मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
तिलखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

RT-346

लोकप्रिय राजस्थान किस्म, स्थिर बारानी उपज और अच्छी तेल-मात्रा। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि82–88 दिन
अपेक्षित उपजमध्यम–उच्च
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
तिल
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
82–88 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान के तिल प्रजनन/परीक्षण कार्य से जुड़ी — सटीक जारी-वर्ष व विकासकर्ता संस्थान इस चरण में स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हो सका

इस किस्म के बारे में

आरटी-346 राजस्थान के तिल-प्रजनन कार्यक्रमों से जुड़ी एक तिल किस्म है, जिसे श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान में हुए स्थिरता व आनुवंशिक-विविधता अध्ययनों में जनक/तुलना-रेखा के रूप में संदर्भित किया गया है। राजस्थान के तिल परीक्षणों में यह अधिकांश कृषि-गुणों के लिए विभिन्न वातावरणों में स्थिर पाई गई है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि82–88 दिन
    उपज क्षमतामध्यम–उच्च
    रोग-प्रतिरोधजड़-सड़न के प्रति मध्यम सहनशील
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

82–88 दिन

अपेक्षित उपज

मध्यम–उच्च

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस चरण में आरटी-346 का सटीक जारी-वर्ष, जनक-वंशावली या उपज/अवधि संख्याएँ देने वाला कोई सीधे-प्राप्य प्राथमिक स्रोत नहीं मिला — यह शैक्षणिक परीक्षण साहित्य (स्थिरता विश्लेषण, आनुवंशिक विविधता अध्ययन) में एक समर्पित किस्म-रिलीज़ दस्तावेज़ की बजाय एक स्थापित संदर्भ-किस्म के रूप में दिखाई देती है।
  • विभिन्न वातावरणों में स्थिरता का निष्कर्ष इस रिकॉर्ड में पहले न शामिल नया संदर्भ है, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट के "स्थिर बारानी उपज" वर्णन के अनुरूप है व उसका समर्थन करता है — वहाँ कोई विरोधाभास नहीं।
  • कोई states विसंगति नहीं मिली — स्रोत सामग्री लगातार आरटी-346 को राजस्थान के तिल अनुसंधान कार्यक्रम से जोड़ती है, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से मेल खाती है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आरटी-346 किस संस्थान से जुड़ी है?

श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान, जहाँ इसे तिल स्थिरता व आनुवंशिक-विविधता अध्ययनों में संदर्भ/तुलना-रेखा के रूप में उपयोग किया गया है।

क्या आरटी-346 एक स्थिर-उपज वाली किस्म है?

हाँ — शैक्षणिक परीक्षण साहित्य ने इसे राजस्थान में विभिन्न वातावरणों में अधिकांश कृषि-गुणों के लिए स्थिर पाया, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट के स्थिर बारानी उपज संबंधी विवरण की पुष्टि करता है।

क्या आरटी-346 का उपयोग अन्य तिल किस्मों को प्रजनित करने के लिए हुआ है?

यह श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक प्रजनन अध्ययनों में जनक/तुलना-रेखा के रूप में दिखाई दी है, हालाँकि विशिष्ट संतति किस्मों का विवरण इस चरण में मिले स्रोतों में नहीं था।

आरटी-346 का सटीक जारी-वर्ष क्या है?

इस चरण में पुष्ट नहीं हुआ — कोई सीधे-प्राप्य प्राथमिक किस्म-रिलीज़ दस्तावेज़ नहीं मिला, केवल शैक्षणिक परीक्षण साहित्य जो इसे पहले से स्थापित संदर्भ-किस्म मानता है।

आरटी-346 राजस्थान की उगाने की स्थितियों के लिए उपयुक्त क्यों है?

राजस्थान के भीतर विभिन्न वातावरणों में इसकी दस्तावेज़ीकृत स्थिरता, साथ ही इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट में अच्छी तेल-मात्रा, इसे राज्य की बारानी तिल पट्टी के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।