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करेलाज़ायद / गर्मीखुली-परागितअपडेट किया गया 6 सितंबर 2026

Kashi Pragati

एक ICAR-IIVR (वाराणसी) खुली-परागित किस्म (VRBT-77 के रूप में भी बिकती), मध्यम-लंबे हरे फल, अगेती व स्थिर फलन, और पूर्वी व उत्तरी मैदानों भर दोनों सीज़न को व्यापक अनुकूलन के साथ।

सीज़नज़ायद / गर्मी
पकने की अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
अपेक्षित उपज14–18 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
ज़ायद / गर्मी
पकने की अवधि
पहली तुड़ाई ~55–60 दिन
अपेक्षित उपज
14–18 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
ICAR-भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा जारी

इस किस्म के बारे में

काशी प्रगति (VRBT-77 के रूप में भी बिकती) ICAR-IIVR, वाराणसी की एक खुली-परागित करेला किस्म है। यह एक लंबी तुड़ाई-अवधि में अगेती व स्थिर फलती है, अच्छे बाज़ार-आकर्षण के मध्यम-लंबे हरे फल के साथ। यह पूर्वी व उत्तरी मैदानों भर व्यापक रूप से अनुकूल है और गर्मी व बरसात दोनों सीज़न में फलती है। खुली-परागित होने से यह किसानों को बीज बचाने देती है, और यह आम पत्ती-धब्बा व मिल्ड्यू रोगों को उपयोगी खेत-सहनशीलता रखती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधिपहली तुड़ाई ~55–60 दिन
    उपज क्षमता14–18 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधपत्ती-धब्बा व मिल्ड्यू को खेत-सहनशील
    मिट्टीदोमट
    सीज़नज़ायद / गर्मी

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पहली तुड़ाई ~55–60 दिन

अपेक्षित उपज

14–18 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • लंबी तुड़ाई-अवधि में अगेती व स्थिर फलन
  • पूर्वी व उत्तरी मैदानों भर व्यापक अनुकूल, दोनों सीज़न
  • पत्ती-धब्बा व मिल्ड्यू को खेत-सहनशीलता; खुली-परागित इसलिए बीज बचाया जा सकता

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सहनशीलता प्रतिरोध नहीं — खरबूजा फल-मक्खी को फिर भी एक पूर्ण ट्रैप-व-चारा कार्यक्रम चाहिए
  • एक अच्छी प्रबंधित हाइब्रिड मचान फ़सल से कम उपज

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • झारखंड
  • पश्चिम बंगाल