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बाँससभी सीज़नकलम या पौध से (वानस्पतिक रूप से) बढ़ाई जाने वाली प्रजातिअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Bambusa bambos (Kanta bans)

विशाल काँटेदार बाँस, जिसे Bambusa arundinacea भी कहते हैं। KFRI का प्रजाति डेटाबेस 20 से 30 मी के मोटी दीवार वाले तने बताता है, और निर्माण, मचान, फ़र्नीचर, लुगदी और खाने लायक कोंपलों को उपयोग गिनाता है। काँटों से झुरमुट का काम धीमा पड़ता है।

सीज़नसभी सीज़न
कटाई की उम्रपहली कटाई 4–5वें साल में
अपेक्षित उपजउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा; 20 से 30 मी के मज़बूत तने (KFRI)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
बाँस
प्रकार
कलम या पौध से (वानस्पतिक रूप से) बढ़ाई जाने वाली प्रजाति
सीज़न
सभी सीज़न
कटाई की उम्र
पहली कटाई 4–5वें साल में
अपेक्षित उपज
उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा; 20 से 30 मी के मज़बूत तने (KFRI)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
रोगों का कोई आँकड़ा नहीं छपा; 30 से 49 साल में एक बार फूलता है और फिर झुरमुट मर जाता है
जारी
भारत की अपनी प्रजाति और राष्ट्रीय बाँस मिशन की खास प्रजाति; बनाई गई किस्म नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

Bambusa bambos, जिसे Bambusa arundinacea भी लिखते हैं, विशाल काँटेदार बाँस है। KFRI का प्रजाति डेटाबेस इसे पूरे भारत में फैला और उगाया जाने वाला बताता है, गुच्छे वाले, मोटी दीवार के 20 से 30 मी के तनों के साथ। यह निर्माण, मचान, फ़र्नीचर, हस्तशिल्प और लुगदी-काग़ज़ में काम आता है, और इसकी कोंपलें खाई जाती हैं। KFRI फूलने के चक्र 30 से 49 साल बताता है। फूलने के बाद झुरमुट मर जाता है और बाग दोबारा लगाना पड़ता है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

बहुत मज़बूत, ऊँची बल्ली चाहिए और काँटे सह सकते हैं तो Bambusa bambos चुनिए। KFRI का प्रजाति डेटाबेस 20 से 30 मी के मोटी दीवार वाले तने बताता है। यह पूरे भारत में फैला और उगाया जाता है। वह उपयोगों में निर्माण, मचान, फ़र्नीचर, लुगदी और खाने लायक कोंपलें गिनता है। काँटों की वजह से कटाई के मज़दूर नहीं मिलते तो इसके बदले Bambusa tulda या Dendrocalamus strictus चुनिए। पहले दूरी तय कीजिए। KFRI एक दस्तावेज़ में 6 x 6 मी, प्रजाति डेटाबेस में 10 x 10 मी, और दूसरे में लकड़ी के बाग के लिए 700 झुरमुट प्रति हेक्टेयर बताता है। एक ICAR ट्रायल में छोटे झुरमुटों के लिए 5 x 5 मी सबसे अच्छा रहा।

बुवाई और खेती

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • भारी निर्माण और मचान के लिए बहुत मज़बूत, ऊँचे तने (KFRI)।
  • पूरे भारत में फैला और उगाया जाता है, और कोंपलें खाई जा सकती हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • काँटों की वजह से झुरमुट के भीतर निराई, छँटाई और कटाई धीमी और कठिन होती है।
  • भीड़ वाला, बिना छँटा झुरमुट मरे तनों से भर जाता है और उसमें घुसना मुश्किल हो जाता है।
  • 30 से 49 साल में एक बार फूलता है, और उसके बाद झुरमुट मर जाता है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • केरल
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • महाराष्ट्र
  • ओडिशा

काँटेदार झुरमुट की कटाई: KFRI के नियम, एक-एक करके

काँटे कटाई की हर चूक को महँगा बना देते हैं, इसलिए नियम क्रम से मानिए। पहला, मौसम चुनिए। KFRI कहता है कि मानसून के बाद, जनवरी से मई के बीच काटिए, मानसून के महीनों में नहीं। तब कटाई नई कोंपलों को चोट पहुँचाती है और झुरमुट की बढ़वार धीमी करती है। दूसरा, तने चुनिए: सिर्फ़ 3 साल या उससे पुराने पके तने, और सफ़ाया नहीं, जो झुरमुट को झाड़ी जैसा बना देता है।

