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गेहूँरबीखुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

DBW 187 (Karan Vandana)

आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल से जारी — जहाँ पुरानी किस्मों का रतुआ-प्रतिरोध कमज़ोर पड़ रहा हो, वहाँ एचडी 3086 से आगे की मौजूदा सुझाई किस्म।

सीज़नरबी
पकने की अवधि143–149 दिन
अपेक्षित उपज55–57 क्विंटल/हेक्टेयर, सिंचित व समय पर बुवाई
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
गेहूँ
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
143–149 दिन
अपेक्षित उपज
55–57 क्विंटल/हेक्टेयर, सिंचित व समय पर बुवाई
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
6 जनवरी 2020 (99(E)) को उत्तर-पश्चिम मैदान के लिए अधिसूचित, उत्तर-पूर्वी मैदान के लिए अलग अधिसूचना के साथ · ICAR-IIWBR, करनाल · समय पर बुवाई व सिंचित स्थिति

इस किस्म के बारे में

डीबीडब्ल्यू 187 (करण वंदना) को ICAR-IIWBR, करनाल ने विकसित किया और एक से ज़्यादा क्षेत्रों में सिंचित, समय पर बुवाई की खेती के लिए अधिसूचित किया गया — उत्तर-पश्चिम मैदान (अधिसूचना 99(E), 6 जनवरी 2020) और, अलग अधिसूचना के तहत, उत्तर-पूर्वी मैदान। यह एक जैव-सुदृढ़ (बायोफोर्टिफ़ाइड) किस्म है — दाने में लगभग 43 पीपीएम आयरन — साथ ही पत्ती रतुआ व पत्ती झुलसा के प्रति प्रतिरोध और क़रीब एक मीटर ऊँचा अर्ध-बौना, गिरने-रोधी पौधा। उत्तर-पश्चिम मैदान की अधिसूचना में औसत उपज लगभग 75.5 क्विंटल/हेक्टेयर व परीक्षण क्षमता 96.6 क्विंटल/हेक्टेयर तक दर्ज; गोरखपुर की एक महिला किसान ने, जिसे ICAR ने उत्तर-पूर्वी मैदान की सिफ़ारिश के तहत दस्तावेज़ीकृत किया, वहाँ की लगभग 64.7 क्विंटल/हेक्टेयर की सुझाई क्षमता के मुक़ाबले 82 क्विंटल/हेक्टेयर से ज़्यादा उपज हासिल की।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि143–149 दिन
    उपज क्षमता55–57 क्विंटल/हेक्टेयर, सिंचित व समय पर बुवाई
    रोग-प्रतिरोधपीला, भूरा व काला रतुआ प्रतिरोधी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नरबी

बुवाई व खेती

  • कटाईउत्तर-पश्चिम मैदान की अधिसूचना में औसत उपज लगभग 75.5 क्विंटल/हेक्टेयर व परीक्षण क्षमता 96.6 क्विंटल/हेक्टेयर तक दर्ज; अलग से, उत्तर-पूर्वी मैदान की सिफ़ारिश में क्षमता लगभग 64.7 क्विंटल/हेक्टेयर दर्ज, गोरखपुर के एक ICAR-दस्तावेज़ीकृत खेत में व्यवहार में 82 क्विंटल/हेक्टेयर से ज़्यादा उपज मिली

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी — उत्तर-पश्चिम मैदानों में सिंचित गेहूँ के लिए मानक सलाह

उपज व अवधि

पकने की अवधि

143–149 दिन

अपेक्षित उपज

55–57 क्विंटल/हेक्टेयर, सिंचित व समय पर बुवाई

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • मौसम भर किसी भी किस्म की तरह नज़र रखना ज़रूरी है — रतुआ की रेस प्रतिरोधी किस्मों में भी सालों के साथ बदलती रहती है
  • जहाँ खेत में पहले एचडी 2967 या एचडी 3086 का रतुआ-प्रतिरोध टूट चुका हो, वहाँ डीबीडब्ल्यू 187 अभी की सुझाई गई अगली किस्म है

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • जैव-सुदृढ़ — दाने में लगभग 43 पीपीएम आयरन, पुरानी किस्मों के मुक़ाबले पोषण में असली बढ़त
  • पत्ती रतुआ व पत्ती झुलसा के प्रति प्रतिरोध के साथ बनाई गई — जहाँ एचडी 2967 या एचडी 3086 का प्रतिरोध कमज़ोर पड़ने लगा हो, वहाँ उपयोगी
  • अर्ध-बौना, गिरने-रोधी पौधा, उत्तर-पश्चिम व उत्तर-पूर्वी मैदानों में सुझाया गया — ज़्यादातर पुरानी किस्मों से ज़्यादा इलाक़ों में चलने वाली

ध्यान रखने योग्य बातें

  • एचडी 2967/एचडी 3086 से नई किस्म, इसलिए ज़्यादातर ज़िलों में खेत-अनुभव का इतिहास छोटा है
  • सुझाई गई उपज क्षमता क्षेत्र-अधिसूचना के हिसाब से बदलती है — उत्तर-पूर्वी मैदान का आँकड़ा (लगभग 64.7 क्विंटल/हेक्टेयर) उत्तर-पश्चिम मैदान (96.6 क्विंटल/हेक्टेयर तक) से काफ़ी कम है — अपने क्षेत्र की अधिसूचना ज़रूर देखें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • पंजाब
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश
  • दिल्ली

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डीबीडब्ल्यू 187 (करण वंदना) गेहूँ क्या है?

ICAR-IIWBR, करनाल द्वारा विकसित एक जैव-सुदृढ़ गेहूँ किस्म, जो उत्तर-पश्चिम व उत्तर-पूर्वी मैदानों में समय पर बुवाई व सिंचित खेती के लिए अधिसूचित है।

डीबीडब्ल्यू 187 को जैव-सुदृढ़ क्यों कहा जाता है?

इसके दाने में लगभग 43 पीपीएम आयरन होता है, पुरानी गेहूँ किस्मों से काफ़ी ज़्यादा — रोज़मर्रा के गेहूँ से आयरन बेहतर करने के मक़सद से।

क्या डीबीडब्ल्यू 187 रतुआ-रोधी है?

इसे पत्ती रतुआ व पत्ती झुलसा के प्रतिरोध के साथ बनाया गया — पुरानी उत्तर-पश्चिम मैदानी किस्मों से बेहतर, जिनका प्रतिरोध नई रेस से कमज़ोर पड़ गया है।

डीबीडब्ल्यू 187 की उपज क्षमता क्या है?

उत्तर-पश्चिम मैदान की अधिसूचना में औसत लगभग 75.5 क्विंटल/हेक्टेयर, क्षमता 96.6 क्विंटल/हेक्टेयर तक; उत्तर-पूर्वी मैदान की सिफ़ारिश में क्षमता लगभग 64.7 क्विंटल/हेक्टेयर दर्ज।

डीबीडब्ल्यू 187 के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?

उत्तर-पश्चिम मैदान की अधिसूचना में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली, उत्तर-पूर्वी मैदान तक बढ़ाने वाली अलग अधिसूचना के साथ।

स्रोत: Women Farmer from Gorakhpur harvests highest yield from latest Wheat Variety — Karan Vandana (DBW 187) — ICAR, High-Yielding Wheat Variety: DBW 187 (Karan Vandana) for North Western Plains — Global Agriculture. संपादकीय नीति.