Pusa Hybrid-1
IARI की F1 हाइब्रिड, जिसके फल मध्यम लंबे, मध्यम मोटे, चमकदार हरे हैं और अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए ठीक हैं। राष्ट्रीय सूची में इसे पूसा विशेष और पूसा दो मौसमी से ज़्यादा उपज वाली बताया है, बसंत-गर्मी में लगभग 20 टन/हेक्टेयर।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- करेला
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली तुड़ाई लगभग 55–60 दिन में
- बीज दर
- लगभग 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम), जो खुले परागण की किस्म से बहुत कम है
- अपेक्षित उपज
- लगभग 20 टन/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- रोग-प्रतिरोध
- किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं
- जारी
- ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने जारी की
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
पूसा हाइब्रिड-1 नई दिल्ली के ICAR-IARI की F1 हाइब्रिड करेला है। राष्ट्रीय सूची में मध्यम लंबे, मध्यम मोटे, चमकदार हरे फल बताए हैं जो अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए ठीक हैं। पहली तुड़ाई 55–60 दिन में बताई है। और इसे पूसा विशेष और पूसा दो मौसमी से ज़्यादा उपज वाली कहा है। सूची में उपज लगभग 20 टन/हेक्टेयर है। यह बसंत-गर्मी के मौसम के लिए ठीक है और दिल्ली-NCR के लिए सुझाई गई है। इसे मचान पर और फल मक्खी की पूरी रोकथाम के साथ उगाना सबसे अच्छा है। हर मौसम नया हाइब्रिड बीज ख़रीदना पड़ता है।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
दिल्ली-NCR के आस-पास खेती करते हैं, बसंत-गर्मी में मचान पर उगाते हैं और सूची की लगभग 20 टन/हेक्टेयर उपज के लिए हाइब्रिड बीज का पैसा दे सकते हैं, तो पूसा हाइब्रिड-1 चुनिए। इसकी पहली तुड़ाई 55–60 दिन में आती है। यह उन ख़रीदारों के लिए ठीक है जो करेले का अचार बनाते हैं या उसे सुखाते हैं। जिन कई दूसरे राज्यों के लिए पूसा हाइब्रिड-2 सुझाई गई है उनमें खेती करते हैं तो वह लीजिए। खुले परागण का बीज और बरसात की बुवाई भी चाहिए तो पूसा दो मौसमी लीजिए।
बुवाई और खेती
- बीज दरलगभग 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम), जो खुले परागण की किस्म से बहुत कम है
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- सूची में पूसा विशेष और पूसा दो मौसमी से ज़्यादा उपज वाली, लगभग 20 टन/हेक्टेयर।
- मध्यम लंबे, मध्यम मोटे, चमकदार हरे फल।
- अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए, और बसंत-गर्मी के मौसम के लिए ठीक।
ध्यान रखने योग्य बातें
- हाइब्रिड बीज हर मौसम में नया खरीदना पड़ता है। खुद रखा बीज वैसी ही फसल नहीं देता।
- पूरी उपज के लिए पहले फूल से ही मचान और फल मक्खी की ठीक रोकथाम चाहिए।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- दिल्ली
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
बीज की तुलना प्रति एकड़ वज़न से कीजिए
पूसा हाइब्रिड-1 को लगभग 2–2.5 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर चाहिए, यानी लगभग 0.8 से 1 किग्रा प्रति एकड़। पूसा दो मौसमी को 4–6 किग्रा प्रति हेक्टेयर चाहिए, यानी लगभग 1.6 से 2.4 किग्रा प्रति एकड़।
यानी हाइब्रिड का पैकेट आधे वज़न का है, पर हर ग्राम महँगा पड़ता है। डीलर से दोनों का प्रति किलो भाव पूछिए, अपने रकबे के बीज की मात्रा से गुणा कीजिए और दोनों का कुल जोड़ मिलाइए।
उसमें उपज का फ़ायदा जोड़िए: हाइब्रिड की लगभग 20 टन/हेक्टेयर के सामने पूसा दो मौसमी का कोई प्रकाशित आँकड़ा नहीं है। फ़ायदे को संख्या में न रख सकें तो पूरा खेत बदलने से पहले दोनों की एक-एक परीक्षण पट्टी बोइए।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
यह हाइब्रिड है, इसलिए अपनी फ़सल से रखा बीज अगली बार वैसा नहीं उगता। पौधों की ऊँचाई, पकने का समय और उपज — सब ऊपर-नीचे हो जाती है। हर सीज़न नया प्रमाणित बीज ख़रीदिए और बोरे का टैग कटाई तक सँभालकर रखिए।
