सौर जलनिधि योजना
जिस किसान के पास कुँआ या फार्म पॉन्ड तो है पर बिजली का कनेक्शन नहीं — उसके लिए सोलर पंप, ज़्यादातर खर्च राज्य और OREDA उठाते हैं।
संचालक: कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग, ओड़िशा सरकार (ओड़िशा नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण OREDA के साथ)
- सरकारी मदद
- ~₹54,000 (≈90%) प्रति पंप
- पंप क्षमता
- 0.5 HP, कुँआ / फार्म पॉन्ड आधारित
- प्रति परिवार
- अधिकतम 1 सोलर पंप
- शुरुआत
- 30 नवंबर 2018 (मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा)
- रखरखाव
- 5 साल, OREDA द्वारा
परिचय
ओड़िशा में बहुत से छोटे किसानों के पास अपना कुँआ या फार्म पॉन्ड है, पर खेत तक बिजली की लाइन न होने से उसका पूरा फ़ायदा नहीं मिल पाता, और डीज़ल पंप चलाने में फसल की कमाई निकल जाती है। सौर जलनिधि, जिसे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 30 नवंबर 2018 को शुरू किया, ऐसे ही किसान के लिए बनी है — यह पानी के स्रोत पर सीधे 0.5 HP का सोलर पंप लगाती है, ताकि सिंचाई सूरज की रोशनी से चले, हर महीने के डीज़ल बिल से नहीं। पहले चरण में करीब 2,500 एकड़ की सिंचाई के लिए 5,000 पंप लगाने का लक्ष्य था।
करीब ₹57,000 के पंप पर किसान लगभग 10% भरता है और बाक़ी सरकार — करीब ₹54,000, दो विभागों में बँटा: कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग से ₹36,000 और विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग से ₹18,000। विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन ओड़िशा नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (OREDA) वेंडर सूची, स्थापना और 5 साल के रखरखाव अनुबंध को संभालता है, ताकि खराब होने पर पंप किसान की अकेली समस्या न बने।
यह एक कन्वर्जेंस योजना है, यानी फ़ाइल कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों (जो ज़मीन और पानी के स्रोत की जाँच करते हैं) और OREDA (जो पंप लगाता व चलाता है) के बीच चलती है। यह उस किसान के लिए ठीक बैठती है जिसके पास पहले से कुँआ, फार्म पॉन्ड, या नज़दीकी चेक डैम तक पहुँच है — यह नया पानी का स्रोत खोदने की योजना नहीं है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- लगभग ₹54,000 सरकारी मदद प्रति पंप — ₹36,000 कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग से, ₹18,000 विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग से — बाक़ी सिर्फ़ किसान भरता है।
- अपने ही कुँए, फार्म पॉन्ड, या नज़दीकी चेक डैम पर 0.5 HP सोलर पंप, यानी सिंचाई अब बिजली आने का इंतज़ार नहीं करती।
- पंप चलने के बाद कोई डीज़ल या बिजली का लगातार बिल नहीं — उस किसान के लिए सबसे बड़ी बचत जो हर सीज़न ईंधन पर खर्च करता है।
- OREDA के ज़रिए 5 साल का रखरखाव अनुबंध और GPS-टैग की गई स्थापना, साथ में दूर से निगरानी ताकि ख़राबी अनदेखी न रहे।
- किसान OREDA की स्वीकृत वेंडर सूची से खुद पंप का मॉडल चुनता है, कोई तय ब्रांड थोपा नहीं जाता।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- वैध किसान पहचान और कम-से-कम 0.5 एकड़ खेती योग्य, गैर-सिंचित ज़मीन
- अपना कुँआ या फार्म पॉन्ड हो, या नज़दीकी चेक डैम तक दर्ज पहुँच हो
- किसी अन्य योजना में पंप सेट या ऊर्जीकरण के लिए पहले से सरकारी मदद न ली हो
- खेत तक सामान्य बिजली कनेक्शन संभव न होने की स्व-घोषणा
- अनुदान के बाद बचा हुआ पंप का हिस्सा भरने को तैयार हो
