GCH-4
1986 में जारी, आज भी गुजरात भर में सिंचित/बारानी दोनों उपयुक्तता व तेला-उकठा सहनशीलता के लिए उगाई जाती है। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- अरंडी
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)
- अपेक्षित उपज
- सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- 1986 में जारी, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट
इस किस्म के बारे में
जीसीएच-4 एक अरंडी संकर है, जिसे स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में 1986 में जारी व सिंचित तथा बारानी दोनों खेती के लिए अनुशंसित बताया गया है, जिसमें तेला (जैसिड) व उकठा के प्रति सहनशीलता है — जो इस रिकॉर्ड के अपने शीर्ष-स्तरीय फ़ील्ड से क़रीब-क़रीब मेल खाता है। एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR उकठा-स्क्रीनिंग अध्ययन सारांश ने स्वतंत्र रूप से जीसीएच-4 को एसडीएयू की जारी, उकठा-प्रतिरोधी हाइब्रिड में सूचीबद्ध पुष्ट किया (जीसीएच-5, जीसीएच-7, जीसीएच-8, जीसीएच-9 व जीसीएच-10 के साथ)। इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने इसका सटीक संकरण या इस रिकॉर्ड में पहले से मौजूद सामान्य बारानी/सिंचित सीमा से आगे कोई विशिष्ट उपज आँकड़ा नहीं दिया।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
200–220 दिन (चरणबद्ध तुड़ाई)
अपेक्षित उपज
सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15–18 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- सिंचित व बारानी दोनों खेती के लिए दोहरी उपयुक्तता, उन हाइब्रिड के विपरीत जो केवल एक प्रबंधन शैली के लिए विकसित हैं
- एक लंबे समय से स्थापित, अच्छी तरह पुष्ट हाइब्रिड में तेला व उकठा दोनों के प्रति संयुक्त सहनशीलता
ध्यान रखने योग्य बातें
- इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने जीसीएच-4 का सटीक संकरण नहीं दिया, न ही इस रिकॉर्ड के अपने yieldPotential फ़ील्ड में पहले से मौजूद सामान्य बारानी सीमा से अधिक विशिष्ट उपज आँकड़ा — इस रिकॉर्ड के मौजूदा आँकड़ों का खंडन नहीं हुआ, बस स्वतंत्र रूप से सुधार नहीं हुआ
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जीसीएच-4 अरंडी कब जारी हुई?
1986, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट।
क्या जीसीएच-4 बारानी या सिंचित खेतों के लिए उपयुक्त है?
दोनों — यह सिंचित व बारानी दोनों खेती के लिए अनुशंसित है, स्वतंत्र द्वितीयक स्रोतों में पुष्ट।
जीसीएच-4 किसके प्रति प्रतिरोधी है?
तेला (जैसिड) व उकठा, इस रिकॉर्ड के अपने फ़ील्ड से मेल खाता; एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR अध्ययन से स्वतंत्र रूप से एसडीएयू की जारी उकठा-प्रतिरोधी हाइब्रिड के रूप में पुष्ट।
जीसीएच-4 किसने विकसित की?
सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय (एसडीएयू), गुजरात — एक सीधे फ़ेच किए गए ICAR अध्ययन में अन्य एसडीएयू-विकसित जीसीएच-श्रृंखला हाइब्रिड (जीसीएच-5, जीसीएच-7, जीसीएच-8, जीसीएच-9, जीसीएच-10) के साथ इसकी सूची से अनुमानित; इस चरण में किसी जीसीएच-4-विशिष्ट प्राथमिक स्रोत से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं।
जीसीएच-4 कितनी उपज देती है?
सामान्य बारानी प्रबंधन में लगभग 15-18 क्विंटल/हेक्टेयर, इस रिकॉर्ड के अपने फ़ील्ड के अनुसार — इस चरण में जाँचे गए किसी स्रोत ने स्वतंत्र, अधिक विशिष्ट आँकड़ा नहीं दिया।
स्रोत: Screening of castor hybrids and their parents against wilt disease — Journal of Oilseeds Research (ICAR ePubs). संपादकीय नीति.
