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लद्दाखआय सहायतासक्रियअपडेट 8 सितंबर 2026

पश्मीना पशुधन विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम

सरकार द्वारा तय पश्मीना खरीद मूल्य पर 25% अतिरिक्त भुगतान, सीधे चांगपा चरवाहों के खाते में DBT से — लद्दाख की पश्मीना अर्थव्यवस्था के लिए ऐसी पहली योजना।

संचालक: पशु, भेड़ पालन एवं मत्स्य विभाग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (लद्दाख पश्मीना विकास बोर्ड के माध्यम से)

अतिरिक्त प्रोत्साहन
खरीद मूल्य का 25%
भुगतान का तरीक़ा
आधार-लिंक खाते में DBT
परिक्रामी कोष
ACPGCMS को ₹8 करोड़
मंज़ूरी
5 जुलाई 2026

परिचय

चांगथांग पठार की कच्ची पश्मीना दुनिया के सबसे बेहतरीन रेशों में गिनी जाती है, पर इसका ज़्यादातर मुनाफ़ा उस चरवाहे तक नहीं पहुँचता था जो हर बसंत बकरी से इसे कंघी से निकालता है। 5 जुलाई 2026 को अपनी पहली बैठक में लद्दाख पश्मीना विकास बोर्ड ने इस कमी को पूरा करने के लिए पशुधन विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम मंज़ूर किया: अब हर चरवाहे को सरकार की तय खरीद क़ीमत के ऊपर 25% अतिरिक्त राशि मिलती है, जो सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा होती है।

यह प्रोत्साहन राशि एक साथ ख़र्च करने के लिए नहीं है। चरवाहे को मिली राशि का 60% पशुधन सुधार और वैज्ञानिक प्रजनन के लिए, 20% आधुनिक कंघी उपकरण व बुनियादी ढाँचे के लिए, और बाक़ी 20% घर व निजी ज़रूरतों के लिए तय है। इसी के साथ ऑल चांगथांग पश्मीना ग्रोअर्स कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी को ₹8 करोड़ का परिक्रामी कोष भी मंज़ूर हुआ है, ताकि चरवाहों को उनकी उपज का भुगतान महीनों इंतज़ार किए बिना, पहले ही मिल सके।

प्रशासन ने तीन साल में पश्मीना बकरियों की संख्या लगभग 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करने और बेहतर प्रजनन से प्रति बकरी औसत कच्ची पश्मीना उपज लगभग 200 ग्राम से बढ़ाकर 350 ग्राम करने का लक्ष्य रखा है — यह प्रोत्साहन राशि उसी दिशा में चरवाहों को निवेश के लिए प्रेरित करने वाला वित्तीय साधन है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • कच्ची पश्मीना के सरकारी खरीद मूल्य पर सीधा 25% अतिरिक्त भुगतान — फाइबर बेचने से मिलने वाली कमाई के ऊपर।
  • राशि सीधे चरवाहे के अपने आधार-लिंक बैंक खाते में DBT से पहुँचती है — न कोई बिचौलिया, न नक़दी का झंझट।
  • प्रोत्साहन का 60% हिस्सा पशुधन सुधार और वैज्ञानिक प्रजनन के लिए तय है, यानी यह सिर्फ़ एक बार की कमाई नहीं, समय के साथ बेहतर झुंड भी बनाता है।
  • 20% हिस्सा कंघी उपकरण व बुनियादी ढाँचे के लिए है, जिससे हाथ से पश्मीना निकालने की मेहनत कम होती है।
  • चांगथांग सहकारी समिति को ₹8 करोड़ का परिक्रामी कोष यानी चरवाहों को अब 8-10 महीने इंतज़ार करने की बजाय अधिकतर भुगतान पहले ही मिल जाता है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • लद्दाख के चांगथांग पठार पर पश्मीना बकरी पालने वाला चांगपा चरवाहा
  • कच्ची पश्मीना सरकारी खरीद माध्यम / मान्यता प्राप्त सहकारी समिति के ज़रिए बेची गई हो
  • DBT के लिए आधार-लिंक बैंक खाता
  • भेड़ पालन विभाग या सहकारी विपणन समिति में पंजीकरण

शामिल नहीं

  • मान्यता प्राप्त खरीद/सहकारी माध्यम के बाहर बेची गई पश्मीना
  • बिना आधार-लिंक बैंक खाते वाले चरवाहे (DBT के लिए)

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक खाता)
  • भेड़ पालन विभाग में पशुधन/चरवाहा पंजीकरण
  • खरीद माध्यम से बेची गई पश्मीना का प्रमाण

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    अपनी कच्ची पश्मीना खरीद माध्यम से बेचें

    हर सीज़न की तरह कंघी की हुई कच्ची पश्मीना सरकारी खरीद केंद्र या ऑल चांगथांग पश्मीना ग्रोअर्स कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी को दें।

  2. 2

    खरीद मूल्य आपके नाम दर्ज होता है

    आपने जितनी और जिस क़ीमत की पश्मीना बेची, वह आपके आधार-लिंक पंजीकरण से जुड़कर दर्ज होती है — इसी पर 25% अतिरिक्त भुगतान की गणना होती है।

  3. 3

    अतिरिक्त राशि DBT से जमा होती है

    पहले से मिले खरीद मूल्य के ऊपर 25% प्रोत्साहन राशि सीधे आपके आधार-लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • पंजीकरण या DBT भुगतान से जुड़ी समस्या पहले भेड़ पालन विभाग कार्यालय या ऑल चांगथांग पश्मीना ग्रोअर्स कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी में बताएं।
  • समाधान न होने पर लद्दाख की इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पर — 8588816003 पर कॉल करें, 9541786450 पर व्हाट्सऐप करें, या grievance.ladakh.gov.in पोर्टल का उपयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 25% अतिरिक्त भुगतान के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है?

कोई अलग आवेदन प्रक्रिया नहीं बताई गई है — यह प्रोत्साहन आपकी मान्यता प्राप्त खरीद/सहकारी माध्यम से बेची गई पश्मीना पर ख़ुद-ब-ख़ुद गिना जाता है और DBT से मिल जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप कवर हैं, अपने झुंड और बैंक विवरण को भेड़ पालन विभाग या सहकारी समिति में पंजीकृत रखें।

क्या मैं यह राशि मनचाहे तरीक़े से ख़र्च कर सकता हूँ?

नीति के अनुसार 60% पशुधन सुधार व वैज्ञानिक प्रजनन के लिए और 20% कंघी उपकरण व ढाँचे के लिए तय है — सिर्फ़ बाक़ी 20% घर/निजी उपयोग के लिए है, हालाँकि यह एक उपयोग-दिशानिर्देश है, अलग खाते में बंद राशि नहीं।

क्या यह भेड़/बकरी इकाई या शेड बनाने की सब्सिडी जैसा ही है?

नहीं। यह कार्यक्रम आपकी बेची गई पश्मीना के मूल्य पर नक़द अतिरिक्त भुगतान है। पशुधन इकाई या किड पेन/शेड लगाने की पूँजीगत सब्सिडी भेड़ पालन विभाग की एक अलग योजना है — देखें भेड़, बकरी व पश्मीना पालन इकाई अनुदान।

तथ्य 8 सितंबर 2026 को ladakh.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.