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सूरजमुखीखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

KBSH-53

KBSH 44 का सुधरा सहोदर हाइब्रिड, बेहतर नेक्रोसिस सहनशीलता और स्थिर उपज के साथ। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि90–95 दिन
अपेक्षित उपजउच्च
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
सूरजमुखी
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
90–95 दिन
अपेक्षित उपज
उच्च
उपयुक्त मिट्टी
दोमट

इस किस्म के बारे में

KBSH-53 सूरजमुखी का एक हाइब्रिड है जो सूरजमुखी पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) के तहत, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (UAS), जीकेवीके परिसर, बैंगलोर से जारी हुआ। "KBSH" उपसर्ग (कर्नाटक बैंगलोर सनफ्लावर हाइब्रिड) उसी नामकरण परंपरा का हिस्सा है जिसमें इसी केंद्र के जाने-माने KBSH 44 और KBSH 1 हाइब्रिड आते हैं, और बीज व्यापार की सूचियों में KBSH-53 को KBSH 44 का सुधरा सहोदर बताया गया है जिसकी पितृ रेखा CMS-53A × RHA 95-C-1 है — यह विशेष पितृ रेखा व्यावसायिक बीज कैटलॉग से है, सीधे देखे गए किसी प्राथमिक AICRP जारी-दस्तावेज़ से नहीं, इसलिए इसे रिपोर्ट किया गया मानें, पुष्ट नहीं। AICRP के बहु-स्थल परीक्षणों में KBSH-53 राष्ट्रीय जाँच (चेक) हाइब्रिड के रूप में उपयोग होता रहा है: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा परीक्षण केंद्र पर इसने लगभग 2,277.5 किलोग्राम/हेक्टेयर (करीब 22.8 क्विंटल/हेक्टेयर) बीज उपज दर्ज की, औसत तेल मात्रा लगभग 34.6% के साथ। यह एक ही परीक्षण-केंद्र का चेक-हाइब्रिड आंकड़ा है, किसान-रिपोर्टेड संभावित उपज नहीं, इसलिए यह इस पेज की गुणात्मक "उच्च" रेटिंग के सामने कम लग सकता है — चेक-हाइब्रिड के परीक्षण औसत आमतौर पर सबसे अच्छे खेत-परिणामों से कम ही होते हैं, यही वजह है कि दोनों आंकड़े ठीक से मेल नहीं खाते।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि90–95 दिन
    उपज क्षमताउच्च
    रोग-प्रतिरोधबेहतर नेक्रोसिस सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

90–95 दिन

अपेक्षित उपज

उच्च

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पितृ रेखा (CMS-53A × RHA 95-C-1) व्यावसायिक बीज-व्यापार सूचियों से ली गई है, किसी प्राथमिक AICRP या UAS बैंगलोर जारी-दस्तावेज़ से नहीं — इसे रिपोर्ट किया गया मानें, पुष्ट नहीं।
  • 22.8 क्विंटल/हेक्टेयर का आंकड़ा KBSH-53 के चेक-हाइब्रिड के रूप में एक ही AICRP परीक्षण-केंद्र (बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल) का परिणाम है, यह घोषित संभावित-उपज सीमा नहीं है — इसे "उच्च" गुणात्मक रेटिंग के विरोधाभास के रूप में नहीं, बल्कि एक मामूली वास्तविक आंकड़े के रूप में देखें।
  • देखे गए स्रोतों में KBSH-53 के लिए अलग से कोई रोग-प्रतिरोध परीक्षण आंकड़ा नहीं मिला; मौजूदा "बेहतर नेक्रोसिस सहनशीलता" विवरण जस का तस रखा गया है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • कर्नाटक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

KBSH-53 कहाँ विकसित हुआ?

AICRP सूरजमुखी केंद्र, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, जीकेवीके परिसर, बैंगलोर पर — यही केंद्र जाने-माने KBSH 44 हाइब्रिड के पीछे भी है।

"KBSH" नाम का क्या मतलब है?

कर्नाटक बैंगलोर सनफ्लावर हाइब्रिड — UAS बैंगलोर/जीकेवीके सूरजमुखी कार्यक्रम से जारी हाइब्रिड की मानक नामकरण शृंखला।

क्या KBSH-53, KBSH 44 से जुड़ा है?

बीज-व्यापार सूचियों में इसे KBSH 44 का सुधरा सहोदर हाइब्रिड बताया गया है, बेहतर नेक्रोसिस सहनशीलता और अधिक स्थिर उपज के साथ — यह जोड़ी इस पेज के अपने नोट फ़ील्ड में भी दिखती है।

परीक्षणों में KBSH-53 ने कैसी उपज दिखाई?

AICRP बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल) केंद्र पर राष्ट्रीय चेक हाइब्रिड के रूप में इसने लगभग 2,277.5 किलोग्राम/हेक्टेयर (~22.8 क्विंटल/हेक्टेयर) उपज दर्ज की, तेल मात्रा करीब 34.6% रही — यह एक परीक्षण आंकड़ा है, घोषित उपज सीमा नहीं।

KBSH-53 की पितृ रेखा क्या है?

व्यावसायिक बीज कैटलॉग में इसे CMS-53A × RHA 95-C-1 बताया गया है, पर इसे किसी प्राथमिक AICRP या UAS बैंगलोर जारी-दस्तावेज़ से मिलाकर जाँचा नहीं गया है।