HD 2967
उत्तर-पश्चिम मैदानों में ऐतिहासिक रूप से सबसे ज़्यादा बोई जाने वाली किस्मों में से एक — समय पर बुवाई वाले सिंचित खेत के लिए उपयुक्त।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- गेहूँ
- प्रकार
- ब्रेड गेहूँ किस्म
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में लगभग 143 दिन
- बीज दर
- 100–125 किलो/हेक्टेयर — इस क्षेत्र में समय पर बोई सिंचित गेहूँ के लिए मानक दर, इस किस्म के लिए अलग से तय नहीं
- अपेक्षित उपज
- उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में समय पर बुवाई व सिंचित स्थिति में लगभग 50 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी
- जारी
- उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में समय पर बुवाई व सिंचित स्थिति के लिए जारी · विकासकर्ता: ICAR-IARI, नई दिल्ली
इस किस्म के बारे में
एचडी 2967 को ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के आनुवंशिकी विभाग, नई दिल्ली ने उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में समय पर बुवाई व सिंचित गेहूँ के लिए विकसित किया। इसे उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र के लिए भी सुझाया गया। यह इलाक़े में सबसे ज़्यादा बोई जाने वाली किस्मों में से एक बन गई, एक समय 1 करोड़ हेक्टेयर से ज़्यादा क्षेत्र में। इस किस्म में Aegilops ventricosa से आया 2NS/2AS गुणसूत्र स्थानांतरण है, जिसमें Lr37, Sr38 व Yr17 रतुआ-प्रतिरोधी जीन जुड़े हैं। इन जीन ने जारी होने के बाद इसके मज़बूत रतुआ-प्रतिरोध में योगदान दिया, लेकिन कुछ मौजूदा रतुआ नस्लों के सामने यह प्रतिरोध अब कमज़ोर पड़ चुका है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयनवंबर के पहले-मध्य सप्ताह — उत्तर-पश्चिम मैदानों में सिंचित खेतों के लिए समय पर बुवाई की खिड़की
- बीज दर100–125 किलो/हेक्टेयर — इस क्षेत्र में समय पर बोई सिंचित गेहूँ के लिए मानक दर, इस किस्म के लिए अलग से तय नहीं
- दूरी20–22.5 सेमी पंक्ति दूरी — समय पर बोई सिंचित गेहूँ के लिए मानक
- बुवाई विधिबीज-सह-उर्वरक ड्रिल से कतार में बुवाई मानक तरीका है; छिटकवाँ बुवाई में बीज दर बढ़ानी पड़ती है और पौधों का घनत्व असमान रहता है
- सिंचाईपहली सिंचाई मुकुट-मूल प्रारंभ के आसपास, बुवाई के लगभग 20–25 दिन बाद। आगे की सिंचाई मिट्टी के प्रकार, मौसम व फसल की अवस्था के अनुसार तय करें।
- उर्वरकसिंचित समय पर बोई स्थिति के लिए N:P:K लगभग 120:60:40 किलो/हेक्टेयर, नाइट्रोजन को बेसल, पहली सिंचाई (CRI) व कल्ले फूटने के समय में बाँटकर — यह क्षेत्र की मानक खुराक है, इस किस्म के लिए अलग से नहीं
- कटाईसमय पर बोई सिंचित स्थिति में बुवाई से पकने तक लगभग 143 दिन; दाना सख्त होने (क़रीब 14% या कम नमी) पर कटाई करें ताकि दाना झड़ने का नुक़सान कम हो
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी — उत्तर-पश्चिम मैदानों में सिंचित गेहूँ के लिए मानक सलाह
- सिंचाई
- मुकुट-मूल प्रारंभ अवस्था के आसपास जलभराव कल्ले फूटने को नुक़सान पहुँचाता है — मिट्टी का प्रकार नहीं, बल्कि खड़ा पानी मुख्य जोख़िम है
जलवायु
- जलवायु
