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पिस्तासभी सीज़नकलमी पौध (मादा, फलदार)अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Kerman

कैलिफ़ोर्निया के बाग़ों की मुख्य मादा पिस्ता किस्म। इस पर मेवा तभी लगता है जब नर पराग हवा में उड़कर इसके फूलों तक पहुँचे, इसलिए पास में हमेशा नर पेड़ चाहिए। UC इसकी सर्दी की ठंड की ज़रूरत लगभग 7.2°C से नीचे 850 घंटे बताता है। भारत में न ICAR की जारी किस्म है, न प्रकाशित भारतीय उपज।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब सेफल देने में देर (लंबी अपरिपक्वता, UC); भारत में पहले फलन की उम्र प्रकाशित नहीं
अपेक्षित उपजभारत में प्रति पेड़ उपज प्रकाशित नहीं; भारी और हल्की फ़सल के साल बारी-बारी से आते हैं
उपयुक्त मिट्टीगहरी, अच्छी जल-निकासी ठंडी-रेगिस्तान मिट्टी; असामान्य रूप से खारी/क्षारीय दशाएँ सहनशील

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कलमी पौध (मादा, फलदार)
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
फल देने में देर (लंबी अपरिपक्वता, UC); भारत में पहले फलन की उम्र प्रकाशित नहीं
अपेक्षित उपज
भारत में प्रति पेड़ उपज प्रकाशित नहीं; भारी और हल्की फ़सल के साल बारी-बारी से आते हैं
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छी जल-निकासी मिट्टी; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षारीय दशाएँ सहनशील (लगभग pH 7.0–8.0); कोई भारत-विशिष्ट सीमा पुष्ट नहीं
रोग-प्रतिरोध
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिकांश किस्मों की तरह वर्टिसिलियम विल्ट के प्रति संवेदनशील; भारतीय दशाओं के लिए दर्ज नहीं
जारी
ईरानी मूल की एक लंबे समय से स्थापित अंतरराष्ट्रीय किस्म, कोई ICAR या भारतीय रिलीज़ नहीं; भारत के पास कोई घरेलू-विकसित पिस्ता किस्म नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

कर्मन कैलिफ़ोर्निया के बाग़ों की मुख्य मादा पिस्ता किस्म है, और इस फ़सल पर कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय (UC) की ज़्यादातर सलाह इसी के इर्द-गिर्द लिखी गई है। भारत में यह ICAR की जारी किस्म नहीं है और जमी हुई फ़सल भी नहीं। हमें जो एक भारतीय अध्ययन मिला, उसमें शुष्क शीतोष्ण उत्तर-पश्चिम हिमालय में कर्मन के 8 साल के पेड़ों को चार मौसम तक परखा गया (कुमार और अन्य, साइंटिया हॉर्टिकल्चरे, 2016)। हर पिस्ता पेड़ या तो नर होता है या मादा। कर्मन मादा है, इसलिए इस पर मेवा तभी लगता है जब नर पराग हवा में उड़कर इसके फूलों तक पहुँचे। UC इसकी सर्दी की ठंड की ज़रूरत लगभग 45°F (7.2°C) से नीचे 850 घंटे बताता है, और दूसरे स्रोत अलग आँकड़े देते हैं। यह एक साल पुरानी टहनी पर फलता है और एक साल भारी, अगले साल हल्की फ़सल देता है। उपज, दूरी या रोग का कोई भारतीय आँकड़ा हमें नहीं मिला, और इसे देने वाली भारतीय नर्सरियों की कोई प्रकाशित सूची भी नहीं। ऊपर दूरी और ठंड के आँकड़े अंतरराष्ट्रीय हैं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

कर्मन सिर्फ़ सूखी, ठंडी सर्दी वाली जगह पर परीक्षण-बाग़ के रूप में चुनिए, और तभी जब आप इंतज़ार कर सकें। यह देर से फल देता है, भारी और हल्की फ़सल बारी-बारी से देता है। हमें कोई भारतीय उपज-आँकड़ा नहीं मिला। यह वही मादा किस्म है जिसके इर्द-गिर्द UC का पूरा पिस्ता शोध बना है, इसलिए इसके पीछे सबसे ज़्यादा सलाह उपलब्ध है। यह अकेला नहीं चलेगा। पास में नर पेड़ लगाइए, और नर्सरी से लिखित में पूछिए कि वह कौन-सा नर है और कब फूलता है। ख़रीदने से पहले पास के मौसम केंद्र के आँकड़ों से अपने यहाँ 7.2°C से नीचे की सर्दी के घंटे गिनिए और UC के 850 घंटों से मिलाइए।

बुवाई और खेती

  • दूरीअंतरराष्ट्रीय चलन से लगभग 5–7 मी (UC की दूरी-तालिका में 20 x 18 फ़ीट पर 121 पेड़ प्रति एकड़ आते हैं)। नर उसी ब्लॉक में रहते हैं: UC हर पाँचवीं पंक्ति के हर पाँचवें पेड़ पर एक नर लगाता है (1:24) और कहता है कि वे मादाओं से 66 फ़ीट (20 मी) के भीतर हों।
  • उर्वरकइस फ़सल के लिए कोई भारतीय खुराक-सारणी प्रकाशित नहीं है। 2016 के हिमालयी अध्ययन ने NPK के अलग स्तर और पत्तों पर बोरॉन परखे, पर हम सिर्फ़ उसका सार पढ़ सके। फ़सल-गाइड देखिए और अपने बाग़वानी विभाग से पूछिए।

कीट और रोग संबंधी बातें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • वह मादा किस्म जिसके पीछे सबसे ज़्यादा प्रकाशित सलाह है, कैलिफ़ोर्निया के बाग़ों पर UC के दशकों के काम से।
  • जमने के बाद सूखा-सहनशील और खारी और क्षारीय मिट्टी सहनशील, जो खनिज-भारी ठंडी-रेगिस्तानी ज़मीन के अनुकूल है।
  • एक भारतीय खेत-अध्ययन मौजूद है: शुष्क शीतोष्ण उत्तर-पश्चिम हिमालय में 8 साल के पेड़ों को चार मौसम तक परखा गया।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • अकेले फल नहीं दे सकता। पास में नर लगाना होगा, और वह उसी समय फूलना चाहिए।
  • भारी और हल्की फ़सल बारी-बारी से देता है, इसलिए एक मौसम से बहुत कुछ पता नहीं चलता।
  • उपज, दूरी या रोग के भारतीय आँकड़े प्रकाशित नहीं हैं, और इसे देने वाली भारतीय नर्सरियों की सूची भी नहीं मिली।
  • 850 घंटे का आँकड़ा कैलिफ़ोर्निया का मार्गदर्शन है। आपकी जगह पर घंटे कम हो सकते हैं।

उपयुक्त क्षेत्र

भारत में जमी हुई फ़सल नहीं। हमें भारत में कर्मन का जो एक अध्ययन मिला। वह हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रिकांग पिओ (शारबो) पर डॉ. वाई. एस. परमार विश्वविद्यालय के शोध-फ़ार्म के 8 साल के पेड़ों पर था (कुमार और अन्य, 2016)। पत्र किन्नौर का पूह खंड, स्पीति और लेह-कारगिल का ठंडा रेगिस्तान उपयुक्त बताता है। पर लद्दाख में हमें कोई दर्ज रोपण नहीं मिला। इसलिए लद्दाख के बाग़वानी विभाग से पूछिए कि वहाँ असल में क्या लगा है।

  • हिमाचल प्रदेश
  • लद्दाख

हर बसंत में कर्मन की फ़सल तय करने वाली चार बातें

पहली बात, सर्दी की ठंड। UC के काम में कर्मन को सर्दी का आराम पूरा करने के लिए लगभग 45°F (7.2°C) से नीचे 850 घंटे चाहिए। इससे कम हो तो पत्ते देर से आते हैं और फूल अनियमित खिलते हैं, और ऐसे सालों में UC के किसान कलियाँ खुलवाने के लिए सुप्तावस्था में तेल का छिड़काव करते हैं। दूसरे स्रोत अलग आँकड़े देते हैं, इसलिए 850 को मार्गदर्शन मानिए, नियम नहीं।

दूसरी बात, पराग का फूल से मिलना। पराग हवा से चलता है, मधुमक्खी से नहीं। UC कहता है कि नर पेड़ मादाओं से 66 फ़ीट (20 मी) के भीतर हों, और पराग छूटने के 24 घंटे बाद सिर्फ़ लगभग 10% दाने ज़िंदा बचते हैं। कैलिफ़ोर्निया के बाग़ हर पाँचवीं पंक्ति के हर पाँचवें पेड़ पर एक नर लगाते हैं, यानी 1:24 का अनुपात। गर्म सर्दियों में नर पेड़ मादाओं से देर से फूलते हैं, इसीलिए UC एक से ज़्यादा नर किस्म लगाने की सलाह देता है।

तीसरी बात, कम फूल ही फल बनते हैं। UC की एक प्रस्तुति के अनुसार एक गुच्छे में 100–200 फूल होते हैं, 4% से कम फल बँधते हैं, औसतन 14 फल बनते हैं, और 5–30% मेवे खाली निकलते हैं। इसलिए स्वस्थ बाग़ में भी अच्छा फल-बँधना पक्का नहीं होता।

चौथी बात, पिछले साल की फ़सल। कर्मन एक साल पुरानी टहनी पर फलता है और भारी और हल्के साल बारी-बारी से देता है (UC)। हिमालयी अध्ययन ने 2011 और 2013 को भारी फ़सल के साल और 2012 और 2014 को हल्की फ़सल के साल गिना।

भारतीय किसान के लिए यह जाँच-सूची है, वादा नहीं। अपने यहाँ की सर्दी के घंटे नापिए। नर और मादा पेड़ों के फूलने की तारीख़ें लिखिए। नए पेड़ लगाने से पहले कम से कम तीन मौसम का फल-बँधने का रिकॉर्ड रखिए।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह कलमी (ग्राफ़्टेड) पौधा है — ऊपर यह किस्म, नीचे मूलवृंत। इसके फल के बीज से यही किस्म नहीं उगती, इसलिए इसका बीज रखा नहीं जा सकता। कलमी पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

पिस्ता की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Kermanयही पेजफल देने वाले मादा पेड़ के परीक्षण-बाग़फल देने में देर (लंबी अपरिपक्वता, UC); भारत में पहले फलन की उम्र प्रकाशित नहींभारत में प्रति पेड़ उपज प्रकाशित नहीं; भारी और हल्की फ़सल के साल बारी-बारी से आते हैंहिमाचल प्रदेश, लद्दाख
Petersकर्मन के लिए पराग का स्रोत, बैकअप के लिए दूसरे नर के साथमेवा नहीं देता। UC के अनुसार फूलना शुरू करने में पाँच साल लग सकते हैंलागू नहीं — यह नर परागणकर्ता किस्म है, मेवा देने वाली नहींहिमाचल प्रदेश, लद्दाख

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और पिस्ता का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

पिस्ता के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं अपने बाग़ में केवल कर्मन पेड़ लगा सकता हूँ?

नहीं। कर्मन मादा किस्म है और पिस्ता द्विलिंगी है, इसलिए सिर्फ़ कर्मन के पेड़ों के ब्लॉक में लगभग कोई फल नहीं बँधता। पराग हवा से चलता है, और UC कहता है कि नर पेड़ मादाओं से 66 फ़ीट (20 मी) के भीतर हों। कैलिफ़ोर्निया के बाग़ हर पाँचवीं पंक्ति के हर पाँचवें पेड़ पर एक नर लगाते हैं, यानी 1:24 का अनुपात। भारत का कोई अनुपात तय नहीं है, इसलिए अपनी नर्सरी और बाग़वानी विभाग से पूछिए। कुछ फ़ालतू नर पेड़ों का ख़र्च कम है, जबकि नर कम पड़ें तो फ़सल जाती है।

कर्मन को सर्दी के कितने घंटे चाहिए, और क्या मेरे इलाक़े में मिलते हैं?