दूसरी किस्मों से तुलना
करेला की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | पकने की अवधि | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Arka Harit | ICAR-IIHR की मोटे गूदे और कम बीजों वाली दक्षिण की करेला, चमकदार तकले जैसे फल वाली | पहली तुड़ाई लगभग 60–65 दिन में | लगभग 12 टन/हेक्टेयर | कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल |
| Coimbatore Long (CO-1) | तमिलनाडु के उन बाज़ारों के लिए TNAU की 30–35 सेमी लंबी हरी करेला जो लंबाई का भाव देते हैं | पहली तुड़ाई लगभग 60–70 दिन में | लगभग 14 टन/हेक्टेयर | तमिलनाडु |
| Pusa Do Mausami | गर्मी और बरसात दोनों के लिए खुले परागण की करेला, लगभग 55 दिन में पहली तुड़ाई | बुवाई से लगभग 55 दिन में पहली तुड़ाई | अलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं | दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार |
| Pusa Hybrid-1यही पेज | दिल्ली-NCR के आस-पास बसंत-गर्मी की फसल के लिए F1 करेला, लगभग 20 टन/हेक्टेयर, अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए ठीक | पहली तुड़ाई लगभग 55–60 दिन में | लगभग 20 टन/हेक्टेयर | दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
| Pusa Hybrid-2 | राज्यों के सबसे बड़े समूह के लिए सुझाई गई F1 करेला, 19–20 टन/हेक्टेयर, अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए ठीक | पहली तुड़ाई लगभग 55–60 दिन में | 19–20 टन/हेक्टेयर | पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली |
| Pusa Vishesh | ज़्यादा घनत्व और छोटे टुकड़ों के लिए छोटी बेल वाली खुले परागण की करेला, अचार और सुखाने (डिहाइड्रेशन) के लिए ठीक | अलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं | अलग से आँकड़ा प्रकाशित नहीं | दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और करेला का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके करेला के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर करेला किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरकरेला की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में करेला की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में करेला का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
करेला के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूसा हाइब्रिड-1 की उपज कितनी है?
राष्ट्रीय सूची में लगभग 20 टन/हेक्टेयर दिया है और कहा है कि यह पूसा विशेष और पूसा दो मौसमी से ज़्यादा देती है। वहाँ पहुँचने के लिए मचान, लगातार पानी और पहले फूल से फल मक्खी की रोकथाम का कार्यक्रम चाहिए।
पूसा हाइब्रिड-1 किस मौसम के लिए है?
सूची में इसे बसंत-गर्मी के मौसम में उगाने के लिए ठीक बताया है। बरसात के मौसम के लिए इसकी सिफ़ारिश नहीं है, इसलिए तब वही उपज मत मान लीजिए।
करेला के अचार और डिहाइड्रेशन के इस्तेमाल का क्या मतलब है?
करेला का अचार पूरा या कटा हुआ बनाया जाता है, और उसे सुखाकर चिप्स या पाउडर भी बनाया जाता है। प्रसंस्करण करने वाले को एक तय आकार का फल और लगातार माल चाहिए, इसलिए बड़ा खेत लगाने से पहले वह ख़रीदार तय कर लीजिए।
क्या पूसा हाइब्रिड-1 का बीज खुद रखा जा सकता है?
नहीं। यह F1 हाइब्रिड है, इसलिए आपकी फसल का बीज वैसा नहीं निकलेगा और उपज गिर जाएगी। हर मौसम नया बीज ख़रीदिए। बीज की मात्रा लगभग 2–2.5 किग्रा प्रति हेक्टेयर है।
पूसा हाइब्रिड-1 कितनी जल्दी तोड़ सकते हैं?
सूची में पहली तुड़ाई 55–60 दिन में बताई है। पूसा दो मौसमी लगभग 55 दिन में तैयार होती है, इसलिए हाइब्रिड समय नहीं बचाती। इसका फ़ायदा उपज में है।
स्रोत: Checklist of Commercial Varieties of Vegetables (capsicum, carrot, cucumber, bottle gourd, bitter gourd) — TNAU Agritech national bulletin. संपादकीय नीति.
