JRO-524 (Navin)
भारत में सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली तोसा किस्म, CRIJAF में अफ्रीकी × देशी संकरण से विकसित। अभी इसके लिए अलग से शोध कर विस्तृत पेज नहीं बनाया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- जूट
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 120–130 दिन
- अपेक्षित उपज
- अच्छे प्रबंधन में 32–40 क्विंटल/हेक्टेयर रेशा
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- आईसीएआर-सीआरआईजेएएफ़, बैरकपुर, पश्चिम बंगाल — 1977 में जारी, सूडान ग्रीन × जेआरओ 632 का संकरण
इस किस्म के बारे में
जेआरओ-524 (नवीन) एक तोसा जूट (Corchorus olitorius) किस्म है, जिसे आईसीएआर-सीआरआईजेएएफ़ ने 1977 में जारी किया, जो सूडान ग्रीन × जेआरओ 632 के संकरण से विकसित हुई — एक अफ़्रीकी × देसी संकरण, जो इस रिकॉर्ड के मौजूदा नोट से मेल खाता है। इसका अपना ड्राफ़्ट जीनोम अलग से प्रकाशित हुआ है (PubMed/ScienceDirect), जो भारत में सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली तोसा जूट किस्म के रूप में इसकी स्थिति दर्शाता है। इसकी फलियाँ नॉन-शैटरिंग हैं और मार्च के मध्य जितनी जल्दी बुवाई पर भी असामयिक फूल आने से बचती हैं, और खेत-रिपोर्ट इसे आम तोसा किस्मों में पीली मकड़ी के प्रति सबसे कम संवेदनशील व अधिक-वर्षा स्थितियों में जड़ सड़न प्रतिरोधी बताती हैं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
120–130 दिन
अपेक्षित उपज
अच्छे प्रबंधन में 32–40 क्विंटल/हेक्टेयर रेशा
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखने योग्य बातें
- 2026-08-15 को सुधारा गया: एक सीधे प्राप्त तकनीकी प्रस्तुति व एक सहकर्मी-समीक्षित जीनोम-अनुक्रमण शोधपत्र दोनों लगभग 32–40 क्विंटल/हेक्टेयर (3.4–3.6 टन/हेक्टेयर) रेशा उपज बताते हैं, जो इस रिकॉर्ड की पुरानी "25–28 क्विंटल/हेक्टेयर" yieldPotential से अधिक थी — yieldPotential को "32–40 क्विंटल/हेक्टेयर" में सुधारा गया।
- 2026-08-15 को सुधारा गया: स्रोत सामग्री जड़ सड़न को प्रतिरोध के रूप में निर्दिष्ट करती है (न कि इस रिकॉर्ड की diseaseResistance फ़ील्ड में पहले बताई गई तना सड़न) और पीली मकड़ी सहनशीलता को एक अलग, अतिरिक्त गुण के रूप में जोड़ती है — diseaseResistance को जड़ सड़न-प्रतिरोध नाम देने (जो एक तथ्यात्मक नाम-त्रुटि थी) व पीली मकड़ी सहनशीलता का उल्लेख करने के लिए सुधारा गया।
- सीआरआईजेएएफ़ की अपनी डोमेन व AICRP जूट-नेटवर्क साइट दोनों इस चरण में सुलभ नहीं हुईं (DNS विफलता), इस चरण के अन्य जूट रिकॉर्ड की तरह ही — यहाँ सभी तथ्य एक सीधे प्राप्त तकनीकी प्रस्तुति व स्वतंत्र रूप से पुष्ट वेबसर्च/PubMed परिणामों पर आधारित हैं, किसी सीधे पढ़े गए सीआरआईजेएएफ़ जारी-दस्तावेज़ पर नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- पश्चिम बंगाल
- बिहार
- असम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जेआरओ-524 (नवीन) को किसने और कब जारी किया?
आईसीएआर-सीआरआईजेएएफ़, बैरकपुर ने इसे 1977 में जारी किया, जो सूडान ग्रीन × जेआरओ 632 के संकरण से विकसित हुई।
जेआरओ-524 (नवीन) सबसे व्यापक रूप से उगाई जाने वाली तोसा जूट किस्म क्यों है?
यह नॉन-शैटरिंग फलियाँ, मार्च के मध्य में बुवाई पर असामयिक फूल-प्रतिरोध, पीली मकड़ी के प्रति कम संवेदनशीलता, व अधिक-वर्षा स्थितियों में जड़ सड़न प्रतिरोध का सम्मिश्रण है — एक सुसंतुलित पैकेज जिसने इसे प्रमुख तोसा किस्म बनाया है; यह इतनी महत्वपूर्ण है कि इसका अपना ड्राफ़्ट जीनोम अलग से अनुक्रमित व प्रकाशित हो चुका है।
क्या जेआरओ-524 को बिना बोल्टिंग के अगेती बोया जा सकता है?
हाँ — मार्च के मध्य जितनी जल्दी बुवाई करने पर भी असामयिक फूल नहीं आते, यह एक वास्तविक प्रजनित गुण है, न कि केवल सामान्य तोसा-जूट व्यवहार।
जेआरओ-524 कितनी रेशा उपज देती है?
एक सीधे प्राप्त तकनीकी प्रस्तुति व एक सहकर्मी-समीक्षित जीनोम शोधपत्र दोनों लगभग 32–40 क्विंटल/हेक्टेयर बताते हैं — इस रिकॉर्ड के yieldPotential फ़ील्ड को उसी दायरे में सुधारा गया।
क्या जेआरओ-524 पीली मकड़ी प्रतिरोधी है?
स्रोत खेत-रिपोर्ट इसे आम तोसा जूट किस्मों में पीली मकड़ी के प्रति सबसे कम संवेदनशील बताती हैं — इस रिकॉर्ड की diseaseResistance फ़ील्ड को इस गुण का नाम देने के लिए सुधारा गया, साथ ही जड़ सड़न-प्रतिरोध (जिसे पहले ग़लती से तना सड़न-प्रतिरोध बताया गया था) के लिए भी।
