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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
बाजराखरीफ़हाइब्रिडअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

RHB 177

शुष्क व अर्ध-शुष्क इलाक़ों के लिए एक डाउनी-मिल्ड्यू-प्रतिरोधी हाइब्रिड, जिसकी कँटीली बालियाँ दाने को पक्षियों से बचाने में मदद करती हैं।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि78–80 दिन
अपेक्षित उपज25–28 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
बाजरा
प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
78–80 दिन
अपेक्षित उपज
25–28 क्विंटल/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
आरएआरआई, दुर्गापुरा (एसकेएन कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर) द्वारा 25 मार्च 2011 (एस.ओ. 632(ई)) को अधिसूचित

इस किस्म के बारे में

आरएचबी 177, आईसीएमए 843-22 × आरआईबी 494 के संकरण से बनी एक बाजरा हाइब्रिड है, जिसे राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), दुर्गापुरा (श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर) ने विकसित किया और 25 मार्च 2011 (एस.ओ. 632(ई)) को अधिसूचित किया गया। यह एक अगेती, मध्यम-ऊँची हाइब्रिड है जिसकी बेलनाकार, कँटीली बालियाँ दाने को पक्षियों से बचाती हैं, और इसमें डाउनी मिल्ड्यू के प्रति प्रतिरोध है। यह पश्चिमी राजस्थान व गुजरात-हरियाणा के सूखे भागों के एआईसीआरपी-निर्दिष्ट शुष्क व अर्ध-शुष्क इलाक़ों के लिए सुझाई जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधि78–80 दिन
    उपज क्षमता25–28 क्विंटल/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधडाउनी मिल्ड्यू प्रतिरोधी
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

78–80 दिन

अपेक्षित उपज

25–28 क्विंटल/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य कीट

  • बेलनाकार, कँटीली बालियाँ दाने को पक्षियों से बचाने में एक भौतिक बाधा के रूप में दर्ज हैं — यह लाभ रोग-प्रतिरोध रेटिंग से अलग एक व्यावहारिक खेत-फ़ायदा है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • राजस्थान
  • हरियाणा