मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
अदरकखरीफ़रोपण सामग्रीअपडेट किया गया 15 अगस्त 2026

Suprabha

HARS, OUAT, पोट्टांगी (ओडिशा) से जारी — कंद के टुकड़ों से लगाई जाती है, असली बीज से नहीं — छोटे बरसाती मौसम वाले इलाक़ों के लिए जल्दी पकने वाली किस्म।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि210–220 दिन
अपेक्षित उपज200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

फसल
अदरक
प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
210–220 दिन
अपेक्षित उपज
200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
HARS, ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT), पोट्टांगी, ओडिशा — इस शोध चरण में सटीक जारी वर्ष नहीं मिला

इस किस्म के बारे में

सुप्रभा अदरक की एक किस्म है, जो ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) के उच्च तुंगता अनुसंधान केंद्र (HARS), पोट्टांगी से जारी हुई। सोर्स किए गए विवरण इसकी अवधि 229 दिन, ताज़ा-कंद उपज 16.6 टन/हेक्टेयर, 20.5% सूखी वसूली, 4.4% क्रूड रेशा, 8.9% ओलिओरेज़िन व 1.9% वाष्पशील तेल बताते हैं। इसके कंद भरे हुए, तुलनात्मक रूप से कम रेशे वाले, भूरे रंग की त्वचा व अंडाकार सिरों वाले होते हैं; यह जल्दी व देर दोनों बुवाई खिड़कियों में व्यापक अनुकूलनशीलता दिखाती है और ख़ासतौर पर सोंठ (सूखा अदरक) बनाने के लिए पसंद की जाती है। ओडिशा के एक पहाड़ी केंद्र में विकसित होने के बावजूद, अब यह उस मूल क्षेत्र से कहीं आगे — केरल, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान व मध्य प्रदेश में उगाई जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधि210–220 दिन
    उपज क्षमता200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)
    रोग-प्रतिरोधकंद सड़न की मध्यम सहनशीलता
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

210–220 दिन

अपेक्षित उपज

200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कम रेशे वाला, भरा हुआ कंद, सोंठ (सूखा अदरक) प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त
  • जल्दी व देर दोनों बुवाई खिड़कियों में, और ओडिशा के मूल क्षेत्र से आगे कई राज्यों में व्यापक अनुकूलनशीलता
  • भारतीय अदरक किस्मों में तुलनात्मक रूप से ऊँची ओलिओरेज़िन सामग्री (8.9%)

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सोर्स की गई ताज़ा-कंद उपज (16.6 टन/हेक्टेयर ≈ 166 क्विंटल/हेक्टेयर) इस रिकॉर्ड की अपनी 200–250 क्विंटल/हेक्टेयर उपज-सीमा से काफ़ी नीचे है — ज़्यादा आँकड़े को मज़बूत प्रबंधन में हासिल होने वाली सीमा मानें, सुप्रभा का सामान्य परीक्षण परिणाम नहीं

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • केरल
  • कर्नाटक
  • ओडिशा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सुप्रभा अदरक IISR की जारी की गई किस्म है?

नहीं — स्रोत इसे HARS, OUAT, पोट्टांगी, ओडिशा से जोड़ते हैं, ICAR-IISR कालीकट से नहीं।

सुप्रभा अदरक किस काम के लिए सबसे उपयुक्त है?

इसका कम रेशा व तुलनात्मक रूप से ऊँचा ओलिओरेज़िन (8.9%) इसे सोंठ (सूखा अदरक) प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त बनाता है, हालाँकि यह ताज़ा-बाज़ार कंद के रूप में भी व्यापक रूप से उगाई जाती है।

स्रोत: Suprabha — Kisaan Helpline ginger variety profile. संपादकीय नीति.