मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
पेठा (कुम्हड़ा)सभी सीज़नखुली-परागितअंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

CO 2

कोयंबटूर के स्थानीय प्रकार से 1982 में छाँटी TNAU की किस्म। छोटा लंबोतरा फल (TNAU के खेती-पन्ने पर 2–4 किग्रा, उसकी पुस्तिका में 2–3 किग्रा), 120–130 दिन और लंबी बेल। यह TNAU के ash gourd संकर CO 1 की एक जनक भी है।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिलगभग 120–130 दिन
अपेक्षित उपज34 टन/हेक्टेयर (TNAU)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
लगभग 120–130 दिन
बीज दर
2.5 किग्रा/हेक्टेयर (सामान्य किस्मों के लिए); हर गड्ढे में 2 बीज हाथ से बोएँ
अपेक्षित उपज
34 टन/हेक्टेयर (TNAU)
उपयुक्त मिट्टी
गहरी दोमट मिट्टी, pH 6.5 से 7.5 (TNAU)।
रोग-प्रतिरोध
कोई खास रोग-प्रतिरोध दर्ज नहीं
जारी
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने 1982 में जारी की

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

CO 2 ash gourd की किस्म है जिसे तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने 1982 में जारी किया, कोयंबटूर के एक स्थानीय प्रकार से छाँटकर। फल छोटा और लंबोतरा है, TNAU के खेती-पन्ने पर 2 से 4 किग्रा और उसकी किस्म-पुस्तिका में 2 से 3 किग्रा। फसल 120 से 130 दिन रहती है और TNAU 34 टन/हेक्टेयर उपज बताता है, जो CO 1 (20 से 25 टन/हेक्टेयर) से ज़्यादा है। बेल लंबी है: ओडिशा के परीक्षण में 13.48 मी, जबकि परीक्षण का औसत 8.83 मी था। CO 2, TNAU के ash gourd संकर CO 1 (PAG 3 x CO 2) की एक जनक है। बुवाई का पैकेज CO 1 वाला ही है: जुलाई या जनवरी, 30 x 30 x 30 सेमी के गड्ढे 2 x 1.5 मी पर, और 2.5 किग्रा/हेक्टेयर बीज।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आपके ख़रीदार छोटा फल चाहते हैं और आपको CO 1 से जल्दी फसल चाहिए तो CO 2 चुनिए। TNAU ने इसे 1982 में कोयंबटूर के स्थानीय प्रकार से जारी किया, 120 से 130 दिन और 34 टन/हेक्टेयर के साथ, और खेती-पन्ने पर फल 2 से 4 किग्रा (पुस्तिका में 2 से 3 किग्रा)। बड़े पेठा-नुमा फल या सबसे लंबे भंडारण के लिए इसे मत चुनिए। उसके लिए CO 1 या काशी धवल लीजिए। याद रखिए कि 34 टन/हेक्टेयर TNAU की संभावित उपज है, और TNAU के पन्ने पर आम किस्मों के लिए 30 से 35 टन/हेक्टेयर भी लिखा है।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयजुलाई और जनवरी (TNAU)।
  • बीज दर2.5 किग्रा/हेक्टेयर (सामान्य किस्मों के लिए); हर गड्ढे में 2 बीज हाथ से बोएँ
  • दूरीगड्ढे 2 × 1.5 मी
  • बुवाई विधि30 x 30 x 30 सेमी के गड्ढे, थालों में बदले हुए; हर गड्ढे में 5 से 6 बीज, उगने के बाद 2 तक घटाइए (TNAU)।
  • सिंचाईबीज बोने से पहले थाले में सिंचाई कीजिए, फिर हफ़्ते में एक बार (TNAU)।
  • उर्वरकहर गड्ढे में: 10 किग्रा गोबर की खाद और 100 ग्राम 6:12:12 NPK बेसल में, और बुवाई के 30 दिन बाद 10 ग्राम N (TNAU)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • CO 1 से कम समय की फसल है, इसलिए खेत जल्दी खाली हो जाता है।
  • उपज काफ़ी ज़्यादा है (लगभग 34 टन/हेक्टेयर), क्योंकि हर बेल पर कई छोटे फल लगते हैं।
  • फल छोटा और संभालने में आसान है, छोटे परिवारों के लिए ठीक है और सब्ज़ी मंडी में जल्दी बिकता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • छोटा फल (2 से 4 किग्रा) पेठा बनाने वालों या लंबे भंडारण के लिए नहीं है; उनके लिए CO 1 या काशी धवल ज़्यादा ठीक हैं
  • बेल लंबी है (ओडिशा के परीक्षण में 13.48 मी), इसलिए छोटे फल के बावजूद जगह चाहिए
  • इसके लिए कोई रोग-प्रतिरोध नहीं बताया गया