तीसरा, काटने से पहले गिनिए। एक साल से पुराने कम से कम 6 तने झुरमुट में बराबर फैले हुए छोड़िए, और पिछले साल निकली नई बल्लियों की गिनती से ज़्यादा तने मत काटिए। KFRI के सुझाव के अनुसार हर साल नए तनों पर अलग रंग का पेंट लगाइए, ताकि मज़दूर बिना अंदाज़े के उम्र पढ़ सके।

चौथा, तेज़ आरी या चाकू से नीचे से काटिए, ज़मीन से ऊपर एक पोर छोड़कर, ताकि तना फटे नहीं। पाँचवाँ, झुरमुट से सारा मरा और सूखा बाँस और कटाई का कचरा साफ़ कीजिए। काँटेदार झुरमुट में वह कचरा बीच में भर जाता है और अगली कटाई रोक देता है। टीम के लिए मोटे दस्ताने और जूते समझदारी हैं, और बिना काँटे वाले बाँस के मुक़ाबले प्रति हेक्टेयर ज़्यादा मज़दूर-दिनों का बजट रखिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

बाँस की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीककटाई की उम्रउपजराज्य
Bambusa balcooa (Bhaluka)अच्छी मिट्टी और पक्के पानी वाले उन किसानों के लिए जो मज़बूत बल्लियों, निर्माण और उद्योग के लिए बाँस लगाते हैंपहली कटाई 4–5वें साल में; पूरी उपज 7–8वें साल मेंउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा; 12 से 22 मी के मोटी दीवार वाले तने (KFRI)असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र
Bambusa bambos (Kanta bans)यही पेजदक्षिण और मध्य भारत की सूखी या कमज़ोर ज़मीन के उन किसानों के लिए जो बहुत मज़बूत, ऊँची बल्ली चाहते हैं और काँटेदार झुरमुट सँभाल सकते हैंपहली कटाई 4–5वें साल मेंउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा; 20 से 30 मी के मज़बूत तने (KFRI)केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, ओडिशा
Bambusa tulda (Jati bans)उत्तर-पूर्व और पूर्व के नम इलाक़ों के उन किसानों के लिए जो अगरबत्ती, चटाई, टोकरी और काग़ज़ के ख़रीदारों को बेचते हैंपहली कटाई 4–5वें साल मेंउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपाअसम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड
Beema Bambooपक्की सिंचाई वाले उन किसानों के लिए जिन्हें एक-सी रोपण सामग्री चाहिए और जो ख़रीद-वापसी अनुबंध को एक-एक पंक्ति पढ़ेंगेपहली कटाई 4 साल बाद; भारी उपज 7–9वें साल मेंकोई स्वतंत्र उपज आँकड़ा नहीं; कंपनी 7 से 9 साल में भारी उपज का दावा करती हैतमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात
Dendrocalamus asper (sweet bamboo)कोंपल की मंडी के पास के उन किसानों के लिए जो गहरी मिट्टी और पानी दे सकते हैं और झुरमुट को कोंपलों के लिए चलाना चाहते हैंकोंपलों की कटाई 3–4वें साल सेउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपाकेरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, नागालैंड, मिज़ोरम
Dendrocalamus hamiltonii (Kako bans)उत्तर-पूर्व और उप-हिमालय के पहाड़ी राज्यों के उन किसानों के लिए जो एक ही बाँस से बल्लियाँ और खाने की कोंपलें दोनों चाहते हैंपहली कटाई 4–5वें साल मेंउपज का कोई आँकड़ा नहीं छपाअसम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, नागालैंड
Dendrocalamus strictus (male bamboo)मध्य और पूर्वी भारत की सूखी, कमज़ोर, बारानी ज़मीन के किसानों, और बिगड़ी या ढलान वाली ज़मीन को थामने वाले हर किसी के लिएपहली कटाई 5–6वें साल में (सूखी ज़मीन पर धीमी)400 झुरमुट/हेक्टेयर से साल में लगभग 3.5 टन तने/हेक्टेयर (PROSEA); बहुत बदलता हैमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और बाँस का भाव क्या चल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Bambusa bambos को कितनी दूरी पर लगाऊँ?

