Suraj (desi, non-Bt)
एक देसी (गॉसीपियम आर्बोरियम) खुली-परागित किस्म — बीटी हाइब्रिड से कम उपज, पर बीज बचाया जा सकता है और इनपुट बहुत कम लगता है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- कपास
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 150–160 दिन
- अपेक्षित उपज
- 8–10 क्विंटल/हेक्टेयर, तनाव में भी स्थिर
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
इस किस्म के बारे में
सूरज देसी कपास समूह — गॉसीपियम आर्बोरियम — से है, यह प्रजाति अमेरिकन (जी. हिरसुटम) हाइब्रिडों के अधिकतर क्षेत्र पर छाने से पहले उत्तर-पश्चिम के सूखे कपास पट्टी में लंबे समय से उगाई जाती रही है। ICAR-CICR, नागपुर के स्वतंत्र परीक्षणों में इसे देसी किस्मों में एक ठोस, भरोसेमंद उपज देने वाली किस्म दर्ज किया गया है। सूरज के बारे में विशेष रूप से सार्वजनिक, सत्यापित जानकारी (इसका सटीक जारी होने का साल व प्रजनन संस्थान) ऑनलाइन बहुत कम है, इसलिए यहाँ इसे नहीं दोहराया गया ताकि किसी अपुष्ट तथ्य को तथ्य के तौर पर न बताया जाए — नीचे का विवरण उस देसी कपास वर्ग तक सीमित रखा गया है जिससे यह किस्म आती है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
150–160 दिन
अपेक्षित उपज
8–10 क्विंटल/हेक्टेयर, तनाव में भी स्थिर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- अमेरिकन कपास से बेहतर रस-चूसक कीट सहनशीलता
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- एक देसी (जी. आर्बोरियम) किस्म — अमेरिकन कपास से ज़्यादा रोएँदार, सीधी पत्तियाँ इसे जैसिड जैसे रस-चूसक कीटों से स्वाभाविक रूप से बेहतर सहनशीलता देती हैं
- हाइब्रिड के उलट बीज बचाकर दोबारा बोया जा सकता है, और फ़सल को बीटी हाइब्रिड से कहीं कम सिंचाई व इनपुट चाहिए
ध्यान रखने योग्य बातें
- उपज सीमा बीटी हाइब्रिड से काफ़ी कम है — यह कम-इनपुट, कम-उपज का समझौता है, वहाँ सीधा विकल्प नहीं जहाँ सिंचाई व इनपुट पहले से तय हैं
- सुंडी से कोई अंतर्निहित सुरक्षा नहीं — उस कीट समूह के लिए अपना छिड़काव कार्यक्रम ज़रूरी
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- राजस्थान
