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रोगPhytophthora fragariaeसमीक्षा 6 सितंबर 2026

रेड स्टील जड़-सड़न

एक मृदा जल-फफूँद जिसे जमने को ठंडी, जलभराव ज़मीन चाहिए — स्ट्रॉबेरी जड़ के केंद्र को एक पहचाने-जाने योग्य लाल-बैंगनी रंग देती व पौधे को बौना करती, इलाज से कहीं आसानी से एक उठी क्यारी से रोका जा सकता है।

रोगजनक
जल-फफूँद (Phytophthora fragariae)
फैलाव
सतही पानी, जलभराव मिट्टी, संक्रमित रोपण-सामग्री
अनुकूल
ठंडी, जलभराव वाली, ख़राब जल-निकासी मिट्टी
मुख्य जोखिम
बौने, मुरझाए पौधे; एक बार जमने पर कोई इलाज नहीं

परिचय

रेड स्टील जड़-सड़न, जल-फफूँद Phytophthora fragariae से, जहाँ भी फ़सल ठंडी, गीली दशाओं में उगाई जाती है वहाँ भारत सहित स्ट्रॉबेरी के सबसे गंभीर जड़-रोगों में एक है। यह इस साइट पर अन्य रोगों के पीछे की Phytophthora प्रजातियों से सचमुच अलग रोगजनक है — पछेती झुलसा (P. infestans), मिर्च पैर-सड़न (P. capsici) व एवोकाडो जड़-सड़न (P. cinnamomi) सभी अलग प्रजातियाँ हैं अलग मेज़बानों व अलग मौसम-पसंद के साथ।

रोग ख़ास तौर पर ठंडी, जलभराव वाली, ख़राब जल-निकासी मिट्टी में जमता, ठीक इसीलिए स्ट्रॉबेरी भारत में कहीं भी समतल ज़मीन के बजाय उठी क्यारी पर उगाई जाती। एक प्रभावित पौधा बौना व मुरझाया होता, अक्सर पत्तों पर धुंधली नीली-हरी या लाली भरी झलक व ख़राब फल-सेटिंग के साथ, ऐसे लक्षण जो एक मूसला जड़ खोदकर लंबाई में काटकर अंदर एक लाल-बैंगनी केंद्र दिखने तक साधारण जल-तनाव जैसे दिख सकते — वह "स्टील" जो रोग को नाम देता व किसान जिसे पुष्टि के लिए खोजते।

कैसे पहचानें

  • बौने, मुरझाए पौधे पत्तों पर धुंधली नीली-हरी या लाली भरी झलक के साथ, अक्सर क्यारी भर एक-समान के बजाय धब्बेदार।
  • अन्यथा स्थापित रोपाई पर ख़राब फूल व कमज़ोर फल-सेटिंग।
  • लंबाई में काटी मूसला जड़ के अंदर एक अन्यथा सामान्य दिखती जड़ में एक पहचाने-जाने योग्य लाल-बैंगनी केंद्र — पुष्टि करने वाला संकेत, क्योंकि अकेले ऊपरी लक्षण साधारण जल-तनाव या पोषक-कमी जैसे दिख सकते।
  • क्यारी या खेत के सबसे नीचे, सबसे गीले हिस्सों में सबसे बुरा, अक्सर वहाँ पहले दिखता व गीले सीज़न में बाहर फैलता।

कारण व कब

  • Phytophthora fragariae एक मृदा-जनित जल-फफूँद है, सच्ची फफूँद नहीं — यह तैरने वाले बीजाणु बनाता जो मिट्टी में पानी के ज़रिए चलते, इसीलिए यह ठंडी, जलभराव वाली, ख़राब जल-निकासी ज़मीन में सबसे तेज़ फैलता व सबसे आसानी से जमता है।
  • यह पछेती झुलसा, मिर्च पैर-सड़न या एवोकाडो जड़-सड़न के पीछे की Phytophthora रोगजनकों से सचमुच अलग प्रजाति है — एक के लिए सीखा प्रतिरोध या प्रबंधन दूसरे में नहीं जाता।
  • यह सतही सिंचाई-पानी व एक पहले से प्रभावित नर्सरी या रोपाई से संक्रमित रनर या टिशू-कल्चर पौधों पर भी यात्रा करता।
  • एक बार मिट्टी में जमने पर, रोगजनक कई साल बना रह सकता है, इसीलिए क्यारी-डिज़ाइन व साफ़ रोपण-सामग्री के ज़रिए रोकथाम बाद के किसी भी इलाज से कहीं ज़्यादा मायने रखती है।

