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मक्काखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Vivek Hybrid 27

वीपीकेएएस अल्मोड़ा से जारी — पहाड़ी इलाक़ों के छोटे बढ़वार मौसम के लिए बनाई गई सार्वजनिक हाइब्रिड, जिसकी उपज सीमा कई निजी हाइब्रिडों के बराबर है, बीज की क़ीमत कहीं कम पर।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि80–85 दिन
अपेक्षित उपज55–60 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
मक्का
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
80–85 दिन
अपेक्षित उपज
55–60 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
15 अक्टूबर 2007 (एस.ओ. 1703(ई)) को आईसीएआर-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा द्वारा अधिसूचित

इस किस्म के बारे में

विवेक हाइब्रिड 27 अति-अगेती मक्का हाइब्रिड है, जो आईसीएआर-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा में फील्ड-कॉर्न लाइनों वी 335 व वी 345 के संकरण से विकसित हुई। इसे 15 अक्टूबर 2007 (एस.ओ. 1703(ई)) को उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व तमिलनाडु के विस्तृत क्षेत्र के लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया। बहु-स्थान परीक्षणों में इसने पूर्वोत्तर मैदानी क्षेत्र में 4,139 किग्रा/हेक्टेयर दर्ज किया — चेक किस्म हिम 129 से 23.2% अधिक — और प्रायद्वीपीय क्षेत्र में 4,821 किग्रा/हेक्टेयर, उसी चेक से 35.3% की बढ़त, और इसमें टर्सिकम पत्ती झुलसा व सामान्य रतुआ दोनों के प्रति दर्ज मध्यम प्रतिरोध है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि80–85 दिन
    उपज क्षमता55–60 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधटर्सिकम पत्ती झुलसा की मध्यम सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

80–85 दिन

अपेक्षित उपज

55–60 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अति-अगेती अवधि (80–85 दिन), पहाड़ी इलाक़ों के छोटे बढ़वार मौसम के लिए विशेष रूप से बनाई गई, जिससे यह अन्य फ़सलों के बीच तंग समय-सीमा में फ़िट हो जाती है
  • आधिकारिक परीक्षणों में दो अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में चेक किस्म हिम 129 से 23–35% दर्ज उपज-बढ़त
  • टर्सिकम पत्ती झुलसा व सामान्य रतुआ दोनों के प्रति मध्यम प्रतिरोध, केवल एक के प्रति नहीं

ध्यान रखने योग्य बातें

  • परीक्षण उपज (उल्लिखित दो क्षेत्रों में लगभग 41–48 क्विंटल/हेक्टेयर) इस रिकॉर्ड की पहले से दर्ज 55–60 क्विंटल/हेक्टेयर संभावित उपज से थोड़ी कम है — परीक्षण आँकड़ों को ऊपरी सीमा नहीं, बल्कि एक सतर्क, क्षेत्र-विशेष संदर्भ-बिंदु मानें
  • हाइब्रिड होने के कारण, दर्ज उपज-बढ़त बनाए रखने के लिए हर सीज़न ताज़ा प्रमाणित बीज ज़रूरी है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • बिहार

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विवेक हाइब्रिड 27 विशेष रूप से पहाड़ी इलाक़ों के लिए क्यों सिफ़ारिश की जाती है?

आईसीएआर-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा ने इसे अति-अगेती अवधि (80–85 दिन) के साथ विशेष रूप से पहाड़ी कृषि के छोटे बढ़वार मौसम में फ़िट होने के लिए विकसित किया, हालाँकि इसकी आधिकारिक अधिसूचना पूर्वी उत्तर प्रदेश से तमिलनाडु तक कहीं व्यापक मैदानी पट्टी को भी कवर करती है।

विवेक हाइब्रिड 27 पुरानी चेक किस्म से कितनी बेहतर उपज देती है?

आधिकारिक बहु-स्थान परीक्षणों में इसने चेक किस्म हिम 129 को पूर्वोत्तर मैदानी क्षेत्र में 23.2% व प्रायद्वीपीय क्षेत्र में 35.3% से पीछे छोड़ा — यह एक ठोस, क्षेत्र-सत्यापित बढ़त है, न कि केवल विपणन दावा।

स्रोत: Vivek Maize Hybrid 27 — AgrInnovate India (ICAR technology transfer). संपादकीय नीति.