Coorg Honey Dew (Madhu Bindu)
दक्षिण में ताज़ा टेबल बाज़ार को लोकप्रिय मीठा, अच्छी-गुणवत्ता चयन। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- पपीता
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- मध्य
- अपेक्षित उपज
- अधिक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- हनी ड्यू पपीता (1975 में जारी) से एक चयन, कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र से जुड़ी; सटीक चयन/जारी-वर्ष इस चरण में पुष्ट नहीं हो सका
इस किस्म के बारे में
कूर्ग हनी ड्यू, जिसे लोकप्रिय रूप से मधु बिंदु कहा जाता है, पुरानी हनी ड्यू पपीता किस्म से एक गाइनोडायोशियस, अर्ध-बौना चयन है, जो स्वयं 1975 में जारी हुई थी — कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र से जुड़ी। इसका फल औसतन 1.5–2.0 किलोग्राम, गहरे, धारीदार छिलके व पीले, पिघलने वाले गूदे के साथ लगभग 13.5°ब्रिक्स मिठास पर, ताज़ा टेबल उपयोग व प्रसंस्करण दोनों के लिए उपयोग होता है। मूल हनी ड्यू लाइन की तुलना में कूर्ग हनी ड्यू चुनने से फल व पपेन उपज में 25–30% वृद्धि रिपोर्ट की गई है, औसत उपज लगभग 70 किलोग्राम प्रति पेड़।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
मध्य
अपेक्षित उपज
अधिक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- 70 किलोग्राम/पेड़ औसत उपज व मूल हनी ड्यू पर 25–30% सुधार इस रिकॉर्ड में पहले न शामिल नए विवरण हैं, दोनों इस रिकॉर्ड की मौजूदा "अधिक" yieldPotential रेटिंग के अनुरूप हैं व उसका समर्थन करते हैं — वहाँ कोई विरोधाभास नहीं।
- स्रोत सामग्री कर्नाटक (कूर्ग) को उत्पत्ति के रूप में पुष्ट करती है, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से बिल्कुल मेल खाती है — यहाँ कोई states विसंगति नहीं मिली।
- इस चरण में कूर्ग हनी ड्यू के लिए विशेष रोग-प्रतिरोध डेटा नहीं मिला — इस रिकॉर्ड की मौजूदा "मध्यम" diseaseResistance रेटिंग को कार्यशील संदर्भ के रूप में छोड़ा गया है, अपुष्ट पर खंडित नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- कर्नाटक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कूर्ग हनी ड्यू व हनी ड्यू पपीता के बीच क्या संबंध है?
कूर्ग हनी ड्यू पुरानी हनी ड्यू पपीता (1975 में जारी) से एक चयन है — मूलतः उस आधार किस्म से प्रजनित एक सुधरी लाइन, जो विशेष रूप से कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र से जुड़ी है।
इसे मधु बिंदु क्यों कहा जाता है?
"मधु बिंदु" का अर्थ है "शहद की बूंद", जो फल के मीठे, पिघलने वाले पीले गूदे को दर्शाता है जिसकी मिठास लगभग 13.5°ब्रिक्स है — यही गुण अंग्रेज़ी नाम "हनी ड्यू" के पीछे भी है।
कूर्ग हनी ड्यू मूल हनी ड्यू की तुलना में कितनी बेहतर उपज देती है?
मूल हनी ड्यू लाइन की तुलना में कूर्ग हनी ड्यू चुनने से फल व पपेन उपज में 25–30% वृद्धि रिपोर्ट की गई है, औसत उपज लगभग 70 किलोग्राम प्रति पेड़।
क्या कूर्ग हनी ड्यू का उपयोग ताज़ा खाने के अलावा भी होता है?
हाँ — इसे टेबल (ताज़ा) व प्रसंस्करण दोनों उद्देश्यों के लिए उगाया जाता है, जिसमें फल के लेटेक्स से पपेन निष्कर्षण भी शामिल है।
कूर्ग हनी ड्यू फल कैसा दिखता है?
औसतन 1.5–2.0 किलोग्राम, बाहर से गहरा, धारीदार छिलका व अंदर पीला, पिघलने वाला गूदा — भारतीय पपीता किस्मों में एक विशिष्ट रूप।
