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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
बाँससभी सीज़नवानस्पतिक रूप से प्रवर्धित प्रजातिअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Dendrocalamus hamiltonii (Kako bans)

पूर्वोत्तर व उप-हिमालयी पट्टी का एक बड़ा पहाड़ी बाँस, लंबी पोरियों के साथ, जो निर्माण, टोकरी, चटाई व काग़ज़ में इस्तेमाल होता। इसकी कोमल कोंपलें इस क्षेत्र में व्यापक रूप से ताज़ी व किण्वित खाई जातीं। अधिकांश बाँसों से ज़्यादा ठंड सहता।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिपहली कटाई वर्ष 4–5
अपेक्षित उपजअपने ऊँची-बारिश वाले मूल इलाक़े में ऊँची
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
बाँस
प्रकार
वानस्पतिक रूप से प्रवर्धित प्रजाति
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
पहली कटाई वर्ष 4–5
अपेक्षित उपज
अपने ऊँची-बारिश वाले मूल इलाक़े में ऊँची
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
एक मूल पूर्वोत्तर भारतीय प्रजाति व राष्ट्रीय बाँस मिशन प्रजाति; कोई विकसित किस्म नहीं

इस किस्म के बारे में

डेंड्रोकैलेमस हैमिल्टोनाई (काको बाँस, पाओ) पूर्वोत्तर व उप-हिमालयी पहाड़ों का एक बड़ा, ढीले झुरमुट वाला बाँस है, राष्ट्रीय बाँस मिशन प्रजातियों में सूचीबद्ध और क्षेत्र के सबसे-इस्तेमाल बाँसों में से एक। इसकी बल्लियाँ 12–18 मी तक, लंबी पोरियों व मध्यम-पतली दीवार के साथ, घर-निर्माण, चटाई, टोकरी व काग़ज़ लुगदी को अच्छी काम करतीं। नरम, मीठी-सी नई कोंपलें एक प्रमुख क्षेत्रीय भोजन, ताज़ी और, ज़्यादा मशहूर, किण्वित खाई जातीं। यह ऊँची-बारिश पहाड़ी दशाओं को सूट करता व निचली-भूमि प्रजातियों से बेहतर ठंड सहता, पर इसकी पतली-दीवार बल्लियाँ बहुत जल्दी सुखाने पर चिटखने को प्रवण।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारवानस्पतिक रूप से प्रवर्धित प्रजाति
    अवधिपहली कटाई वर्ष 4–5
    उपज क्षमताअपने ऊँची-बारिश वाले मूल इलाक़े में ऊँची
    रोग-प्रतिरोधपहाड़ों में मज़बूत; पतली-दीवार बल्लियाँ जल्दी सुखाने पर चिटख जातीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली कटाई वर्ष 4–5

अपेक्षित उपज

अपने ऊँची-बारिश वाले मूल इलाक़े में ऊँची

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • पहाड़ों में मज़बूत; पतली-दीवार बल्लियाँ जल्दी सुखाने पर चिटख जातीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • लंबी, काम-लायक़ पोरियाँ चटाई, टोकरी व घर-निर्माण को आदर्श
  • मीठी, कोमल कोंपलें — एक बड़ा खाद्य उत्पाद, ताज़ी व किण्वित खाई जातीं
  • अधिकांश खेती बाँसों से ज़्यादा ठंड-सहनशील, पहाड़ों को उपयुक्त

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पतली-दीवार बल्लियाँ बहुत जल्दी सुखाने पर चिटख जातीं — उन्हें धीमी, छायादार सुखाई चाहिए
  • ऊँची-बारिश पहाड़ी स्थलों को सबसे उपयुक्त; सूखे मैदानों में कम उत्पादक

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • असम
  • अरुणाचल प्रदेश
  • मेघालय
  • सिक्किम
  • पश्चिम बंगाल
  • नागालैंड