Coimbatore Long (CO-1)
एक TNAU (कोयंबटूर) चयन, अतिरिक्त-लंबे, मध्यम-हरे फल 30–40 सेमी तक और हल्की कड़वाहट के साथ, तमिलनाडु व दक्षिण में पसंद जहाँ लंबा फल अच्छा बिकता है — मचान पर उगाना बेहतर ताकि फल सीधा लटके।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- करेला
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई ~60–70 दिन
- अपेक्षित उपज
- 12–16 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU), कोयंबटूर द्वारा जारी
इस किस्म के बारे में
कोयंबटूर लॉन्ग (CO-1) तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर से एक करेला चयन है, एक अतिरिक्त-लंबे फल — 30–40 सेमी — को विकसित, एक मध्यम-हरे छिलके और अपेक्षाकृत हल्की कड़वाहट के साथ। यह तमिलनाडु, केरल व कर्नाटक के हिस्सों में पसंद है, जहाँ बाज़ार एक लंबे फल के लिए श्रेष्ठ दाम देता है। इसे मचान पर उगाना ज़रूरी ताकि लंबा फल सीधा व साफ़ लटके; समतल पर यह मुड़ जाता और नमी में पड़ा रहता है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरीमचान पर उगाएँ — लंबे फल को सीधा व साफ़ रहने के लिए स्वतंत्र लटकना ज़रूरी
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~60–70 दिन
अपेक्षित उपज
12–16 टन/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष प्रतिरोध दावा नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- अतिरिक्त-लंबा फल (30–40 सेमी) जो दक्षिणी बाज़ार में श्रेष्ठ दाम पर बिकता
- अपेक्षाकृत हल्की कड़वाहट
- खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता
ध्यान रखने योग्य बातें
- सिर्फ़ वहाँ सार्थक जहाँ बाज़ार लंबाई के लिए दाम दे; मचान पर उगाना ज़रूरी
- कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी व मिल्ड्यू सँभालें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
- केरल
- कर्नाटक