दस्तावेज़ आपस में अलग हैं। KFRI का पर्चा 6 x 6 मी कहता है, यानी लगभग 278 झुरमुट प्रति हेक्टेयर। प्रजाति डेटाबेस 10 x 10 मी कहता है, 100 झुरमुट। दूरी वाला पन्ना 15 सेमी से मोटे बड़े बाँस के लिए 7 x 7 से 10 x 10 मी रखता है, और लकड़ी के बाग के लिए 700 झुरमुट प्रति हेक्टेयर भी सुझाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया के बाँस का संदर्भ PROSEA इस प्रजाति के लिए कोई परखी हुई दूरी नहीं बताता, पर कहता है कि 6 x 6 मी ठीक लगता है। अरुणाचल प्रदेश के बासर के एक ICAR ट्रायल (2002 से 2006) में वही बाँस Bambusa arundinacea 5 x 5, 6 x 6 और 7 x 7 मी पर उगाया गया और 5 साल बाद तनों की उपज में 5 x 5 मी (400 झुरमुट) सबसे अच्छा रहा। यह सिर्फ़ छोटे झुरमुटों की बात है। PROSEA लिखता है कि बिना छेड़ा झुरमुट कुछ सालों में लगभग अभेद्य हो जाता है, इसलिए कोई भी दूरी चुनें, छँटाई की योजना रखिए।

झुरमुट कितने साल में फूलकर मर जाता है?

KFRI फूलने के दर्ज चक्र 30 से 34, 30 से 45 और 44 से 49 साल बताता है, और केरल, कर्नाटक, सतपुड़ा और दूसरी जगहों पर 1874 से 1995 तक फूल आने के रिकॉर्ड देता है। 2026 में लगा झुरमुट लगभग 2056 से 2075 के बीच फूलेगा। फूलने के बाद झुरमुट मर जाता है। KFRI लिखता है कि ठंडा और सूखा रखा बीज लगभग 3 साल तक उगने लायक रहता है, पर बीज भंडार की जगह दोबारा रोपाई की योजना बनाइए।

क्या काँटा बाँस और Bambusa arundinacea एक ही हैं?

हाँ। KFRI Bambusa arundinacea (Retz.) Willd. को Bambusa bambos का पर्याय बताता है, इसलिए जिन पेपरों में दोनों में से कोई भी नाम आए वे एक ही बाँस की बात करते हैं। स्थानीय नामों में केरल में मुल्लू मूला, तमिलनाडु में मुंगिल, ओडिशा में दाबा और पंजाब में नल बाँस हैं। पौधे मँगाते समय वनस्पति नाम Bambusa bambos और स्थानीय नाम दोनों बताइए ताकि नर्सरी सही प्रजाति भेजे।

काँटेदार झुरमुट को भीड़ से कैसे बचाऊँ?

KFRI के कटाई के नियम मानिए। 3 साल या उससे पुराने पके तने काटिए, एक साल से पुराने कम से कम 6 तने छोड़िए, और नीचे से काटिए, ज़मीन से ऊपर एक पोर छोड़कर। झुरमुट से सारा मरा और सूखा बाँस और कटाई का कचरा निकालिए, क्योंकि वह बीच में भरकर अगली कटाई मुश्किल कर देता है। KFRI की सलाह के अनुसार कटाई मानसून के बाद, जनवरी से मई के बीच कीजिए।

क्या मैं Bambusa bambos की कोंपलें बेच सकता हूँ?

KFRI खाने लायक कोंपलों को उपयोगों में गिनता है, और पन्ना कहता है कि वे पारंपरिक भोजन हैं। कोंपलें 15 से 50 सेमी ऊँची होने पर तेज़, साफ़ चाकू से काटिए, मातृ कंद को चोट पहुँचाए बिना, और सबसे मज़बूत कुछ को नए तने बनने के लिए छोड़ दीजिए। काँटेदार झुरमुट में कटाई धीमी होती है। कोंपल के ख़रीदार को नियमित सप्लाई का वादा करने से पहले मज़दूरी का हिसाब लगा लीजिए।

स्रोत: Bambusa bambos — KFRI Bamboo Technical Support Group species database, Spacing between bamboo plants — KFRI Bamboo Technical Support Group, Harvesting and yield of bamboo — KFRI Bamboo Technical Support Group, Bamboo cultivation leaflet — KFRI BTSG, National Bamboo Mission, Singh, Sarangi and Shukla, Effect of spacing on the early performance of selected bamboo species at a mid hill of Arunachal Pradesh, Indian Journal of Agroforestry 11(1), 2009, PROSEA Bamboos: Bambusa bambos. संपादकीय नीति.