Bambusa bambos (Kanta bans)
भारत का आम विशाल काँटेदार बाँस (बंबूसा अरुंडिनेसिया भी कहा जाता), बहुत बड़े घने झुरमुट बनाता, 30 मी तक की मज़बूत बल्लियाँ। शाखा-काँटे झुरमुट-प्रबंधन व कटाई कठिन बनाते, पर बल्लियाँ मज़बूत व व्यापक इस्तेमाल की, और नई कोंपलें खाई जाती हैं।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- बाँस
- प्रकार
- वानस्पतिक रूप से प्रवर्धित प्रजाति
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- पहली कटाई वर्ष 4–5
- अपेक्षित उपज
- ऊँची, पर भीड़ा काँटेदार झुरमुट छाँटना व काटना कठिन
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- एक मूल भारतीय प्रजाति व राष्ट्रीय बाँस मिशन प्राथमिकता प्रजाति; कोई विकसित किस्म नहीं
इस किस्म के बारे में
बंबूसा बम्बोस (पर्याय बंबूसा अरुंडिनेसिया), "विशाल काँटेदार बाँस", प्रायद्वीपीय व मध्य भारत के सबसे व्यापक बाँसों में से एक और एक राष्ट्रीय बाँस मिशन प्रजाति। यह बहुत बड़े, घने, काँटेदार झुरमुट बनाता, लगभग 30 मी तक की मेहराबदार बल्लियाँ, आधार पर मोटी-दीवार। बल्लियाँ मज़बूत व निर्माण, मचान, सीढ़ियाँ, लुगदी व चटाई में इस्तेमाल; कोमल निकलती कोंपलें एक परंपरागत भोजन। अधिकांश भारतीय बाँसों की तरह यह सामूहिक रूप से फूलता — लगभग 40-साल अंतराल पर — जिसके बाद पूरा झुरमुट मर जाता और स्टैंड बीज या रोपण-स्टॉक से फिर बसाना पड़ता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई वर्ष 4–5
अपेक्षित उपज
ऊँची, पर भीड़ा काँटेदार झुरमुट छाँटना व काटना कठिन
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मज़बूत; सामूहिक फूलना (लगभग 40 साल में एक बार) झुरमुट को मार देता
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बहुत मज़बूत बल्लियाँ, भारी निर्माण, मचान व लुगदी के लिए व्यापक रूप से स्वीकृत
- बेहद मज़बूत — जमने के बाद सूखे इलाक़े व ख़राब मिट्टी सहती
- कोमल कोंपलें एक अतिरिक्त खाने योग्य उत्पाद देतीं
ध्यान रखने योग्य बातें
- शाखा-काँटे झुरमुट के अंदर निराई, छँटाई व कटाई धीमी व असुविधाजनक बनाते
- एक भीड़ा, बिना-छँटा झुरमुट केंद्र में सूखी बल्लियाँ जमा करता और लगभग अभेद्य हो जाता
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- केरल
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- महाराष्ट्र
- ओडिशा