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • तमिलनाडु

छोटा फल, लंबी बेल: बोने से पहले जगह का हिसाब लगाइए

2 से 4 किग्रा का फल छोटी, सलीक़ेदार फसल जैसा लगता है। बेल वैसी नहीं है। ओडिशा के परीक्षण में CO-2 की बेल 13.48 मी तक गई, जबकि परीक्षण का औसत 8.83 मी था। TNAU के गड्ढे 2 x 1.5 मी पर होते हैं, यानी हर गड्ढे के हिस्से 3 वर्ग मीटर ज़मीन आती है, इसलिए बेलें अपने गड्ढे से बहुत आगे बढ़कर अगले में चली जाएँगी।

इसके दो उपयोग हैं। बेल फैलने से पहले चलने के रास्ते साफ़ रखिए, ताकि तोड़ने और देखने में डंठल न कुचलें। और फल मक्खी के जाल और हफ़्ते की निगरानी का रास्ता तय रखिए, क्योंकि TNAU की सलाह है कि प्रभावित फल जल्दी नष्ट करें और प्रति हेक्टेयर लगभग 50 मछली-चूरा जाल लगाएँ।

फलों की संख्या का अंदाज़ा नहीं, गिनती कीजिए। TNAU 34 टन/हेक्टेयर और 2 से 4 किग्रा का फल देता है, जो लगभग 8,500 से 17,000 फल प्रति हेक्टेयर बैठता है। यह हमारा हिसाब है और इसका दायरा चौड़ा है। पहली फसल में एक गड्ढे के फल गिन लीजिए, तब आपको अपनी स्थिति पता चल जाएगी।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

पेठा (कुम्हड़ा) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
CO 1तमिलनाडु के उन किसानों के लिए जो बड़ा, देर तक टिकने वाला फल चाहते हैं और खेत को 5 महीने दे सकते हैंपूरी तरह पकने में लगभग 140–150 दिन20–25 टन/हेक्टेयर (TNAU)तमिलनाडु
CO 2यही पेजतमिलनाडु के उन किसानों के लिए जो घरों को छोटा फल बेचते हैं और TNAU की ज़्यादा उपज वाली किस्म चाहते हैंलगभग 120–130 दिन34 टन/हेक्टेयर (TNAU)तमिलनाडु
Induकेरल के उन किसानों के लिए जो अच्छी गूदे की मोटाई और मध्यम आकार के फल वाली KAU की किस्म चाहते हैंप्रकाशित नहीं (KAU के किस्म-पन्ने पर दिन नहीं हैं)संभावित 24.5 टन/हेक्टेयर; फल का औसत वज़न 4.82 किग्रा (KAU)केरल
Kashi Dhawalउत्तर भारत के उन किसानों के लिए जो पेठा बनाने वालों को बेचते हैं और बेल को क़तारों के बीच 5 मी जगह दे सकते हैंपहली तुड़ाई तक 110 दिन; बीज से बीज 110–115 दिन (IIVR)औसत 575 क्विंटल/हेक्टेयर (57.5 टन/हेक्टेयर); संभावित 800 क्विंटल/हेक्टेयर (IIVR)उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली
Mahyco MAHY-1 (F1 hybrid)उन किसानों के लिए जो बड़े पैमाने पर जाने से पहले एक निजी F1 संकर को सरकारी किस्म के सामने परखना चाहते हैं110–120 दिनकोई स्वतंत्र आँकड़ा नहीं मिलाWide adaptability
Namdhari NS 4912 (F1 hybrid)उन किसानों के लिए जो ताज़े बाज़ार के लिए कम अवधि वाले निजी संकर को परखना चाहते हैं80–85 दिनकोई स्वतंत्र आँकड़ा नहीं मिलाWide adaptability
Pusa Ujjwalउन किसानों के लिए जिनके पास हर पौधे के लिए बहुत जगह है और जो हर बेल पर कई मध्यम-भारी फल चाहते हैंप्रकाशित नहीं (जारी करने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला)ओडिशा के एक परीक्षण में 31.14 किग्रा प्रति पौधा (प्रति हेक्टेयर आँकड़ा नहीं मिला)उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और पेठा (कुम्हड़ा) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