UC के शोध और खेत-अवलोकन के अनुसार कर्मन का आराम पूरा होने के लिए लगभग 45°F (7.2°C) से नीचे 850 घंटे चाहिए। दूसरे स्रोत अलग आँकड़े देते हैं। कर्मन के लिए कोई भारतीय ठंड-गणना हमें नहीं मिली। अपनी जगह को जाँचने के लिए पूरी सर्दी में नज़दीकी मौसम केंद्र से, या अपनी ज़मीन पर लगे लॉगर से, 7.2°C से नीचे के घंटे जोड़िए। फिर बाग़वानी विभाग से पूछिए कि वे कैसे हैं। घंटे कम हों तो पत्ते देर से आते हैं और फूल बेतरतीब खिलते हैं।

क्या कर्मन का भारत में परीक्षण हुआ है?

हमें एक प्रकाशित भारतीय अध्ययन मिला: कुमार और अन्य, साइंटिया हॉर्टिकल्चरे 210 (2016)। इसने शुष्क शीतोष्ण उत्तर-पश्चिम हिमालय में कर्मन के 8 साल के पेड़ों को 2011 से 2014 तक चार मौसम परखा। इसमें वृद्धि, फल-बँधने, मेवे की उपज और गुणवत्ता पर NPK के अलग स्तर और पत्तों पर बोरॉन परखे गए, और हर कटाई पर प्रति पेड़ उपज और कली-झड़ना दर्ज हुआ। 2011 और 2013 भारी फ़सल के साल थे और 2012 और 2014 हल्की फ़सल के। हम सिर्फ़ सार पढ़ सके, इसलिए प्रति पेड़ उपज नहीं बता सकते।

कर्मन एक साल भारी और अगले साल हल्की फ़सल क्यों देता है?

UC कर्मन को बारी-बारी से फलने वाली किस्म बताता है जो एक साल पुरानी टहनी पर फलती है। हिमालयी अध्ययन में उन्हीं पेड़ों में 2011 और 2013 भारी फ़सल के साल थे और 2012 और 2014 हल्की फ़सल के। व्यावहारिक सबक यह है कि एक अच्छी या बुरी फ़सल से बाग़ के बारे में ज़्यादा पता नहीं चलता। रोपाई को कम से कम दो साल साथ देखकर परखिए, और कर्ज़ चुकाने की योजना सिर्फ़ भारी फ़सल वाले साल पर मत बनाइए।

भारत में कर्मन का पौधा कहाँ से ख़रीदूँ?

हमें कलमी कर्मन देने वाली भारतीय नर्सरियों की कोई प्रकाशित सूची नहीं मिली, और इसके लिए ICAR का कोई प्रमाणन भी नहीं। अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के बाग़वानी विभाग से और ICAR-CITH, श्रीनगर से पूछिए कि वे सामग्री कहाँ से लेते हैं। हर पौधे की किस्म और लिंग लिखित में माँगिए, और पूछिए कि इसके साथ कौन-सी नर किस्म बिकती है। सिर्फ़ कलमी पौधे ख़रीदिए। पिस्ता द्विलिंगी है, इसलिए बिना लिंग जाँचा बीजू पौधा नर या मादा, कुछ भी निकल सकता है।

स्रोत: Kumar and others, Nutrient dynamics in pistachios (Pistacia vera L.), Scientia Horticulturae 210, 2016 — abstract, Kallsen, Chilling, Cold Injury, and Dormant Oil Research in Pistachio (Kerman and Peters) — UC Cooperative Extension, Pistachio bloom and pollination processes — UC Nut, Olive and Prune Programmatic News, Kallsen, Pistachio orchard design: pollinizers in a 1:24 ratio — UC Cooperative Extension presentation, Kern Pistachio Notes, June 2023 — UC Westside and the new pollenizer team for Kerman, Pistachio Climate & Cultivars — UC Davis Fruit & Nut Research and Information Center. संपादकीय नीति.