- दाना भरने के दौरान ठंडा मौसम ज़रूरी है — फरवरी के अंत या मार्च में अचानक गर्मी बढ़ना (अंतिम ताप तनाव) उत्तर-पश्चिम मैदानों में मुख्य जलवायु जोख़िम है
उपज व अवधि
पकने की अवधि
उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में लगभग 143 दिन
अपेक्षित उपज
उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र में समय पर बुवाई व सिंचित स्थिति में लगभग 50 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
प्रबंधन सुझाव
- कल्ले फूटने की अवस्था से पीले रतुआ पर नज़र रखें, ख़ासकर ठंडी, नम सर्दी में — मौजूदा खेत हालात में अकेले मूल रतुआ-प्रतिरोध पर भरोसा न करें
- जहाँ स्थानीय रतुआ दबाव ज़्यादा हो, वहाँ क्षेत्र की नवीनतम सिफ़ारिशों का पालन करें और उस क्षेत्र के लिए उपयुक्त नई रतुआ-प्रतिरोधी किस्मों पर विचार करें।
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- उत्तर-पश्चिम मैदानों में सबसे ज़्यादा उगाई व खेत-परखी गई किस्मों में से एक, जिसका खेत-अनुभव व्यापक है।
- जानी-पहचानी खेती-पद्धति — ज़्यादातर स्थानीय डीलर, KVK व चक्की इस किस्म को पहले से जानते हैं
- समय पर बुवाई व अच्छी सिंचाई के प्रबंधन में ठोस, भरोसेमंद उपज
ध्यान रखने योग्य बातें
- मूल रतुआ-प्रतिरोध (2NS/2AS स्थानांतरण) को 2020 के दशक की शुरुआत से नई पीले रतुआ रेस ने मात दे दी है — इसे रतुआ-रोधी मत मानें
- उत्तर-पश्चिम मैदानों के लिए बनी व सुझाई गई किस्म; इस पट्टी और समय पर बुवाई-सिंचित सलाह से बाहर इसका प्रदर्शन उतना आज़माया नहीं गया
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पंजाब
- हरियाणा
- दिल्ली
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एचडी 2967 गेहूँ क्या है?
ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र के समय पर बोए, सिंचित खेतों के लिए विकसित एक गेहूँ किस्म — यह उस पट्टी में सबसे ज़्यादा बोई जाने वाली किस्मों में से एक बन गई।
एचडी 2967 की बुवाई का समय क्या है?
नवंबर के पहले-मध्य सप्ताह — इस क्षेत्र में सिंचित गेहूँ के लिए मानक समय पर बुवाई की खिड़की।
एचडी 2967 की बीज दर क्या है?
लगभग 100–125 किलो/हेक्टेयर — उत्तर-पश्चिम मैदानों में समय पर बोई सिंचित गेहूँ के लिए मानक दर।
एचडी 2967 को पकने में कितने दिन लगते हैं?
समय पर बोई सिंचित स्थिति में बुवाई से पकने तक लगभग 143 दिन।
क्या एचडी 2967 रतुआ-रोधी है?
इसे मज़बूत रतुआ-प्रतिरोध (2NS/2AS स्थानांतरण) के साथ बनाया गया था, पर खेत में पीले रतुआ की रेस ने 2020 के दशक की शुरुआत से इसे मात दे दी है, और पत्ती रतुआ अब केवल मध्यम स्तर पर — इसे किसी भी अन्य किस्म की तरह देखते रहें।
एचडी 2967 के लिए कौन-से क्षेत्र उपयुक्त हैं?
उत्तर-पश्चिम मैदानी क्षेत्र — पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर संभाग को छोड़कर), पश्चिमी उत्तर प्रदेश (झाँसी को छोड़कर), जम्मू व कश्मीर का कठुआ ज़िला, हिमाचल प्रदेश की ऊना व पांवटा घाटी, और उत्तराखंड का तराई क्षेत्र — और हाल में उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र भी।
स्रोत: ICAR-IARI Varieties Directory — HD 2967, Marker-Assisted Improvement of Bread Wheat Variety HD2967 for Leaf and Stripe Rust Resistance — Plants (MDPI), 2022. संपादकीय नीति.
