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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कपासखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

LRA 5166

बीटी युग से पहले की एक लंबे रेशे वाली, खुली-परागित किस्म — अब भी बीटी हाइब्रिड खेतों के आसपास अनिवार्य शरण (रिफ्यूजी) फसल के रूप में बोई जाती है, और उन किसानों के लिए जो अपना बीज बचाना चाहते हैं।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि165–175 दिन
अपेक्षित उपज12–15 क्विंटल/हेक्टेयर (कपास सहित बीज)
उपयुक्त मिट्टीचिकनी / काली मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
कपास
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
165–175 दिन
अपेक्षित उपज
12–15 क्विंटल/हेक्टेयर (कपास सहित बीज)
उपयुक्त मिट्टी
चिकनी / काली मिट्टी
जारी
AICCIP, कोयंबटूर — मूलतः तमिलनाडु के लिए जारी, बाद में अनुकूलनशीलता के कारण व्यापक रूप से उगाई गई

इस किस्म के बारे में

एलआरए 5166 अमेरिकन कपास (गॉसीपियम हिरसुटम) की एक पुरानी किस्म है, जो अखिल भारतीय समन्वित कपास सुधार परियोजना (AICCIP), कोयंबटूर से जारी हुई — मूलतः तमिलनाडु के लिए बनी व सुझाई गई, बाद में इसकी व्यापक अनुकूलनशीलता के कारण अन्य कपास पट्टियों में भी फैली। बताया जाता है कि यह लक्ष्मी कपास, रेबा बी-50 (मध्य अफ़्रीकी वंश) व एसी 122 के तीन-तरफ़ा संकरण से आई है। ग़ैर-बीटी व लंबे रेशे वाली होने के कारण अब यह दोहरा काम करती है: वे किसान इसे बोते हैं जो अपना बीज बचाना चाहते हैं, और यह बीटी हाइब्रिड खेतों के किनारे अनिवार्य रिफ्यूजी फ़सल के रूप में भी लगाई जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि165–175 दिन
    उपज क्षमता12–15 क्विंटल/हेक्टेयर (कपास सहित बीज)
    रोग-प्रतिरोधसुंडी के ख़िलाफ़ कोई अंतर्निहित सुरक्षा नहीं — अपना छिड़काव कार्यक्रम ज़रूरी
    मिट्टीचिकनी / काली मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयजून–जुलाई में बुवाई, पारंपरिक उगाने वाले इलाक़ों में दिसंबर–जनवरी तक चुनाई

उपज व अवधि

पकने की अवधि

165–175 दिन

अपेक्षित उपज

12–15 क्विंटल/हेक्टेयर (कपास सहित बीज)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • सुंडी के ख़िलाफ़ कोई अंतर्निहित सुरक्षा नहीं — अपना छिड़काव कार्यक्रम ज़रूरी

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • ग़ैर-बीटी व खुली-परागित, इसलिए बीज हर साल बचाकर दोबारा बोया जा सकता है
  • लंबे रेशे की गुणवत्ता, तमिलनाडु की मूल सिफ़ारिश से बाहर भी कई कपास पट्टियों में अनुकूलनशीलता का लंबा रिकॉर्ड
  • जो किसान पास में बीटी हाइब्रिड भी लगाते हैं, उनके लिए अनुपालन-योग्य रिफ्यूजी फ़सल का काम भी करती है

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सुंडी से कोई अंतर्निहित सुरक्षा नहीं — अपना छिड़काव कार्यक्रम ज़रूरी
  • ज़्यादा इनपुट, सिंचित प्रबंधन में आधुनिक बीटी हाइब्रिड से कम कपास-सहित-बीज उपज सीमा

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • गुजरात
  • महाराष्ट्र