CO 2
कोयंबटूर के एक स्थानीय प्रकार से TNAU चयन, CO 1 से काफ़ी कम-अवधि व छोटे-फल — हर फल लगभग 2–3 किग्रा — जबकि कहीं ज़्यादा उपज देता।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- ~120–130 दिन
- बीज दर
- किस्मों (खुली-परागित) को 2.5 किग्रा/हेक्टेयर; हर टीले 2 बीज डिबल
- अपेक्षित उपज
- ~34 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) द्वारा जारी, 1982
इस किस्म के बारे में
CO 2 तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) द्वारा 1982 में जारी एक पेठा किस्म है, कोयंबटूर के एक स्थानीय प्रकार से चयनित। यह विश्वविद्यालय की पहले की CO 1 किस्म से एक जान-बूझकर विपरीत है: इसका फल छोटा, लंबा व काफ़ी हल्का है लगभग 2–3 किग्रा हर एक, और यह तेज़ी से पकती (120–130 दिन बनाम CO 1 के 140–150), फिर भी यह हर बेल ज़्यादा, छोटे फल बाँधने की वजह से लगभग 34 टन/हेक्टेयर की उल्लेखनीय ऊँची उपज देती है। यह CO 2 को एक उपयोगी चुनाव बनाता है जहाँ एक उगाने वाला तेज़ बदलाव व छोटे घरों या तेज़ सब्ज़ी-बाज़ार बिक्री को ज़्यादा प्रबंधन-योग्य फल-आकार चाहता, CO 1 को जाना जाने वाला बड़ा फल नहीं।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बीज दरकिस्मों (खुली-परागित) को 2.5 किग्रा/हेक्टेयर; हर टीले 2 बीज डिबल
- दूरीगड्ढे 2 × 1.5 मी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
~120–130 दिन
अपेक्षित उपज
~34 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- CO 1 से कम फ़सल-अवधि, ज़मीन जल्दी ख़ाली करती।
- हर बेल कई छोटे फल बाँधने की वजह से उल्लेखनीय ऊँची उपज (~34 टन/हेक्टेयर)।
- छोटा, ज़्यादा प्रबंधन-योग्य फल-आकार छोटे घरों व तेज़ सब्ज़ी-बाज़ार बदलाव को सूट करता।
ध्यान रखने योग्य बातें
- छोटे अकेले फल CO 1 या काशी धवल से बड़े-आकार पेठा व्यापार को कम उपयुक्त हैं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
