किसान सूर्योदय योजना (गुजरात)
खेत के पंप कनेक्शन पर सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक तीन-फ़ेज़ बिजली — अब आधी रात को खेत में जाकर सिंचाई करने की ज़रूरत नहीं।
संचालक: ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन विभाग, गुजरात सरकार
- दिन में बिजली
- सुबह 5 – रात 9 बजे
- राज्य ख़र्च
- ₹3,500 करोड़ (3 साल)
- नई लाइनें
- ~3,500 सर्किट-किमी
- गाँव कवर
- दिसंबर 2024 तक ~96%
परिचय
किसान सूर्योदय योजना से पहले गुजरात के ज़्यादातर कृषि फ़ीडर सिर्फ़ रात में चालू रहते थे, इसलिए किसानों को मजबूरी में अंधेरे में सिंचाई करनी पड़ती थी। गुजरात के ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन विभाग ने 2020-21 में यह योजना शुरू की, और अक्टूबर 2020 में प्रधानमंत्री के साथ इसका उद्घाटन हुआ — इसमें कृषि फ़ीडरों की तार-व्यवस्था बदलकर किसानों को अब रात की बजाय दिन में तीन-फ़ेज़ बिजली दी जाती है।
यह काम ₹3,500 करोड़ की तीन साल की योजना के तहत होता है, जिसमें कृषि फ़ीडर को घरेलू/सामान्य बिजली आपूर्ति से अलग किया जाता है और क़रीब 3,500 सर्किट-किमी नई लाइनें बिछाई जाती हैं — ज़िला-दर-ज़िला चरणों में। पहले साल (2020-21) में दाहोद, गिर-सोमनाथ और तापी सहित 10 ज़िले लिए गए, बाक़ी 2022-23 तक और उसके बाद भी चरणों में जुड़ते गए। दिसंबर 2024 के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, गुजरात के क़रीब 18,225 गाँवों में से लगभग 96% — यानी क़रीब 20.5 लाख कृषि कनेक्शन — को दिन में बिजली मिल रही थी, या तो एक पाली में (आम तौर पर सुबह 8-दोपहर 4 या सुबह 9-शाम 5) या दो पालियों में (सुबह 5-दोपहर 1 और दोपहर 1-रात 9); बचे हुए गाँव मुख्यतः देवभूमि द्वारका, कच्छ और बनासकांठा में हैं।
दिन की बिजली के लिए किसान को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता — जैसे ही आपके फ़ीडर की तार-व्यवस्था बदलती है, बिजली अपने आप दिन में मिलने लगती है। नया कृषि कनेक्शन चाहने वाला किसान, या यह जानना चाहने वाला कि उसका फ़ीडर योजना में शामिल है या नहीं, अपने डिस्कॉम — DGVCL, MGVCL, PGVCL या UGVCL — से सामान्य तरीक़े से ही संपर्क करता है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- कृषि फ़ीडर पर अब सिर्फ़ रात नहीं, दिन में भी तीन-फ़ेज़ बिजली — पंप काम के घंटों में चल सकता है।
- अंधेरे में खेत जाकर सिंचाई करने की मजबूरी ख़त्म — यही इस योजना की सबसे पुरानी माँग थी।
- फ़ीडर अलग होने से खेत की लाइन पर वोल्टेज भी स्थिर रहता है, क्योंकि अब यह घरेलू लोड के साथ साझा नहीं होती।
- सूक्ष्म सिंचाई और सोलर पंप योजनाओं का असर भी बढ़ता है — भरोसेमंद दिन की बिजली से ड्रिप और स्प्रिंकलर तय समय पर चल पाते हैं।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- गुजरात में मौजूदा या नया कृषि बिजली कनेक्शन रखने वाला किसान, चारों डिस्कॉम में से किसी में भी — DGVCL, MGVCL, PGVCL या UGVCL
- आपके इलाक़े का फ़ीडर किसान सूर्योदय की चरणबद्ध तार-बदलाव योजना में शामिल हो
- मौजूदा कनेक्शन के लिए अलग पंजीकरण ज़रूरी नहीं — फ़ीडर अलग होते ही दिन की बिजली अपने आप शुरू हो जाती है
शामिल नहीं
- वे गाँव/फ़ीडर जहाँ चरणबद्ध काम अभी नहीं पहुँचा — ताज़ा आँकड़ों के अनुसार बचा हिस्सा कुछ ज़िलों तक ही सीमित है
- घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन इस कृषि-फ़ीडर योजना के दायरे में नहीं आते
