Pant U 31
पंतनगर से जारी — पूर्वी गंगा के मैदान में खरीफ़ उड़द की मानक किस्म।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- उड़द
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 70–75 दिन
- अपेक्षित उपज
- 9–11 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- आईसीएआर-जीबीपीयूएटी, पंतनगर द्वारा जारी पहली उड़द किस्म; आमतौर पर बताया गया रिलीज़ वर्ष 2005 (इस चरण में किसी सीधे फ़ेच किए गए प्राथमिक जीबीपीयूएटी दस्तावेज़ से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं)
इस किस्म के बारे में
पंत यू 31 गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीबीपीयूएटी), पंतनगर द्वारा जारी पहली उड़द (ब्लैकग्राम) किस्म थी — एक सीधे फ़ेच किए गए आईसीएआर ईपब्स इंडियन फ़ार्मिंग लेख (डी.पी. सिंह, 2017) इसे बौने, सघन बढ़वार, अगेती परिपक्वता, प्रकाशकाल/तापमान असंवेदनशीलता व पत्ती-रोग प्रतिरोध के संयोजन के रूप में बताता है, जिसकी वजह से इसका ब्रीडर बीज उत्पादन हिस्सा राष्ट्रीय स्तर पर सभी उड़द ब्रीडर बीज का लगभग 6.75% से बढ़कर 20.05% हो गया — यह दिखाता है कि इसने कितनी व्यापक रूप से पुरानी उड़द किस्मों की जगह ली। वेबसर्च-पुष्ट व्यापार व विस्तार स्रोत (इस चरण में सीधे फ़ेच नहीं किए गए, पर एक से अधिक सूचियों में एक-समान) इसे 75–80 दिन की परिपक्वता, 15 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज, और उत्तराखंड के मैदान/निचली पहाड़ियों से कहीं आगे — उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश व मध्य भारत — के लिए अनुशंसित बताते हैं, जिसमें 2011–2014 के दौरान स्थानीय चेक किस्मों से 33–81% ज़्यादा उपज के खेत-प्रदर्शन दर्ज हुए। उड़द प्रजनन पर एक सीधे फ़ेच किए गए 2023 की फ्रंटियर्स इन प्लांट साइंस समीक्षा स्वतंत्र रूप से पंत यू 31 को मूंग पीला मोज़ेक रोग के प्रति पुष्ट प्रतिरोध (रोग स्कोर 1) वाली किस्मों में सूचीबद्ध करती है, सिंह एट अल. (2016ए) का हवाला देते हुए।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
70–75 दिन
अपेक्षित उपज
9–11 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- आईसीएआर की अपनी इंडियन फ़ार्मिंग पत्रिका इसे जीबीपीयूएटी की पहली उड़द रिलीज़ का श्रेय देती है, जो बौने/सघन बढ़वार, अगेती परिपक्वता, दिन-लंबाई व तापमान असंवेदनशीलता, और पत्ती-रोग प्रतिरोध को एक पैकेज में जोड़ती है — इसके परिणामस्वरूप इसका ब्रीडर-बीज हिस्सा राष्ट्रीय स्तर पर सभी उड़द ब्रीडर बीज के 7% से कम से बढ़कर 20% से ज़्यादा हो गया।
- चार मौसमों (2011–2014) के खेत-प्रदर्शनों में स्थानीय चेक किस्मों से 33–81% ज़्यादा उपज दर्ज हुई, और इसका पुष्ट एमवाईएमवी प्रतिरोध (फ्रंटियर्स 2023 समीक्षा, रोग स्कोर 1) इस रिकॉर्ड की अपनी पीला-मोज़ेक-प्रतिरोधी रेटिंग से मेल खाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- कई स्रोतों में बताई गई उपज (15 क्विंटल/हेक्टेयर तक) इस रिकॉर्ड के मौजूदा 9–11 क्विंटल/हेक्टेयर फ़ील्ड से ऊपर है; यहाँ इसे एक दायरे के रूप में लिया गया है, जिसमें रिकॉर्ड का आँकड़ा सतर्क अनुमान माना गया है — यही तरीक़ा इस रोलआउट में पहले से जोड़ी गई कई अन्य किस्मों में भी अपनाया गया है।
- इस चरण में किसी सीधे फ़ेच किए गए स्रोत से सटीक रिलीज़/अधिसूचना वर्ष या जनकता क्रॉस पुष्ट नहीं हो सका — जीबीपीयूएटी की अपनी जारी-किस्मों की पीडीएफ़ व इसके विकास पर एक रिसर्चगेट शोधपत्र दोनों पठनीय टेक्स्ट नहीं दे सके (क्रमशः अपठनीय पीडीएफ़ व 403 त्रुटि), इसलिए ~2005 की रिलीज़ तारीख़ किसी फ़ेच किए गए प्राथमिक दस्तावेज़ की बजाय केवल वेबसर्च-पुष्टि पर आधारित है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- बिहार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पंत यू 31 को जीबीपीयूएटी की 'पहली' उड़द रिलीज़ बनाने में क्या ख़ास था?
आईसीएआर की अपनी इंडियन फ़ार्मिंग पत्रिका इसके असामान्य संयोजन — बौना पौधा प्रकार, अगेती परिपक्वता, दिन-लंबाई व तापमान के प्रति असंवेदनशीलता, और पत्ती-रोग प्रतिरोध — का श्रेय देती है, जिन गुणों ने राष्ट्रीय उड़द ब्रीडर-बीज उत्पादन में इसका हिस्सा 7% से कम से बढ़ाकर 20% से ज़्यादा कर दिया।
क्या पंत यू 31 उत्तराखंड के बाहर भी अनुशंसित है?
हाँ — इस रिकॉर्ड की उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड/बिहार सूची के अलावा, कई स्रोत राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश व मध्य भारत के लिए भी अनुशंसा बताते हैं, जो इसके अपने राज्य से कहीं आगे व्यापक रूप से अपनाए जाने को दर्शाता है।
स्रोत: 'Pant Urd-31': a leading variety of blackgram — Indian Farming (ICAR ePubs), Genetics, genomics, and breeding of black gram [Vigna mungo (L.) Hepper] — Frontiers in Plant Science. संपादकीय नीति.
