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मूंगफलीखरीफ़खुली-परागितअपडेट किया गया 12 अगस्त 2026

TG 37A

टीएजी 24 से ज़्यादा तेल और कॉलर रॉट के प्रति सहनशीलता, बस कुछ दिन ज़्यादा अवधि पर।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि110–115 दिन
अपेक्षित उपज22–28 क्विंटल/हेक्टेयर (फली सहित)
उपयुक्त मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
मूंगफली
प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
110–115 दिन
अपेक्षित उपज
22–28 क्विंटल/हेक्टेयर (फली सहित)
उपयुक्त मिट्टी
बलुई / हल्की मिट्टी
जारी
2004 में जारी · बार्क, ट्रॉम्बे में टीजी 25 × टीजी 26 के संकरण से विकसित

इस किस्म के बारे में

टीजी 37ए बार्क, ट्रॉम्बे में टीजी 25 × टीजी 26 के संकरण से विकसित एक स्पैनिश-बंच, अर्ध-बौनी मूंगफली किस्म है, जो 2004 में जारी हुई। यह टीएजी 24 जैसी पौध-आकृति रखती है पर इसमें सघन फली-सेटिंग, चिकनी फलियाँ, ज़्यादा शेलिंग प्रतिशत व ताज़े बीज की सुप्तावस्था के साथ-साथ कॉलर रॉट के प्रति सहनशीलता भी जुड़ी है — इन्हीं सुधारों की वजह से यह अपने मूल राज्य गुजरात से कहीं आगे कई राज्यों में सिफ़ारिश की जाने वाली किस्म बनी।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि110–115 दिन
    उपज क्षमता22–28 क्विंटल/हेक्टेयर (फली सहित)
    रोग-प्रतिरोधकॉलर रॉट के प्रति सहनशील
    मिट्टीबलुई / हल्की मिट्टी
    सीज़नखरीफ़

उपज व अवधि

पकने की अवधि

110–115 दिन

अपेक्षित उपज

22–28 क्विंटल/हेक्टेयर (फली सहित)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • टीएजी 24 से सघन फली-सेटिंग, चिकनी फलियाँ व ज़्यादा शेलिंग प्रतिशत, साथ ही कॉलर रॉट के प्रति सहनशीलता
  • हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम व पूर्वोत्तर राज्यों में दर्ज व्यापक अनुकूलन — सिर्फ़ अपने मूल राज्य गुजरात तक सीमित नहीं
  • ताज़े बीज की सुप्तावस्था — जहाँ नम मौसम में कटाई से पहले खेत में ही फली अंकुरित हो सकती है, वहाँ काम आती है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • गुजरात
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

टीजी 37ए, टीएजी 24 से कैसे अलग है?

दोनों की बार्क ट्रॉम्बे मूल पौध-आकृति एक जैसी है, पर टीजी 37ए में चिकनी फलियाँ, ज़्यादा शेलिंग प्रतिशत, सघन फली-सेटिंग व कॉलर रॉट सहनशीलता जुड़ी है — ये सुधार बाद के टीजी 25 × टीजी 26 संकरण से आए, जो टीएजी 24 के 1992 के मुक़ाबले 2004 में जारी हुई।

टीजी 37ए मुख्यतः कहाँ सिफ़ारिश की जाती है?

इसका दर्ज अनुकूलन गुजरात से कहीं आगे तक है — जिसमें हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम व पूर्वोत्तर शामिल हैं — जो मूंगफली की किसी किस्म के लिए असामान्य रूप से व्यापक है।

स्रोत: Evolution of Trombay Groundnut (TG) Varieties — Agrocrops. संपादकीय नीति.