मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
पेठा (कुम्हड़ा)सभी सीज़नखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Kashi Dhawal

ICAR-IIVR (वाराणसी) की एक किस्म, लंबी बेल (7.5–8 मी), लंबा फल, मोटा सफ़ेद गूदा (8.5–8.7 सेमी) व एक खुली-परागित किस्म को बहुत ऊँची उपज-क्षमता, लगभग 11–12 किग्रा प्रति फल के साथ।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधि~120 दिन
अपेक्षित उपज23–24 टन/हेक्टेयर (230–240 क्विंटल/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
~120 दिन
बीज दर
खुली-परागित किस्मों को 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर
अपेक्षित उपज
23–24 टन/हेक्टेयर (230–240 क्विंटल/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

काशी धवल ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा जारी एक पेठा किस्म है, अपनी असामान्य रूप से ज़ोरदार, लंबी बेल (7.5–8 मी) व औसतन 11–12 किग्रा हर एक बहुत बड़े, भारी फल को उल्लेखनीय। इसका लंबा फल मोटा सफ़ेद गूदा (8.5–8.7 सेमी मोटा) रखता, और यह खुली-परागित किस्मों में एक मज़बूत प्रदर्शनकर्ता है, 230–240 क्विंटल प्रति हेक्टेयर देती — एक उपज-स्तर जो कुछ हाइब्रिडों की बराबरी करता है। आकार व गूदा-मोटाई का यह संयोजन इसे बड़े-आकार प्रसंस्करण इस्तेमाल (पेठा व अन्य कैंडी-निर्माण) के साथ-साथ लंबे भंडारण को लक्षित व्यावसायिक उगाने वालों को अच्छी सूट करता, जहाँ एक पूरे पके फल पर मोम परत ख़ासतौर पर क़ीमती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि~120 दिन
    उपज क्षमता23–24 टन/हेक्टेयर (230–240 क्विंटल/हेक्टेयर)
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • बीज दरखुली-परागित किस्मों को 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर
  • दूरीइसकी ज़ोरदार, लंबी (7.5–8 मी) बेल को चौड़ी दूरी चाहिए — आमतौर पर टीलों के बीच 2–3 मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

~120 दिन

अपेक्षित उपज

23–24 टन/हेक्टेयर (230–240 क्विंटल/हेक्टेयर)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध व्यापक रूप से प्रलेखित नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक खुली-परागित किस्म को बहुत ऊँची उपज, कुछ हाइब्रिडों के प्रतिस्पर्धी।
  • मोटे गूदे वाला बड़ा, भारी फल प्रसंस्करण व लंबे भंडारण इस्तेमाल दोनों को सूट करता।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • बेल की ज़ोरदार, लंबी बढ़वार को भरपूर दूरी व एक मज़बूत मचान या पर्याप्त ज़मीन-जगह चाहिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • पश्चिम बंगाल