शामिल नहीं
- एक ही परिवार के लिए दूसरा सोलर पंप — योजना में एक परिवार को एक ही पंप मिलता है
- ऐसे खेत जहाँ कुँआ, फार्म पॉन्ड, या पहुँच योग्य चेक डैम मौजूद न हो
- ऐसी ज़मीन जिसे किसी अन्य सरकारी योजना में पंप या ऊर्जीकरण अनुदान पहले ही मिल चुका है
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- किसान पहचान / राज्य कृषि पोर्टल पर पंजीकरण
- 0.5 एकड़ न्यूनतम गैर-सिंचित जोत दिखाने वाला भूमि अभिलेख
- कुँआ, फार्म पॉन्ड, या चेक डैम तक पहुँच का प्रमाण
- बिजली कनेक्शन संभव न होने की स्व-घोषणा
- किसान के हिस्से और किसी वापसी के लिए बैंक खाते का विवरण
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
गो-सुगम या सोलर पंप पोर्टल पर आवेदन करें
sugam.odisha.gov.in या odishasolarpump.nic.in पर ज़मीन और पानी के स्रोत के विवरण के साथ आवेदन दर्ज करें।
- 2
मैदानी जाँच और स्वीकृति
कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी (AAE/AAO) आमतौर पर 30 दिनों में ज़मीन और पानी के स्रोत की जाँच करते हैं, फिर ज़िला कलेक्टर मामला मंज़ूर करते हैं।
- 3
पंप चुनें, हिस्सा भरें, स्थापना कराएँ
OREDA वेंडर सूची से पंप चुनें, अपना हिस्सा OREDA में जमा करें, और 5 साल के रखरखाव अनुबंध के तहत पंप लगाकर चालू किया जाता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- मैदानी जाँच के बाद अटका आवेदन, हिस्सा भरने के बाद न लगा पंप, या 5 साल के अनुबंध में न हुई मरम्मत — ब्लॉक / ज़िला कृषि कार्यालय और OREDA ज़िला कार्यालय में रखें; योजना का हेल्पलाइन ईमेल [email protected] है और सहायता odishasolarpump.nic.in से चलती है।
- हल न हो तो ओड़िशा के E-Abhijoga शिकायत पोर्टल (cmgcodisha.gov.in) पर दर्ज करें, जो राज्य की मुख्यमंत्री शिकायत कोशिका की व्यवस्था है — 24 घंटे में पुष्टि और ट्रैक करने योग्य।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या योजना मेरे लिए कुँआ या पॉन्ड खोदती है?
नहीं। सौर जलनिधि आपके पहले से मौजूद कुँए, फार्म पॉन्ड, या चेक डैम तक पहुँच पर सोलर पंप लगाती है — यह नया पानी का स्रोत खोदने के लिए नहीं है।
मुझे असल में कितना पैसा देना होगा?
पंप लागत का लगभग 10%। करीब ₹57,000 के पंप पर सरकार दोनों विभागों से मिलाकर करीब ₹54,000 देती है, और आप OREDA वेंडर सूची से चुने गए मॉडल की बाक़ी लागत भरते हैं।
कितने HP का पंप मिलता है, और क्या दो मिल सकते हैं?
0.5 HP सोलर पंप, और प्रति परिवार एक — एक ही परिवार के लिए दूसरा पंप नहीं मिलता।
योजना कौन चलाता है?
यह कन्वर्जेंस योजना है: कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी ज़मीन और पानी के स्रोत की जाँच करते हैं, और OREDA (विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन) पंप की आपूर्ति, स्थापना व रखरखाव करता है।
पंप खराब हो जाए तो क्या होगा?
OREDA 5 साल का रखरखाव अनुबंध और दूर से निगरानी देता है, यानी सर्विसिंग योजना में ही शामिल है, किसान को अलग से इंतज़ाम नहीं करना पड़ता।
अगर मेरे खेत में पहले से बिजली पंप है तो क्या यह मिलेगा?
नहीं। यह उन खेतों के लिए है जहाँ सामान्य ग्रिड कनेक्शन संभव नहीं, और जहाँ आपने किसी अन्य योजना में पंप-सेट या ऊर्जीकरण अनुदान पहले नहीं लिया।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को odishasolarpump.nic.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
