Maran
अच्छी सूखी-अदरक प्राप्ति व गुणवत्ता वाली सुप्रसिद्ध किस्म। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- अदरक
- प्रकार
- रोपण सामग्री
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 240–270 दिन
- अपेक्षित उपज
- मध्यम–उच्च
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
इस किस्म के बारे में
मारन एक परंपरागत, तीखी अदरक किस्म है, जिसमें तेज़ स्वाद, मध्यम आकार के कंद, हल्का भूरा-पीला (बफ़) छिलका और तुलनात्मक रूप से कम-रेशेदार बनावट होती है। इस चरण में मिले हर स्रोत — कर्नाटक की पहाड़ी-क्षेत्र किस्म-परीक्षण व नीलगिरि (तमिलनाडु) का खेत-प्रदर्शन अध्ययन — इसे तमिलनाडु में व्यापक रूप से उगाई जाने वाली और वहीं व पड़ोसी कर्नाटक पहाड़ी इलाक़ों में परखी गई किस्म बताते हैं, असम की फ़सल के रूप में नहीं; कोई ICAR संस्थान या औपचारिक रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला, जो इसे प्रजनित व जारी की गई किस्म के बजाय एक पुरानी देशी किस्म होने से मेल खाता है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
240–270 दिन
अपेक्षित उपज
मध्यम–उच्च
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- मध्यम
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- सुधारा गया 2026-08-15: states को असम से तमिलनाडु व कर्नाटक में अद्यतन किया गया — इस चरण में मिले दोनों स्रोत मारन की खेती को स्पष्ट रूप से तमिलनाडु में रखते हैं (कर्नाटक में पहाड़ी-क्षेत्र परीक्षणों के साथ); 'मारन' असम में एक वास्तविक कस्बे का नाम भी है, जो शायद पहले के मिश्रण की वजह हो, पर किसी स्रोत ने इस किस्म को स्वयं असम की अदरक-खेती से नहीं जोड़ा।
- कर्नाटक के एक पहाड़ी-क्षेत्र परीक्षण में मारन की ताज़ा-कंद उपज उल्लेखनीय रूप से 29.37 टन/हेक्टेयर दर्ज हुई, जो उसी परीक्षण में रियो-डी-जेनेरो (28.04 टन/हेक्टेयर) व कारकल लोकल (25.84 टन/हेक्टेयर) से आगे थी — यह एकल-परीक्षण आँकड़ा मौजूदा "मध्यम–उच्च" रेटिंग से बेहतर संकेत देता है, हालाँकि यह सामान्य खेत-उपज के बजाय अनुकूल परीक्षण परिस्थितियों को दर्शा सकता है।
- नीलगिरि खेत अध्ययन ने मारन को मध्यम प्रतिरोध व कम रोग-प्रकोप वाला बताया, जो मौजूदा "मध्यम" रोग-प्रतिरोध रेटिंग से मेल खाता है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मारन वाकई असम की अदरक किस्म है?
नहीं — यह तमिलनाडु की किस्म है, जिसे तमिलनाडु के नीलगिरि ज़िले व कर्नाटक के पहाड़ी क्षेत्र में परखा गया। इस रिकॉर्ड के states फ़ील्ड को मिलाने के लिए 2026-08-15 को असम से तमिलनाडु व कर्नाटक में सुधारा गया।
क्या मारन को किसी ICAR संस्थान ने प्रजनित व जारी किया?
नहीं — इसके लिए कोई ICAR संस्थान या औपचारिक रिलीज़ रिकॉर्ड नहीं मिला; यह प्रजनित व जारी की गई किस्म के बजाय एक पुरानी देशी किस्म प्रतीत होती है।
मारन से कितनी ताज़ी-कंद उपज मिल सकती है?
कर्नाटक के एक पहाड़ी-क्षेत्र परीक्षण में 29.37 टन/हेक्टेयर दर्ज हुआ, जो उस परीक्षण में तुलना की गई किस्मों में सबसे अधिक था — एक मज़बूत एकल-परीक्षण आँकड़ा, हालाँकि वास्तविक खेत-उपज परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
क्या मारन सूखी अदरक के लिए अच्छी है?
हाँ — इसे अच्छी सूखी-अदरक प्राप्ति व गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, और इसका तुलनात्मक रूप से कम-रेशेदार, तेज़-स्वाद कंद ताज़ा व सुखाई दोनों उपयोग के अनुकूल है।
मारन कितनी रोग-प्रतिरोधी है?
नीलगिरि के एक खेत अध्ययन में इसे खेत परिस्थितियों में मध्यम प्रतिरोध व कम रोग-प्रकोप वाला पाया गया, जो इस रिकॉर्ड पर पहले से मौजूद "मध्यम" रेटिंग से मेल खाता है।
