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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
करेलाज़ायद / गर्मीहाइब्रिडअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Hybrid-1

ऊँची, ज़्यादा एक-समान उपज को विकसित एक IARI F1 हाइब्रिड, मध्यम-लंबे, एक-समान, गहरे हरे फल व ज़ोरदार बेलों के साथ — उत्तर में सबसे व्यापक रूप से उगाए करेला हाइब्रिडों में से एक।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
अपेक्षित उपज18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
हाइब्रिड
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~55–60 दिन
बीज दर
लगभग 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम) — एक खुली-परागित किस्म से कहीं कम
अपेक्षित उपज
18–22 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा हाइब्रिड-1 ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक F1 हाइब्रिड करेला किस्म है, खुली-परागित किस्मों से ऊँची व ज़्यादा एक-समान उपज को विकसित। बेलें ज़ोरदार और फल मध्यम-लंबा, एक-समान व गहरा हरा, व्यावसायिक ताज़ा बाज़ार को अच्छा श्रेणीबद्ध व प्रदर्शित होता। यह उत्तरी मैदानों में सबसे व्यापक रूप से उगाए करेला हाइब्रिडों में से एक है और एक पूर्ण फल-मक्खी नियंत्रण कार्यक्रम के साथ मचान पर उगाना बेहतर है, जहाँ यह पुराने खुली-परागित प्रकारों से आराम से ज़्यादा उपज देता है। हर सीज़न ताज़ा हाइब्रिड बीज ख़रीदना ज़रूरी।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारहाइब्रिड
    अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
    उपज क्षमता18–22 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधज़ोरदार; आम पत्ती-रोगों को सहनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

बुवाई व खेती

  • बीज दरलगभग 2–2.5 किग्रा/हेक्टेयर (1 किग्रा/एकड़ से कम) — एक खुली-परागित किस्म से कहीं कम

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~55–60 दिन

अपेक्षित उपज

18–22 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • ज़ोरदार; आम पत्ती-रोगों को सहनशील

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • खुली-परागित किस्मों से ऊँची, ज़्यादा एक-समान उपज
  • ज़ोरदार बेलें और आम पत्ती-रोगों को अच्छी खेत-सहनशीलता
  • एक-समान, गहरा हरा फल जो अच्छा श्रेणीबद्ध व प्रदर्शित होता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हर सीज़न ताज़ा हाइब्रिड बीज ख़रीदना ज़रूरी — बचाया बीज सही नहीं उतरता
  • अपनी उपज पाने को इसे एक मचान और पहले फूल से एक उचित फल-मक्खी कार्यक्रम चाहिए

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • बिहार