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परवलसभी सीज़नबेल/जड़ कलमअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Swarna Rekha

यह भी ICAR RCER, राँची से। हल्की स्पष्ट धारियों, नरम बीजों व अच्छे शेल्फ-जीवन वाला लंबा हरा फल, बिहार व झारखंड से पश्चिम बंगाल व पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पूर्वी पट्टी भर व्यापक रूप से उगाई जाती।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिरोपाई के ~3–4 महीने बाद पहली तुड़ाई
अपेक्षित उपज15–20 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
परवल
प्रकार
बेल/जड़ कलम
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
रोपाई के ~3–4 महीने बाद पहली तुड़ाई
बीज दर
वानस्पतिक रूप से प्रवर्धित — लगभग 2,000–2,500 कलमें/हेक्टेयर, परागण को लगभग 10% नर कलमें परस्पर रोपी
अपेक्षित उपज
15–20 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर (RCER), राँची द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

स्वर्ण रेखा ICAR पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर (RCER), राँची द्वारा जारी एक परवल किस्म है, अपनी सहोदर किस्म स्वर्ण अलौकिक से एक धारीदार छिलके से अलग पहचानी जाती — इसका लंबा हरा फल एक सादे बिना-धारी छिलके की बजाय स्पष्ट हल्की धारियाँ रखता है। यह स्वर्ण श्रृंखला भर क़ीमती नरम-बीज गुण साझा करती और तोड़ने के बाद अच्छे शेल्फ-जीवन को नोट की गई, जिसने इसे पूर्वी पट्टी भर, बिहार व झारखंड से ओडिशा व पश्चिम बंगाल होते पूर्वी उत्तर प्रदेश तक, सबसे व्यापक रूप से उगाई नामित परवल किस्मों में से एक बनने में मदद की। सभी परवल जैसे, यह बेल या जड़ कलमों से वानस्पतिक रूप से प्रवर्धित होती और परागण को नर कलमें परस्पर रोपी होनी चाहिए, चूँकि पौधा द्विलिंगी है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारबेल/जड़ कलम
    अवधिरोपाई के ~3–4 महीने बाद पहली तुड़ाई
    उपज क्षमता15–20 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • बीज दरवानस्पतिक रूप से प्रवर्धित — लगभग 2,000–2,500 कलमें/हेक्टेयर, परागण को लगभग 10% नर कलमें परस्पर रोपी
  • दूरीऊपरी मचान पर गड्ढे 2–3 मी दूर

उपज व अवधि

पकने की अवधि

रोपाई के ~3–4 महीने बाद पहली तुड़ाई

अपेक्षित उपज

15–20 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कई नामित परवल किस्मों की तुलना में तोड़ने के बाद अच्छा शेल्फ-जीवन।
  • पूर्वी गंगा-पट्टी भर व्यापक रूप से उगाई व अच्छी अनुकूलित।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • द्विलिंगी होने के नाते, मादा स्टॉक के साथ नर कलमें परस्पर रोपी होनी चाहिए वरना फल-बंधन लगभग पूरी तरह असफल होता।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • बिहार
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • पश्चिम बंगाल
  • उत्तर प्रदेश