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भिंडी (ओकरा)सभी सीज़नखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Sawani

क्लासिक IARI खुली-परागित भिंडी, आज भी अपनी गहरी हरी, पाँच-धार वाली, 10–12 सेमी फलियों व गर्मी व बरसात दोनों में व्यापक अनुकूलन के लिए उगाई जाती। इसने अपनी मूल पीत शिरा मोज़ेक विषाणु प्रतिरोधकता ज़्यादातर खो दी है, इसलिए अब इसे मज़बूत सफ़ेद मक्खी नियंत्रण चाहिए।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~50 दिन
अपेक्षित उपज10–15 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~50 दिन
अपेक्षित उपज
10–15 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा सावनी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली की एक पुरानी, कभी-प्रभावी भिंडी किस्म है। इसने बिकाऊ अवस्था पर लगभग 10–12 सेमी लंबी चिकनी, गहरी हरी, पाँच-धार वाली फली का मानक तय किया, और यह देश के अधिकांश हिस्से में बसंत–गर्मी व बरसात सीज़नों भर उगती, लगभग पचास दिन में पहली तुड़ाई तक पहुँचती। इसे पीत शिरा मोज़ेक विषाणु के प्रति प्रतिरोधी जारी किया गया था, पर दशकों में वह प्रतिरोधकता अधिकांश भिंडी-उगाने इलाक़ों में टूट गई, इसलिए पूसा सावनी की फ़सल अब विषाणु बाहर रखने को शुरुआती व लगातार सफ़ेद मक्खी नियंत्रण पर बहुत निर्भर करती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~50 दिन
    उपज क्षमता10–15 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधमूल रूप से YVMV-प्रतिरोधी; अधिकांश इलाक़ों में प्रतिरोधकता टूट गई
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~50 दिन

अपेक्षित उपज

10–15 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मूल रूप से YVMV-प्रतिरोधी; अधिकांश इलाक़ों में प्रतिरोधकता टूट गई

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • गर्मी व बरसात सीज़नों व देश के अधिकांश हिस्से भर व्यापक अनुकूलन
  • चिकनी, गहरी हरी, पाँच-धार फलियाँ जिन्हें बाज़ार अच्छी तरह जानता
  • खुली-परागित, इसलिए बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इसकी मूल पीत शिरा मोज़ेक विषाणु प्रतिरोधकता अधिकांश इलाक़ों में टूट गई — जहाँ सफ़ेद मक्खी व विषाणु-दबाव ऊँचा हो वहाँ एक उचित छिड़काव कार्यक्रम के बिना यह सुरक्षित विकल्प नहीं
  • नई YVMV-प्रतिरोधी किस्में (अर्का अनामिका, काशी क्रांति, परभनी क्रांति) अब एक सुरक्षित डिफ़ॉल्ट हैं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • पश्चिम बंगाल