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करेलाज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Coimbatore Long (CO-1)

एक TNAU (कोयंबटूर) चयन, अतिरिक्त-लंबे, मध्यम-हरे फल 30–40 सेमी तक और हल्की कड़वाहट के साथ, तमिलनाडु व दक्षिण में पसंद जहाँ लंबा फल अच्छा बिकता है — मचान पर उगाना बेहतर ताकि फल सीधा लटके।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~60–70 दिन
अपेक्षित उपज12–16 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~60–70 दिन
अपेक्षित उपज
12–16 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU), कोयंबटूर द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

कोयंबटूर लॉन्ग (CO-1) तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर से एक करेला चयन है, एक अतिरिक्त-लंबे फल — 30–40 सेमी — को विकसित, एक मध्यम-हरे छिलके और अपेक्षाकृत हल्की कड़वाहट के साथ। यह तमिलनाडु, केरल व कर्नाटक के हिस्सों में पसंद है, जहाँ बाज़ार एक लंबे फल के लिए श्रेष्ठ दाम देता है। इसे मचान पर उगाना ज़रूरी ताकि लंबा फल सीधा व साफ़ लटके; समतल पर यह मुड़ जाता और नमी में पड़ा रहता है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~60–70 दिन
    उपज क्षमता12–16 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

बुवाई व खेती

  • दूरीमचान पर उगाएँ — लंबे फल को सीधा व साफ़ रहने के लिए स्वतंत्र लटकना ज़रूरी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~60–70 दिन

अपेक्षित उपज

12–16 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • अतिरिक्त-लंबा फल (30–40 सेमी) जो दक्षिणी बाज़ार में श्रेष्ठ दाम पर बिकता
  • अपेक्षाकृत हल्की कड़वाहट
  • खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सिर्फ़ वहाँ सार्थक जहाँ बाज़ार लंबाई के लिए दाम दे; मचान पर उगाना ज़रूरी
  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी व मिल्ड्यू सँभालें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • तमिलनाडु
  • केरल
  • कर्नाटक