।
- जड़ व तने के टुकड़ों से आसानी से फिर उगता, इसलिए उथली गुड़ाई जो टुकड़े छोड़े इसे पूरी तरह नहीं हटाती।
- नियमित कटाई या हल्की निराई को कई चौड़ी-पत्ती खरपतवार से बेहतर झेल लेता, इसलिए सामान्य देखभाल में भी टिका रहता।
सांस्कृतिक व निवारक नियंत्रण
- बीज-फलियाँ बनने या पकने से पहले सावधानी से हाथ से उखाड़ें, चूँकि पकी फलियाँ हल्के छूने पर भी फट कर बीज बिखेरतीं।
- जवान कॉफ़ी पौधों के आसपास मल्चिंग इसे अच्छे से दबाती व मिट्टी तक पहुँचने वाली रोशनी घटाती जो इसे जमने से रोकती।
- उखाड़े पौधों को जगह से हटाएँ, नम मिट्टी पर जड़ या तने के टुकड़े न छोड़ें, चूँकि ये फिर उग सकते।
- सीज़न भर बार-बार हटाएँ, चूँकि इस जैसे नीचे, टिकाऊ खरपतवार के लिए एक ही निराई राउंड शायद ही काफ़ी होती।
शाकनाशी नियंत्रण
- कॉफ़ी में छाया-ज़रूरत व फसल की संवेदनशीलता के कारण शाकनाशी इस्तेमाल सीमित है, इसलिए हाथ से हटाना व मल्चिंग मुख्य तरीक़े हैं।
- अगर कतारों के बीच स्पॉट शाकनाशी इस्तेमाल हो, इसे जवान कॉफ़ी पौधों व जड़-क्षेत्र से दूर रखें।
- छिड़काव से पहले कॉफ़ी के आसपास इस्तेमाल के लिए उपयुक्त कोई भी शाकनाशी उत्पाद स्थानीय KVK से पक्का करें।
एकीकृत प्रबंधन
- अच्छी मल्चिंग करें, बीज-फलियाँ बनने से पहले हाथ से उखाड़ें, व एक निराई राउंड से इसे ख़त्म होने की उम्मीद के बजाय सीज़न भर दोहराएँ।
- पकी फलियों के पास उखाड़े पौधों को सावधानी से संभालें, चूँकि उन्हें हिलाना ठीक वहीं बीज बिखेर सकता जहाँ से आप साफ़ करने की कोशिश कर रहे।
- इसे कॉफ़ी बाग़ के सामान्य छाया-छत्र प्रबंधन के साथ मिलाएँ, चूँकि अच्छी तरह बंद छत्र आख़िरकार ख़ुद ज़्यादातर ज़मीन-खरपतवार बढ़त छाया दे देती।
सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे कॉफ़ी प्लॉट में तिपतिया-जैसी पत्तियों व पीले फूलों वाला यह नीचा खरपतवार क्या है?
हर पत्ती में तीन दिल-जैसी पत्तियों (तिपतिया घास जैसी आकृति में) व छोटे पाँच-पंखुड़ी पीले फूलों वाला नीचा, रेंगता खरपतवार खट्टी-बूटी/अमरुल (Oxalis corniculata) है। चबाने पर खट्टा स्वाद देता, जहाँ से "खट्टी घास" जैसे नाम आते। इसकी बीज-फलियाँ हल्के छूने पर भी फट कर बीज कुछ दूर फेंकतीं, इसलिए फलियाँ पकने से पहले उखाड़ना ज़्यादातर खरपतवार से ज़्यादा मायने रखता।
नियमित निराई के बावजूद यह खरपतवार बार-बार क्यों फैलता?
इसकी बीज-फलियाँ ख़ुद या हल्के छूने पर फट जातीं, मूल पौधे से बहुत छोटे बीज काफ़ी दूर फेंकतीं — इसलिए कुछ दिन भी छूटा टुकड़ा आपके देखने से पहले बड़े क्षेत्र में बीज फैला सकता। यह उथली गुड़ाई से छूटे जड़-तना टुकड़ों से भी फिर उगता। फलियाँ बनने से पहले सावधानी से उखाड़ना, व नई बढ़त दबाने को मल्चिंग, अकेली सामान्य हल्की निराई से बेहतर काम करता।
क्या मुझे अपने कॉफ़ी प्लॉट में इस खरपतवार के लिए शाकनाशी इस्तेमाल करना चाहिए?
कॉफ़ी में छाया-ज़रूरत व संवेदनशीलता के कारण शाकनाशी इस्तेमाल आमतौर पर सीमित है, इसलिए बीज-फलियाँ बनने से पहले हाथ से उखाड़ना व अच्छी मल्चिंग मुख्य असरदार तरीक़े हैं। अगर कतारों के बीच स्पॉट शाकनाशी इस्तेमाल हो, इसे कॉफ़ी पौधों व उनके जड़-क्षेत्र से दूर रखें, व पहले स्थानीय KVK से उपयुक्त उत्पाद पक्का करें।
लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.
