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बाजराखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

HHB 67 Improved

पुरानी एचएचबी 67 का डाउनी मिल्ड्यू-प्रतिरोधी सुधरा रूप — वही रोग जो गीले साल में मूल किस्म को बर्बाद कर देता था।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि65–70 दिन
अपेक्षित उपज20–25 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
बाजरा
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
65–70 दिन
अपेक्षित उपज
20–25 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
मूल एचएचबी 67, 1990 में सीसीएस एचएयू, हिसार द्वारा जारी; डाउनी-मिल्ड्यू-प्रतिरोधी एचएचबी 67 इम्प्रूव्ड 2005 में हरियाणा के लिए स्वीकृत, उसी साल अखिल भारतीय जारी

इस किस्म के बारे में

एचएचबी 67 इम्प्रूव्ड, भारत की व्यापक रूप से उगाई जाने वाली अगेती बाजरा हाइब्रिड एचएचबी 67 (843ए × एच77/833-2) का मार्कर-सहायता प्राप्त बैककास-सुधरा रूप है, जिसे सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने विकसित किया और जिसमें प्रतिरोधी जीन इक्रीसैट द्वारा स्थानांतरित किए गए। मूल एचएचबी 67, जो 1990 में जारी हुई थी, 65 दिन से कम की अति-अगेती अवधि देती थी पर डाउनी मिल्ड्यू (स्क्लेरोस्पोरा ग्रैमिनिकोला) के प्रति संवेदनशील रही, जो महामारी वाले साल में उपज को 30% तक घटा सकती है। एचएचबी 67 इम्प्रूव्ड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मार्कर-सहायता प्राप्त चयन (मार्कर-असिस्टेड सिलेक्शन) से बना पहला सार्वजनिक-प्रजनित फ़सल उत्पाद माना जाता है: रिस्टोरर पैरेंट एच77/833-2 को डोनर लाइन आईसीएमपी 451 से मार्कर-सहायता प्राप्त बैककासिंग द्वारा डाउनी-मिल्ड्यू-प्रतिरोधी जीन मिला, जबकि सीड पैरेंट 843ए/बी को डोनर लाइन आईसीएमएल 22 से पारंपरिक बैककासिंग द्वारा इक्रीसैट में प्रतिरोध मिला। डीएनए मार्करों के उपयोग से रिस्टोरर लाइन के लिए बैककासिंग का समय लगभग नौ साल (1991–1999, पारंपरिक) से घटकर तीन साल से कुछ अधिक (1997–2000) रह गया, और अन्यथा यह हाइब्रिड मूल एचएचबी 67 की वंशावली व अति-अगेती अवधि बरक़रार रखती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि65–70 दिन
    उपज क्षमता20–25 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधडाउनी मिल्ड्यू प्रतिरोधी
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

65–70 दिन

अपेक्षित उपज

20–25 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • मूल एचएचबी 67 की तुलना में डाउनी मिल्ड्यू सुरक्षा के अलावा दाना व चारे की उपज में 5–10% तक दर्ज बढ़ोतरी
  • मूल एचएचबी 67 को लोकप्रिय बनाने वाली अति-अगेती अवधि (65 दिन से कम) बरक़रार रखी गई, इसलिए सुधरे रूप पर जाने से अवधि में कोई नुक़सान नहीं
  • हरियाणा, राजस्थान व गुजरात में किसानों के रोग-प्रवण मूल किस्म से स्विच करने के साथ अपनाव 2006 में क़रीब 47,000 हेक्टेयर से बढ़कर 2011 तक लगभग 875,000 हेक्टेयर तक पहुँचा

ध्यान रखने योग्य बातें

  • प्रतिरोध प्रजनन के समय ज्ञात डाउनी मिल्ड्यू पैथोटाइप्स के विरुद्ध विकसित किया गया — किसी भी एकल-स्रोत प्रतिरोध की तरह, गीले साल में सुरक्षात्मक बीज उपचार अब भी उपयोगी है, क्योंकि रोगजनक आबादी समय के साथ बदल सकती है।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • गुजरात

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एचएचबी 67 इम्प्रूव्ड को ऐतिहासिक रूप से ख़ास क्या बनाता है?

इसे व्यापक रूप से भारत की मार्कर-सहायता प्राप्त चयन से जारी पहली सार्वजनिक-प्रजनित फ़सल हाइब्रिड माना जाता है — डीएनए मार्करों ने रिस्टोरर पैरेंट में डाउनी मिल्ड्यू प्रतिरोध बैककास करने में लगने वाला समय लगभग नौ साल से घटाकर तीन साल से कुछ अधिक कर दिया, जो बाद के अन्य फ़सल-सुधार कार्यक्रमों के लिए एक टेम्पलेट बना।

क्या एचएचबी 67 इम्प्रूव्ड, एचएचबी 67 से अलग हाइब्रिड है?

नहीं — इसमें 1990 की मूल किस्म वाली ही 843ए × एच77/833-2 वंशावली और अति-अगेती अवधि बरक़रार है। एकमात्र बदलाव यह है कि दोनों पैरेंट लाइनों को डाउनी मिल्ड्यू प्रतिरोध ले जाने के लिए बैककास किया गया, यही वजह है कि इसे नए हाइब्रिड नाम की बजाय 'इम्प्रूव्ड' रूप में बेचा जाता है।

स्रोत: HHB67-Improved Pearl Millet Hybrid — REF 2021 Impact Case Study, Pearl Millet Hybrid "HHB 67 Improved" Developed using MAS, resists downy mildew — OAR@ICRISAT. संपादकीय नीति.