RT-346
लोकप्रिय राजस्थान किस्म, स्थिर बारानी उपज और अच्छी तेल-मात्रा। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- तिल
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 82–88 दिन
- अपेक्षित उपज
- मध्यम–उच्च
- उपयुक्त मिट्टी
- बलुई / हल्की मिट्टी
- जारी
- श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान के तिल प्रजनन/परीक्षण कार्य से जुड़ी — सटीक जारी-वर्ष व विकासकर्ता संस्थान इस चरण में स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हो सका
इस किस्म के बारे में
आरटी-346 राजस्थान के तिल-प्रजनन कार्यक्रमों से जुड़ी एक तिल किस्म है, जिसे श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान में हुए स्थिरता व आनुवंशिक-विविधता अध्ययनों में जनक/तुलना-रेखा के रूप में संदर्भित किया गया है। राजस्थान के तिल परीक्षणों में यह अधिकांश कृषि-गुणों के लिए विभिन्न वातावरणों में स्थिर पाई गई है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
82–88 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- इस चरण में आरटी-346 का सटीक जारी-वर्ष, जनक-वंशावली या उपज/अवधि संख्याएँ देने वाला कोई सीधे-प्राप्य प्राथमिक स्रोत नहीं मिला — यह शैक्षणिक परीक्षण साहित्य (स्थिरता विश्लेषण, आनुवंशिक विविधता अध्ययन) में एक समर्पित किस्म-रिलीज़ दस्तावेज़ की बजाय एक स्थापित संदर्भ-किस्म के रूप में दिखाई देती है।
- विभिन्न वातावरणों में स्थिरता का निष्कर्ष इस रिकॉर्ड में पहले न शामिल नया संदर्भ है, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट के "स्थिर बारानी उपज" वर्णन के अनुरूप है व उसका समर्थन करता है — वहाँ कोई विरोधाभास नहीं।
- कोई states विसंगति नहीं मिली — स्रोत सामग्री लगातार आरटी-346 को राजस्थान के तिल अनुसंधान कार्यक्रम से जोड़ती है, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा एकल-राज्य फ़ील्ड से मेल खाती है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आरटी-346 किस संस्थान से जुड़ी है?
श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, जयपुर, राजस्थान, जहाँ इसे तिल स्थिरता व आनुवंशिक-विविधता अध्ययनों में संदर्भ/तुलना-रेखा के रूप में उपयोग किया गया है।
क्या आरटी-346 एक स्थिर-उपज वाली किस्म है?
हाँ — शैक्षणिक परीक्षण साहित्य ने इसे राजस्थान में विभिन्न वातावरणों में अधिकांश कृषि-गुणों के लिए स्थिर पाया, जो इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट के स्थिर बारानी उपज संबंधी विवरण की पुष्टि करता है।
क्या आरटी-346 का उपयोग अन्य तिल किस्मों को प्रजनित करने के लिए हुआ है?
यह श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक प्रजनन अध्ययनों में जनक/तुलना-रेखा के रूप में दिखाई दी है, हालाँकि विशिष्ट संतति किस्मों का विवरण इस चरण में मिले स्रोतों में नहीं था।
आरटी-346 का सटीक जारी-वर्ष क्या है?
इस चरण में पुष्ट नहीं हुआ — कोई सीधे-प्राप्य प्राथमिक किस्म-रिलीज़ दस्तावेज़ नहीं मिला, केवल शैक्षणिक परीक्षण साहित्य जो इसे पहले से स्थापित संदर्भ-किस्म मानता है।
आरटी-346 राजस्थान की उगाने की स्थितियों के लिए उपयुक्त क्यों है?
राजस्थान के भीतर विभिन्न वातावरणों में इसकी दस्तावेज़ीकृत स्थिरता, साथ ही इस रिकॉर्ड की मौजूदा नोट में अच्छी तेल-मात्रा, इसे राज्य की बारानी तिल पट्टी के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।
