CSH 16
दक्खन में खरीफ़ दाना-ज्वार का मानक हाइब्रिड — बारिश के मौसम की फसल के लिए, पछेती (रबी) ज्वार के लिए नहीं।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- ज्वार
- प्रकार
- हाइब्रिड
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 100–105 दिन
- अपेक्षित उपज
- 25–30 क्विंटल/हेक्टेयर
- उपयुक्त मिट्टी
- चिकनी / काली मिट्टी
- जारी
- नेशनल रिसर्च सेंटर फ़ॉर सोर्घम (अब आईसीएआर-आईआईएमआर), हैदराबाद द्वारा 1997 में जारी
इस किस्म के बारे में
सीएसएच 16 27ए × सी43 के संकरण से बनी एक खरीफ़ (बारिश के मौसम की) दाना-ज्वार हाइब्रिड है, जिसे 1997 में नेशनल रिसर्च सेंटर फ़ॉर सोर्घम (अब आईसीएआर-आईआईएमआर), हैदराबाद ने जारी किया, और जो दक्खन के दाना-ज्वार पट्टी — महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान व तमिलनाडु — में सुझाई जाती है। यह ख़ासतौर पर अच्छी गुणवत्ता, फफूंद-सहनशील दाने के लिए जानी जाती है: पूर्वी भारत के स्वतंत्र खेत अध्ययनों में इसके बोल्ड, गोल, चमकदार दाने ने अन्य खरीफ़ किस्मों से 21% तक ज़्यादा बाज़ार मूल्य पाया — दाने की यह गुणवत्ता मायने रखती है क्योंकि गीले खरीफ़ मौसम में दाना पकते समय बारिश ही दाना-फफूंद (ग्रेन मोल्ड) को न्योता देती है।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
100–105 दिन
अपेक्षित उपज
25–30 क्विंटल/हेक्टेयर
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- बोल्ड, गोल, चमकदार दाना पैदा करने के लिए दर्ज, जो अन्य खरीफ़ किस्मों की तुलना में फफूंद-रंगहीनता को बेहतर सहता है और खेत तुलनाओं में बाज़ार-मूल्य में बढ़त पाता है
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- पूर्वी भारत की स्वतंत्र खेत तुलनाओं में अन्य जारी व स्थानीय लोकप्रिय किस्मों से 21% तक ज़्यादा बाज़ार मूल्य
- व्यापक आधिकारिक सिफ़ारिश — नौ राज्यों में फैली, राष्ट्रीय स्तर पर जारी सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली खरीफ़ ज्वार हाइब्रिड में से एक
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
- तेलंगाना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सीएसएच 16 के दाने को बाज़ार में ज़्यादा मूल्य क्यों मिलता है?
पूर्वी भारत की खेत तुलनाओं में इसके बोल्ड, गोल, चमकदार दाने ने अपनी गुणवत्ता बनाए रखी — गीली खरीफ़ कटाई में अन्य किस्मों में दाना-फफूंद से होने वाली रंगहीनता को इतना बेहतर सहा कि उन्हीं परीक्षणों में अन्य किस्मों से 21% तक ज़्यादा मूल्य मिला।