पेठा (कुम्हड़ा) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या CO 2 TNAU के किसी संकर की जनक है?

हाँ। TNAU का ash gourd संकर CO 1, PAG 3 और CO 2 का क्रॉस है। TNAU इसे 120 से 130 दिन, 4 से 5 किग्रा के लंबोतरे फल और औसत उपज 91.82 टन/हेक्टेयर के साथ बताता है। यह परीक्षण-स्तर का आँकड़ा है, और उसी पन्ने पर संकरों के लिए 80 से 90 टन/हेक्टेयर भी है। संकर का बीज हर मौसम नया ख़रीदना पड़ता है, इसलिए अपना बीज रखना हो तो CO 2 लीजिए।

CO 2 की बेल कितनी लंबी होती है?

ओडिशा के गजपति में 15 किस्मों के एक परीक्षण (जर्नल ऑफ़ फ़ार्माकोग्नोसी एंड फ़ाइटोकेमिस्ट्री 10(1), 2021) में CO-2 की बेल 13.48 मी थी, जो पूसा उज्ज्वल (14.74 मी) और महिमा (13.79 मी) के बाद तीसरी सबसे लंबी थी। परीक्षण का औसत 8.83 मी था। यानी छोटा फल होने का मतलब छोटी बेल नहीं है। मेड़ या मचान पर जगह छोड़िए।

CO 2 कब बोऊँ और कितनी दूरी पर?

TNAU जुलाई और जनवरी बताता है। 30 x 30 x 30 सेमी के गड्ढे 2 x 1.5 मी पर, हर गड्ढे में 5 से 6 बीज जिन्हें 2 तक घटाइए, और किस्मों के लिए 2.5 किग्रा/हेक्टेयर बीज। बीज बोने से पहले थाले में सिंचाई कीजिए और फिर हफ़्ते में एक बार।

क्या CO 2 फफूँद रोग सहती है?

TNAU की ओर से CO 2 के लिए हमें कोई प्रतिरोध का दावा नहीं मिला। चूर्णिल फफूँद के लिए TNAU डिनोकैप 1 मिली प्रति लीटर या कार्बेन्डाज़िम 0.5 ग्राम प्रति लीटर बताता है। मृदुरोमिल फफूँद के लिए मैन्कोज़ेब या क्लोरोथैलोनिल 2 ग्राम प्रति लीटर, 10 दिन के अंतर पर दो बार। नम दौर में हफ़्ते में पत्ते देखिए।

स्रोत: Ash gourd (Benincasa hispida) — TNAU Agritech Portal, Horticulture, Varietal evaluation of ash gourd in Gajapathi district — J. Pharmacognosy and Phytochemistry 10(1), 2021. संपादकीय नीति.