दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना
भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार को सीधे ₹10,000 सालाना — वह वर्ग जिसे PM-KISAN जैसी केंद्रीय आय सहायता योजनाएँ नहीं छू पातीं क्योंकि उनके पास ज़मीन नहीं होती।
संचालक: कृषि विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार
- वार्षिक लाभ
- ₹10,000/वर्ष
- लक्ष्य वर्ग
- भूमिहीन कृषि मजदूर
- राज्यव्यापी लक्ष्य
- ~5.62 लाख परिवार
- हाल की किस्त
- ~4.95 लाख परिवार, ₹495 करोड़
- माध्यम
- सीधा लाभ अंतरण (DBT)
- शुरुआत
- 18 जनवरी 2025
परिचय
PM-KISAN व ज़्यादातर फसल-संबंधित आय सहायता ज़मीन मालिकों को मिलती है, जिससे बड़ी संख्या में वे परिवार छूट जाते हैं जो दूसरे के खेत में दिहाड़ी पर काम करते हैं पर खुद कुछ नहीं रखते। यह योजना खासतौर पर इसी कमी को भरने के लिए बनी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 जनवरी 2025 को यह योजना शुरू की, जिसका लक्ष्य राज्यभर में क़रीब 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों तक पहुँचना है। भुगतान किस्तों में सीधे लाभ अंतरण से होता है, और राज्य समय पर किस्तें जारी करता रहा है — हाल के चक्र की दूसरी किस्त एक ही रिलीज़ में लगभग 5 लाख परिवार तक पहुँची।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- परिवार के बैंक खाते में सीधे ₹10,000 सालाना जमा।
- खासतौर पर भूमिहीन कृषि मजदूर को कवर करता है, जो भूमि-संबंधित योजनाओं से बाहर रह जाते हैं।
- साल भर में DBT के ज़रिए किस्तों में भुगतान।
- PM-KISAN जैसी ज़मीन-मालिक-केंद्रित योजनाओं का पूरक है, दोहराव नहीं।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- छत्तीसगढ़ का परिवार जिसका मुख्य पेशा कृषि मजदूरी हो
- अपने नाम पर कृषि भूमि न हो
- योजना के लिए स्थानीय कृषि/पंचायत कार्यालय में पंजीकृत
शामिल नहीं
- ज़मीन मालिक किसान परिवार (वे PM-KISAN व अन्य भूमि-संबंधित योजनाओं के तहत कवर हैं)
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- मजदूरी/पेशा प्रमाण पत्र या पंचायत सत्यापन
- बैंक पासबुक
- छत्तीसगढ़ में निवास प्रमाण
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
पंचायत/कृषि कार्यालय में पंजीकरण करें
भूमिहीन कृषि मजदूर स्थिति के प्रमाण के साथ स्थानीय पंचायत या कृषि कार्यालय में आवेदन करें।
- 2
सत्यापन
पंचायत जाँचती है कि परिवार वाकई भूमिहीन है और कृषि मजदूरी पर निर्भर है।
- 3
DBT किस्तें
स्वीकृति के बाद ₹10,000 वार्षिक लाभ पंजीकृत बैंक खाते में किस्तों में जमा होता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- ख़ारिज हुए आवेदन, ग़लत सत्यापन, या छूटी किस्त के लिए पहले अपने पंचायत या प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करें, जिसने भूमिहीन-स्थिति का सत्यापन किया था।
- समाधान न मिलने पर छत्तीसगढ़ CM हेल्पलाइन पर आगे बढ़ें — 1076 (टोल-फ़्री, 24/7) पर कॉल करें या cmhelpline.cg.gov.in इस्तेमाल करें — या राज्य के जन शिकायत पोर्टल पर, जहाँ शिकायत ट्रैक कर सकते हैं और पहला जवाब संतोषजनक न होने पर जन चौपाल के ज़रिए फिर से खुलवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या छोटा-सा प्लॉट रखने वाला किसान आवेदन कर सकता है?
नहीं, यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए है जिनके पास कोई कृषि भूमि नहीं है — छोटे ज़मीन मालिक भी अलग योजनाओं में आते हैं।
क्या ₹10,000 एक बार में मिलते हैं?
नहीं, यह अन्य DBT आय सहायता योजनाओं की तरह साल भर में किस्तों में जारी होता है।
यह PM-KISAN से कैसे अलग है?
PM-KISAN के लिए भूमि स्वामित्व ज़रूरी है; यह योजना ठीक इसलिए बनी है क्योंकि भूमिहीन कृषि मजदूर PM-KISAN के लिए पात्र नहीं हो सकते।
यह योजना कब शुरू हुई, और कितने परिवारों तक पहुँचने का लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे 18 जनवरी 2025 को शुरू किया, राज्यभर के क़रीब 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों तक पहुँचने के लक्ष्य के साथ।
क्या राज्य वाकई समय पर भुगतान करता रहा है?
हाँ — हाल की एक किस्त रिलीज़ ने अकेले लगभग 4.95 लाख परिवारों तक पहुँचकर क़रीब ₹495 करोड़ जारी किए, जो दिखाता है कि इस योजना की DBT व्यवस्था बड़े पैमाने पर असल में काम कर रही है, सिर्फ़ एक बार की घोषणा नहीं।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को agriportal.cg.nic.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
