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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
भिंडी (ओकरा)सभी सीज़नखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa A-4

एक IARI खुली-परागित किस्म, गहरी हरी, पाँच-धार वाली, 12–15 सेमी फलियों के साथ जो सख़्त होने का विरोध करतीं, और पीत शिरा मोज़ेक विषाणु व प्ररोह व फल छेदक के प्रति खेत-सहनशीलता।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~45 दिन
अपेक्षित उपज13–16 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~45 दिन
अपेक्षित उपज
13–16 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा A-4 ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक खुली-परागित भिंडी है, लंबी, गहरी हरी, पाँच-धार फलियों (12–15 सेमी) के लिए मूल्यवान जो पौधे पर कोमल रहतीं व सख़्त होने का विरोध करतीं। यह पीत शिरा मोज़ेक विषाणु के प्रति खेत-सहनशीलता और, असामान्य रूप से, प्ररोह व फल छेदक के प्रति कुछ खेत-सहनशीलता रखती, जो छिड़काव-भार थोड़ा हल्का करती। यह उत्तरी मैदानों में गर्मी व अगेती बरसात फ़सल को सूट करती और लगभग 45 दिन में जल्दी पहली तुड़ाई में आती।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~45 दिन
    उपज क्षमता13–16 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधYVMV के प्रति सहनशील; प्ररोह व फल छेदक के प्रति कुछ खेत-सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~45 दिन

अपेक्षित उपज

13–16 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • YVMV के प्रति सहनशील; प्ररोह व फल छेदक के प्रति कुछ खेत-सहनशीलता

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • लंबी (12–15 सेमी), कोमल फलियाँ जो पौधे पर सख़्त होने का विरोध करतीं
  • YVMV व प्ररोह व फल छेदक दोनों के प्रति खेत-सहनशीलता — एक हल्का छिड़काव-भार
  • अगेती, लगभग 45 दिन में पहली तुड़ाई के साथ

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सहनशीलता खेत-स्तर की है, पूर्ण प्रतिरोध नहीं — भारी दबाव में एक छिड़काव कार्यक्रम फिर भी चाहिए
  • उत्तरी-मैदान गर्मी व अगेती बरसात फ़सल में सबसे अच्छी

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • राजस्थान
  • दिल्ली