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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
टमाटरसभी सीज़नहाइब्रिडअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

Arka Rakshak

आईआईएचआर बेंगलुरु से जारी — जहाँ पहले पत्ती मरोड़ विषाणु फसल ले जा चुका हो, वहाँ यह रोग-प्रतिरोध ही हाइब्रिड बीज की क़ीमत वसूल कर देता है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिरोपाई से 60–65 दिन
अपेक्षित उपज500–600 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
टमाटर
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
रोपाई से 60–65 दिन
अपेक्षित उपज
500–600 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-IIHR, बेंगलुरु द्वारा जारी — भारत की पहली सार्वजनिक रूप से प्रजनित, तिहरे रोग-प्रतिरोध वाली टमाटर F1 हाइब्रिड

इस किस्म के बारे में

अर्का रक्षक एक अर्ध-सुनिश्चित (semi-determinate) F1 टमाटर हाइब्रिड है, जिसे ICAR-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु ने IIHR की एक उन्नत प्रजनन रेखा को ताइवान के AVRDC (विश्व सब्ज़ी केंद्र) की एक रेखा के साथ संकरित कर विकसित किया। प्रजनक, विषाणु-वैज्ञानिक, जीवाणु-वैज्ञानिक, रोग-वैज्ञानिक व आणविक जीव-वैज्ञानिक की संयुक्त टीम द्वारा विकसित यह भारत की पहली सार्वजनिक रूप से प्रजनित टमाटर F1 हाइब्रिड बनी, जिसमें एक साथ तीन प्रतिरोध — पत्ती मरोड़ विषाणु, जीवाणु म्लानि व अगेती झुलसा — शामिल हैं। फल अंडाकार से चौकोर-गोल, गहरे लाल, 80–100 ग्राम व सख़्त होते हैं, 15–20 दिन तक टिकते हैं; IIHR के अपने पन्नों पर उपज 75–80 से लेकर 90–100 टन/हेक्टेयर तक, लगभग 140–150 दिनों में, बताई गई है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधिरोपाई से 60–65 दिन
    उपज क्षमता500–600 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में
    रोग-प्रतिरोधतिहरा प्रतिरोध: जीवाणु म्लानि, पत्ती मरोड़ विषाणु व अगेती झुलसा
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

रोपाई से 60–65 दिन

अपेक्षित उपज

500–600 क्विंटल/हेक्टेयर, अच्छे प्रबंधन में

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक ही हाइब्रिड में पत्ती मरोड़ विषाणु, जीवाणु म्लानि व अगेती झुलसा — तीनों के प्रति प्रतिरोध, भारतीय खेतों की तीन सबसे नुक़सानदेह समस्याओं के ख़िलाफ़ छिड़काव का बोझ काफ़ी घटा देता है
  • सख़्त फल 15–20 दिन तक टिकते हैं, जो लंबी दूरी के परिवहन में अच्छी तरह टिके रहते हैं — ताज़े बाज़ार व प्रसंस्करण दोनों के लिए उपयोगी

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हाइब्रिड होने के कारण हर मौसम ताज़ा बीज ख़रीदना पड़ता है — फ़सल से बचाया गया बीज असली किस्म जैसा नहीं उगता
  • IIHR के अपने अलग-अलग पन्नों पर उपज के आँकड़े 75–80 से 90–100 टन/हेक्टेयर तक अलग-अलग बताए गए हैं, इसलिए इसे एक तय संख्या के बजाय एक व्यापक दायरे के रूप में देखें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • तमिलनाडु

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में बिकने वाले अधिकांश अन्य टमाटर हाइब्रिडों से अर्का रक्षक अलग कैसे है?

यह पहली सार्वजनिक रूप से प्रजनित (ग़ैर-निजी) भारतीय टमाटर F1 हाइब्रिड है जिसमें तीन बड़ी समस्याओं — पत्ती मरोड़ विषाणु, जीवाणु म्लानि व अगेती झुलसा — के प्रति प्रतिरोध एक साथ मिलता है, जिसे ICAR-IIHR ने प्रजनन, विषाणु-विज्ञान, जीवाणु-विज्ञान व रोग-विज्ञान की संयुक्त टीम के ज़रिए विकसित किया।

स्रोत: Arka Rakshak: High yielding triple disease resistant tomato F1 hybrid with export potential — ICAR-IIHR, Tomato - Arka Rakshak — ICAR-IIHR. संपादकीय नीति.