क्षीरसागरम योजना
Milma से जुड़ी सहकारी समिति के ज़रिए दूध देने पर सहकारी खरीद मूल्य के ऊपर प्रति लीटर मूल्य प्रोत्साहन, न्यूनतम पशु संख्या ज़रूरी नहीं।
संचालक: डेयरी विकास विभाग, केरल सरकार
- सहायता प्रकार
- प्रति लीटर मूल्य प्रोत्साहन
- असल खेत-भाव
- ~₹35–45/लीटर
- प्रोत्साहन दर
- ₹4/लीटर (1 अगस्त 2022 से)
- न्यूनतम पशु
- कोई ज़रूरत नहीं
- माध्यम
- Milma से जुड़ी सहकारिता
परिचय
केरल अपने दूध का बड़ा हिस्सा पड़ोसी राज्यों से मंगाता है, इसलिए क्षीरसागरम स्थानीय डेयरी को आकर्षक बनाने के लिए बनी है — जब दूध Milma नेटवर्क के ज़रिए दिया जाता है, तो किसान को सहकारिता से पहले से मिल रही क़ीमत के ऊपर अतिरिक्त राशि मिलती है।
जुड़ने के लिए न्यूनतम पशु संख्या ज़रूरी नहीं, जो अहम है क्योंकि केरल की ज़्यादातर डेयरी जोत छोटी हैं — अक्सर सिर्फ़ एक या दो गाय, अन्य खेत या ग़ैर-खेत काम के साथ।
प्रोत्साहन राशि ₹4 प्रति लीटर तय की गई है, 1 अगस्त 2022 से प्रभावी, उस चरण के लिए ₹29.57 करोड़ के बजट के साथ — यह सहकारिता पहले से दे रही क़ीमत के ऊपर है, उसकी जगह नहीं। दर अलग-अलग समय पर संशोधित होती रही है, इसलिए मौजूदा सटीक आँकड़ा अपनी समिति या क्षीरश्री पोर्टल से पुष्टि कर लें।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- मानक सहकारी दूध मूल्य के ऊपर प्रति लीटर अतिरिक्त प्रोत्साहन — 1 अगस्त 2022 से ₹4/लीटर तय, उस चरण के ₹29.57 करोड़ बजट के साथ।
- न्यूनतम पशु संख्या ज़रूरी नहीं — एक-दो गाय वाला परिवार भी जुड़ सकता है।
- डेयरी सहकारिता नेटवर्क के ज़रिए रियायती पशु बीमा व पशु चिकित्सा सहायता।
- राज्य के बाहर से मंगाए दूध पर निर्भरता घटाता है।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- केरल में किसान जो Milma से जुड़ी पंजीकृत डेयरी सहकारी समिति के ज़रिए दूध देता हो
- स्थानीय क्षीरश्री/डेयरी सहकारिता कार्यालय में पंजीकृत
शामिल नहीं
- सहकारिता चैनल के बाहर (अनौपचारिक/सीधी बिक्री) बेचा दूध प्रोत्साहन नहीं पाता
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- डेयरी सहकारी समिति सदस्यता
- बैंक पासबुक
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
स्थानीय डेयरी सहकारी समिति से जुड़ें
अपने इलाके की Milma से जुड़ी डेयरी सहकारी समिति के सदस्य के रूप में पंजीकरण करें।
- 2
समिति के ज़रिए दूध दें
प्रोत्साहन में गिनने के लिए समिति की संग्रह व्यवस्था से नियमित रूप से दूध दें।
- 3
मूल्य प्रोत्साहन प्राप्त करें
प्रति लीटर प्रोत्साहन नियमित सहकारी भुगतान में जुड़कर सामान्य भुगतान चक्र पर जमा होता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- प्रोत्साहन राशि जमा होने में देरी या गड़बड़ी की शिकायत पहले अपनी डेयरी सहकारी समिति या स्थानीय क्षीरश्री/डेयरी कार्यालय में करें।
- समाधान न होने पर मुख्यमंत्री लोक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ — केरल की सामान्य लोक-शिकायत व्यवस्था — के टोल-फ्री हेल्पलाइन 1076 पर, या cmo.kerala.gov.in पोर्टल पर आगे बढ़ाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जुड़ने के लिए न्यूनतम गाय संख्या चाहिए?
नहीं, न्यूनतम पशु संख्या की कोई ज़रूरत नहीं — योजना छोटे, एक-दो गाय वाले परिवारों को शामिल करने के लिए बनी है।
क्या सीधे ग्राहक को दूध बेचने पर प्रोत्साहन मिलता है?
नहीं, प्रोत्साहन सिर्फ़ पंजीकृत Milma से जुड़ी सहकारी समिति के ज़रिए दिए गए दूध पर लागू है।
क्या यह योजना पशु चिकित्सा खर्च में भी मदद करती है?
हाँ, मूल्य प्रोत्साहन के साथ डेयरी सहकारिता नेटवर्क के ज़रिए रियायती पशु बीमा व पशु चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध है।
अभी प्रति लीटर प्रोत्साहन असल में कितना है?
1 अगस्त 2022 से ₹4 प्रति लीटर तय है, उस चरण के लिए ₹29.57 करोड़ के बजट के साथ। दर अलग-अलग समय पर संशोधित होती रही है, इसलिए मौजूदा आँकड़ा अपनी सहकारी समिति या क्षीरश्री पोर्टल से पुष्टि कर लें।
तथ्य 8 सितंबर 2026 को ksheerasree.kerala.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
