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करेलाज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Pusa Do Mausami

एक पुरानी IARI खुली-परागित किस्म जो गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फलती है — लंबा, गहरा हरा, नुकीला फल लगभग 18 सेमी, मध्यम मस्सों के साथ।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~60–65 दिन
अपेक्षित उपज12–14 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~60–65 दिन
बीज दर
4–6 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.6–2.4 किग्रा/एकड़); बुवाई से पहले बीज 24 घंटे भिगोएँ
अपेक्षित उपज
12–14 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

पूसा दो मौसमी ICAR-IARI, नई दिल्ली की एक पुरानी खुली-परागित करेला किस्म है। नाम का अर्थ "दो मौसम": इसे गर्मी की फ़सल (जनवरी–फ़रवरी) व बरसात की फ़सल (जून–जुलाई) दोनों को बोया जा सकता है। फल लंबा, नुकीला, गहरा हरा, लगभग 18 सेमी, मध्यम मस्सों व एक मध्यम कड़वाहट के साथ। यह उत्तरी मैदानों को एक भरोसेमंद सामान्य करेला है, दो-से-तीन महीने की तुड़ाई-अवधि में स्थिर उपज देता, और चूँकि यह खुली-परागित है, किसान अपना बीज बचा सकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~60–65 दिन
    उपज क्षमता12–14 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधकोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य फल-मक्खी व मिल्ड्यू निगरानी
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

बुवाई व खेती

  • बुवाई का समयगर्मी की फ़सल जनवरी–फ़रवरी (पाले के बाद); बरसात की फ़सल जून–जुलाई
  • बीज दर4–6 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 1.6–2.4 किग्रा/एकड़); बुवाई से पहले बीज 24 घंटे भिगोएँ
  • दूरीकतारें 1.5–2.0 मी दूर, ठिकाने 0.5–1.0 मी; साफ़, सीधे फल व ऊँची उपज को मचान पर चढ़ाएँ

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~60–65 दिन

अपेक्षित उपज

12–14 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • कोई विशेष प्रतिरोध नहीं; सामान्य फल-मक्खी व मिल्ड्यू निगरानी

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फलती
  • उत्तरी मैदानों को एक भरोसेमंद, अच्छी-अनुकूल सामान्य किस्म
  • खुली-परागित — बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • कोई विशेष रोग प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी व मिल्ड्यू फिर भी पहले फूल से सँभालने होते
  • एक अच्छी-चलाई मचान फ़सल पर नए हाइब्रिडों से कम उपज देती

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार