HD 3086 (Pusa Gautami)
समय पर बोई जाने वाली सिंचित परिस्थितियों के लिए व्यापक रूप से उगाई जाने वाली गेहूँ किस्म; इसे मूल रूप से पीले और भूरे रतुआ के मज़बूत प्रतिरोध के साथ विकसित किया गया था, हालांकि कुछ वर्तमान पत्ती-रतुआ रेस इसके प्रतिरोध को पार कर सकती हैं।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- गेहूँ
- प्रकार
- ब्रेड गेहूँ किस्म
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- 143–148 दिन
- अपेक्षित उपज
- परीक्षणों में औसत लगभग 54.56 क्विंटल/हेक्टेयर; 71 क्विंटल/हेक्टेयर तक
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- 2014 में अधिसूचित · ICAR-IARI, नई दिल्ली · उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र, समय पर बुवाई व सिंचित स्थिति (बाद में उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र तक बढ़ाया गया)
इस किस्म के बारे में
एचडी 3086 (पूसा गौतमी) को ICAR-IARI, नई दिल्ली ने विकसित किया और 2014 में उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में समय पर बुवाई व सिंचित खेती के लिए अधिसूचित किया गया — बाद में उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र तक भी बढ़ाया गया। यह कुछ ही सालों में एचडी 2967 से आगे निकल गई और एक समय राष्ट्रीय स्तर पर IARI की कुल गेहूँ बीज माँग का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इसी किस्म का था — इसकी ऊँची उपज सीमा और जारी होने के समय पीले व भूरे रतुआ के प्रति मज़बूत धीमी-रतुआ प्रतिरोध की बदौलत। इसकी चक्की-गुणवत्ता — 12.5% प्रोटीन, 45 मिली अवसादन मान और सर्वोत्तम संभव 10/10 का Glu-1 स्कोर — ने इसे आटा चक्कियों के लिए भी आकर्षक बनाया।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयनवंबर के पहले-मध्य सप्ताह — उत्तर-पश्चिम मैदानों में सिंचित गेहूँ के लिए इस्तेमाल होने वाली वही समय पर बुवाई की खिड़की
- कटाईसमय पर बोई सिंचित स्थिति में बुवाई से पकने तक लगभग 143 दिन; ICAR परीक्षणों में औसत उपज क़रीब 5.46 टन/हेक्टेयर व क्षमता 7.1 टन/हेक्टेयर तक दर्ज
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी — उत्तर-पश्चिम मैदानों में सिंचित गेहूँ के लिए मानक सलाह
जलवायु
- जलवायु
- नमी की कमी या सीमित सिंचाई की स्थिति में उपज अपनी क्षमता से काफ़ी पीछे रह जाती है — पुरानी, कम उपज-सीमा वाली किस्मों से ज़्यादा इस किस्म को मौसम भर भरोसेमंद सिंचाई चाहिए
उपज व अवधि
पकने की अवधि
143–148 दिन
अपेक्षित उपज
परीक्षणों में औसत लगभग 54.56 क्विंटल/हेक्टेयर; 71 क्विंटल/हेक्टेयर तक
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
प्रबंधन सुझाव
- मौसम भर पत्ती रतुआ पर नज़र रखें, भले ही एचडी 3086 रतुआ-प्रतिरोधी बनाई गई हो — पत्ती-रतुआ की 77-5 व 77-9 रेस को कुछ इलाक़ों में इसका मूल प्रतिरोध पार करते हुए दर्ज किया गया है
- पानी बचाने के लिए सिंचाई न छोड़ें — पूरी तरह सिंचित खेत के मुक़ाबले नमी-कमी की स्थिति में उपज तेज़ी से गिरती है
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उत्तर-पश्चिम मैदानों के लिए बनी समय पर बुवाई सिंचित गेहूँ किस्मों में सबसे ज़्यादा उपज देने वालों में से एक — औसत 5.46 टन/हेक्टेयर, परीक्षण क्षमता 7.1 टन/हेक्टेयर तक
- सर्वोत्तम संभव ब्रेड-निर्माण गुणवत्ता स्कोर (Glu-1 10/10) के साथ मज़बूत प्रोटीन व अवसादन मान — चक्कियाँ इसके लिए उतना ही दाम देती हैं जितना किसान इसकी उपज के लिए उगाते हैं
- जारी होने के कुछ ही सालों में सबसे ज़्यादा माँगी जाने वाली IARI गेहूँ किस्म बन गई, इसलिए बीज व स्थानीय जानकारी दोनों आसानी से मिल जाते हैं
ध्यान रखने योग्य बातें
- मार्कर-सहायित अध्ययनों में पत्ती रतुआ की 77-5 व 77-9 रेस को कुछ जगह इसका मूल प्रतिरोध पार करते हुए पाया गया है — इसे रतुआ-रोधी मत मानें
- भरोसेमंद सिंचाई चाहिए — नमी-कमी या सीमित सिंचाई की स्थिति में उपज क्षमता से काफ़ी पीछे रह जाती है
- ख़ासतौर पर समय पर बुवाई व सिंचित प्रबंधन के तहत उत्तर-पश्चिम व उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों के लिए बनी व सुझाई गई किस्म
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- दिल्ली
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एचडी 3086 गेहूँ क्या है?
ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित एक गेहूँ किस्म, जो 2014 में उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र के समय पर बोए, सिंचित खेतों के लिए अधिसूचित हुई, बाद में उत्तर-पूर्वी मैदानों तक बढ़ाई गई।
एचडी 3086 को पकने में कितने दिन लगते हैं?
समय पर बोई सिंचित स्थिति में बुवाई से पकने तक लगभग 143 दिन।
एचडी 3086 की उपज क्षमता क्या है?
ICAR परीक्षणों में औसत उपज लगभग 5.46 टन/हेक्टेयर दर्ज, अच्छे सिंचित प्रबंधन में क्षमता 7.1 टन/हेक्टेयर तक।
क्या एचडी 3086 रतुआ-रोधी है?
इसे पीले व भूरे रतुआ के मज़बूत प्रतिरोध के साथ बनाया गया था, पर मार्कर-सहायित अध्ययनों में पत्ती रतुआ की कुछ रेस (77-5, 77-9) को कहीं-कहीं यह प्रतिरोध पार करते हुए पाया गया है — इसे किसी भी अन्य किस्म की तरह देखते रहें।
एचडी 3086 के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?
उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र — पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर संभाग को छोड़कर), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झाँसी को छोड़कर), जम्मू व कश्मीर का कठुआ ज़िला, हिमाचल प्रदेश की ऊना व पांवटा घाटी, और उत्तराखंड का तराई क्षेत्र — और हाल में उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र भी।
स्रोत: HD 3086: A new wheat variety for irrigated, timely sown condition of North Western Plains Zone of India — Journal of Cereal Research (ICAR ePubs), Marker assisted improvement for leaf rust and moisture deficit stress tolerance in wheat variety HD3086 — PMC. संपादकीय नीति.