सांस्कृतिक व जैविक नियंत्रण

  • हमेशा एक अच्छी जल-निकासी वाली उठी क्यारी पर लगाएँ, कभी समतल या नीची ज़मीन पर नहीं जो थोड़ी देर भी पानी रोक सके — यह अकेली प्रथा भारत में कहीं भी स्ट्रॉबेरी का इस रोग के विरुद्ध मुख्य बचाव है।
  • केवल एक प्रतिष्ठित नर्सरी से प्रमाणित, रोग-मुक्त रनर या टिशू-कल्चर पौधे ख़रीदें, व कभी पुरानी या गिरती रोपाई से रनर न लें।
  • प्रभावित व स्वस्थ क्यारी के बीच मिट्टी, औज़ार या सिंचाई-पानी न ले जाएँ।
  • जहाँ किसी क्यारी में रेड स्टील रहा हो वहाँ कई साल स्ट्रॉबेरी दोबारा न लगाएँ, क्योंकि रोगजनक मिट्टी में बना रहता है।

रासायनिक नियंत्रण

  • एक बार किसी पौधे या क्यारी में रेड स्टील जम जाए तो कोई भरोसेमंद मृदा-इलाज नहीं — रासायनिक विकल्प निवारक हैं, उपचारात्मक नहीं।
  • रोग के दर्ज इतिहास वाले इलाक़े में एक नई क्यारी की सुरक्षा को रोपाई पर एक अनुशंसित प्रणालीगत फफूँदनाशी-भिगोना मदद कर सकता; मौजूदा उत्पाद व मात्रा स्थानीय KVK या राज्य बाग़वानी विभाग से पक्की करें।
  • रासायनिक उपचार कभी अच्छी जल-निकासी वाली उठी क्यारी का विकल्प नहीं है — यह, अच्छे से अच्छे, सही क्यारी-डिज़ाइन के ऊपर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है।

दोबारा न हो, इसके लिए

  • सिर्फ़ लक्षण नहीं, जल-निकासी ठीक करें — एक सही बनी, अच्छी जल-निकासी वाली उठी क्यारी लक्षण दिखने के बाद लगाए किसी भी छिड़काव से कहीं ज़्यादा भरोसे से रेड स्टील रोकती है।
  • जहाँ रोग पहले ही दिख चुका हो वहाँ सीधे स्ट्रॉबेरी दोबारा न लगाएँ; रोगजनक मिट्टी में सालों बना रहता है।
  • हर सीज़न केवल प्रमाणित, रोग-मुक्त नर्सरियों से रोपण-सामग्री लें, चूँकि भारत में स्ट्रॉबेरी वैसे भी हर साल ताज़ी रोपी जाती है।
  • खेत के नीचे, ख़राब जल-निकासी वाले हिस्सों को सबसे पहले व सबसे अक्सर जाँचें, क्योंकि रोग वहीं से जमता व फैलता है।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरे स्ट्रॉबेरी पौधे क्यारी के सबसे नीचे हिस्से में बौने व कुछ मुरझाए दिखते। क्या गड़बड़ है?

यह रेड स्टील जड़-सड़न का क्लासिक पैटर्न है, मृदा जल-फफूँद Phytophthora fragariae से, जिसे जमने को ठंडी, जलभराव वाली, ख़राब जल-निकासी ज़मीन चाहिए — ठीक वह दशाएँ जो एक नीचा हिस्सा देता। एक प्रभावित मूसला जड़ खोदकर लंबाई में काटें: एक अन्यथा सामान्य दिखती जड़ के अंदर एक लाल-बैंगनी केंद्र रोग की पुष्टि करता। एक बार जमने पर कोई इलाज नहीं — तुरंत जल-निकासी सुधारने पर ध्यान दें व उस जगह कई साल स्ट्रॉबेरी दोबारा न लगाएँ।

क्या रेड स्टील वही रोग है जो मैंने अन्य फ़सलों पर फाइटोफ़्थोरा झुलसा या जड़-सड़न के बारे में पढ़ा?

नहीं — Phytophthora fragariae (रेड स्टील, स्ट्रॉबेरी पर) पछेती झुलसा (आलू व टमाटर पर Phytophthora infestans), मिर्च पैर-सड़न (Phytophthora capsici) व एवोकाडो जड़-सड़न (Phytophthora cinnamomi) से सचमुच अलग प्रजाति है। वे एक वंश व गीली दशाओं की सामान्य पसंद साझा करतीं, पर हर एक अपने मेज़बान-दायरे वाला अलग रोगजनक है, तो एक के लिए सीखा प्रबंधन अपने-आप दूसरे में नहीं जाता।

हर स्ट्रॉबेरी गाइड उठी क्यारी पर क्यों ज़ोर देती?

क्योंकि रेड स्टील को ठीक वही ठंडी, जलभराव वाली, ख़राब जल-निकासी दशाएँ चाहिए जो समतल या नीची ज़मीन देती, व स्ट्रॉबेरी जलभराव बिल्कुल नहीं सह सकती। एक सही बनी, अच्छी जल-निकासी वाली उठी क्यारी — नाली-बाढ़ के बजाय ड्रिप सिंचाई के साथ — इस रोग के विरुद्ध सबसे असरदार व सबसे कम-लागत बचाव है, बाद में लगाए किसी भी फफूँदनाशी से कहीं ज़्यादा भरोसेमंद।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल व क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.