Kashi Kranti (VRO-22)
एक ICAR-IIVR (वाराणसी) खुली-परागित YVMV-प्रतिरोधी किस्म, सीधी, गहरी हरी, चमकदार फलियों व दोनों सीज़न में अच्छी उपज के साथ; पूर्वी व मध्य मैदानों को व्यापक रूप से अनुशंसित।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- भिंडी (ओकरा)
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई ~45–50 दिन
- अपेक्षित उपज
- 15–18 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
काशी क्रांति (VRO-22) ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी की एक खुली-परागित भिंडी है, पीत शिरा मोज़ेक विषाणु के प्रति प्रतिरोध के साथ। यह सीधी, गहरी हरी, चमकदार, पाँच-धार फलियाँ देती और गर्मी व बरसात दोनों फ़सलों में अच्छी उपज देती, लगभग 45–50 दिन में जल्दी पहली तुड़ाई में आती। यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ व व्यापक पूर्वी व मध्य मैदानों के लिए मानक अनुशंसित किस्मों में से एक है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~45–50 दिन
अपेक्षित उपज
15–18 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- पीत शिरा मोज़ेक विषाणु के प्रति प्रतिरोधी
- अगेती — लगभग 45–50 दिन में पहली तुड़ाई
- सीधी, चमकदार, गहरी हरी फलियाँ जो अच्छी ग्रेड व बिकती
- पूर्वी व मध्य मैदानों भर, दोनों सीज़न, अनुशंसित व भरोसेमंद
ध्यान रखने योग्य बातें
- YVMV प्रतिरोध एनेशन लीफ़ कर्ल विषाणु को नहीं ढकता
- ऊँचे विषाणु-दबाव इलाक़ों में पौध-अवस्था से सफ़ेद मक्खी नियंत्रण फिर भी चाहिए
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
