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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अरंडीखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

GCH-4

1986 में जारी, आज भी गुजरात भर में सिंचित/बारानी दोनों उपयुक्तता व तेला-उकठा सहनशीलता के लिए उगाई जाती है। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)
अपेक्षित उपजसामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
अरंडी
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)
अपेक्षित उपज
सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
1986 में जारी, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट

इस किस्म के बारे में

जीसीएच-4 एक अरंडी संकर है, जिसे स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में 1986 में जारी व सिंचित तथा बारानी दोनों खेती के लिए अनुशंसित बताया गया है, जिसमें तेला (जैसिड) व उकठा के प्रति सहनशीलता है — जो इस रिकॉर्ड के अपने शीर्ष-स्तरीय फ़ील्ड से क़रीब-क़रीब मेल खाता है। एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR उकठा-स्क्रीनिंग अध्ययन सारांश ने स्वतंत्र रूप से जीसीएच-4 को एसडीएयू की जारी, उकठा-प्रतिरोधी हाइब्रिड में सूचीबद्ध पुष्ट किया (जीसीएच-5, जीसीएच-7, जीसीएच-8, जीसीएच-9 व जीसीएच-10 के साथ)। इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने इसका सटीक संकरण या इस रिकॉर्ड में पहले से मौजूद सामान्य बारानी/सिंचित सीमा से आगे कोई विशिष्ट उपज आँकड़ा नहीं दिया।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)
    उपज क्षमतासामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधतेला (जैसिड) व उकठा के प्रति सहनशील
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)

अपेक्षित उपज

सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • सिंचित व बारानी दोनों खेती के लिए दोहरी उपयुक्तता, उन हाइब्रिड के विपरीत जो केवल एक प्रबंधन शैली के लिए विकसित हैं
  • एक लंबे समय से स्थापित, अच्छी तरह पुष्ट हाइब्रिड में तेला व उकठा दोनों के प्रति संयुक्त सहनशीलता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने जीसीएच-4 का सटीक संकरण नहीं दिया, न ही इस रिकॉर्ड के अपने yieldPotential फ़ील्ड में पहले से मौजूद सामान्य बारानी सीमा से अधिक विशिष्ट उपज आँकड़ा — इस रिकॉर्ड के मौजूदा आँकड़ों का खंडन नहीं हुआ, बस स्वतंत्र रूप से सुधार नहीं हुआ

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • गुजरात

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जीसीएच-4 अरंडी कब जारी हुई?

1986, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट।

क्या जीसीएच-4 बारानी या सिंचित खेतों के लिए उपयुक्त है?

दोनों — यह सिंचित व बारानी दोनों खेती के लिए अनुशंसित है, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट।

जीसीएच-4 किसके प्रति प्रतिरोधी है?

तेला (जैसिड) व उकठा, इस रिकॉर्ड के अपने फ़ील्ड से मेल खाता; एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR अध्ययन से स्वतंत्र रूप से एसडीएयू की जारी उकठा-प्रतिरोधी हाइब्रिड के रूप में पुष्ट।

जीसीएच-4 किसने विकसित की?

सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय (एसडीएयू), गुजरात — एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR अध्ययन में अन्य एसडीएयू-विकसित जीसीएच-श्रृंखला हाइब्रिड (जीसीएच-5, जीसीएच-7, जीसीएच-8, जीसीएच-9, जीसीएच-10) के साथ इसकी सूची से अनुमानित; इस चरण में किसी जीसीएच-4-विशिष्ट प्राथमिक स्रोत से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं।

जीसीएच-4 कितनी उपज देती है?

सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15-18 क्विंटल/हेक्टेयर, इस रिकॉर्ड के अपने फ़ील्ड के अनुसार — इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने स्वतंत्र, अधिक विशिष्ट आँकड़ा नहीं दिया।

स्रोत: Screening of castor hybrids and their parents against wilt disease — Journal of Oilseeds Research (ICAR ePubs). संपादकीय नीति.