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- फ़ीडर की बिजली अवधि जाँचने के लिए मौजूदा बिजली कनेक्शन/उपभोक्ता संख्या
- नए कृषि कनेक्शन के लिए: भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड, आधार कार्ड, और डिस्कॉम का सामान्य कनेक्शन आवेदन फ़ॉर्म
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
अपने फ़ीडर की स्थिति जाँचें
बिजली बिल पर छपे डिस्कॉम — DGVCL, MGVCL, PGVCL या UGVCL — के हेल्पलाइन पर कॉल करके पता करें कि आपका कृषि फ़ीडर दिन की बिजली अनुसूची में शामिल हो चुका है या नहीं।
- 2
ज़रूरत हो तो नया कनेक्शन लें
जिस किसान के पास अभी कृषि कनेक्शन नहीं है, वह डिस्कॉम की सामान्य प्रक्रिया से आवेदन करे; कवर इलाक़ों में नए कनेक्शन शुरू से ही दिन की बिजली के लिए वायर किए जाते हैं।
- 3
बिजली अपने आप दिन में शुरू होती है
फ़ीडर की तार-व्यवस्था अलग होने का काम पूरा होते ही सिंचाई की बिजली तय दिन की अवधि में मिलने लगती है — इसके लिए अलग सहमति फ़ॉर्म नहीं भरना पड़ता।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- फ़ीडर-पृथक्करण में देरी, वोल्टेज या आपूर्ति-समय की शिकायत, या नए कनेक्शन की समस्या के लिए पहले अपने डिस्कॉम की हेल्पलाइन पर कॉल करें — DGVCL, MGVCL, PGVCL या UGVCL, जो बिजली बिल पर छपी होती है।
- समाधान न मिलने पर SWAGAT पर आगे बढ़ें, गुजरात की लोक शिकायत व्यवस्था — swagat.gujarat.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज करें या अपने ज़िला कलेक्टर कार्यालय के ज़रिए। SWAGAT में हर महीने सुनवाई होती है जहाँ अनसुलझे मामले सीधे देखे जाते हैं, और 2003 से अब तक इस व्यवस्था में दर्ज 95% से ज़्यादा शिकायतें सुलझाई जा चुकी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दिन की बिजली के लिए अलग आवेदन करना होगा?
नहीं — अगर आपके पास पहले से कृषि कनेक्शन है, तो फ़ीडर अलग होते ही बदलाव अपने आप हो जाता है; मौजूदा कनेक्शन के लिए कोई अलग आवेदन नहीं करना पड़ता।
मेरे गाँव में अभी भी सिर्फ़ रात को बिजली आती है, तो क्या करें?
काम फ़ीडर और ज़िले के हिसाब से चरणों में होता है; अपने इलाक़े की समय-सीमा जानने के लिए डिस्कॉम हेल्पलाइन पर संपर्क करें — ताज़ा आँकड़ों के अनुसार बचा हिस्सा मुख्यतः देवभूमि द्वारका, कच्छ और बनासकांठा में है।
क्या इस योजना में मेरे खेत पर सोलर पैनल भी लगेगा?
सीधे नहीं — किसान सूर्योदय योजना दिन की बिजली के लिए ग्रिड की तार-व्यवस्था बदलने की योजना है; सोलर पंप और रूफ़टॉप पैनल PM-KUSUM जैसी अलग योजनाओं में आते हैं।
यह योजना असल में कब शुरू हुई, और इसका पैमाना कितना बड़ा है?
गुजरात के ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन विभाग ने इसे 2020-21 में शुरू किया, और अक्टूबर 2020 में प्रधानमंत्री के साथ इसका उद्घाटन हुआ — इसके पीछे कृषि फ़ीडर अलग करने और क़रीब 3,500 सर्किट-किमी नई लाइनें बिछाने की समर्पित ₹3,500 करोड़ की तीन साल की परियोजना है।
क्या दिन की बिजली एक ही पाली में मिलती है या दो पालियों में बँटी होती है?
यह आपके फ़ीडर पर निर्भर करता है — आमतौर पर एक पाली (लगभग सुबह 8-दोपहर 4 या सुबह 9-शाम 5) या दो पालियाँ (सुबह 5-दोपहर 1 और दोपहर 1-रात 9)। हर जगह तय सुबह 5-रात 9 का ब्लॉक मान लेने के बजाय अपने डिस्कॉम से अपने फ़ीडर की सटीक अनुसूची पूछें।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को guj-epd.gujarat.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
